गोरखपुर महोत्सव 2027 की तैयारियां तेज: दिखेगी संस्कृति और विकास की झलक, अलग-अलग बनेंगे प्रवेश और निकास द्वार
गोरखपुर महोत्सव 2027 की तैयारियां तेज हो गई हैं, जिसमें संस्कृति, कला, साहित्य के साथ आधुनिक विकास और विज्ञान की झलक दिखेगी।

इस फोटो को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।
HighLights
महोत्सव में संस्कृति, विकास, विज्ञान और तकनीक की झलक।
सुरक्षा, स्वच्छता, यातायात प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
नक्षत्रशाला में 17 मीटर का आधुनिक थ्री-डी डोम स्थापित।
जागरण संवाददाता, गोरखपुर। गोरखपुर महोत्सव-2027 को भव्य, आकर्षक और ऐतिहासिक बनाने की तैयारियां तेज हो गई हैं। इस बार चंपा देवी पार्क में संस्कृति, कला, साहित्य और लोक परंपराओं के साथ आधुनिक विकास की झलक भी देखने को मिलेगी।
महोत्सव में आने वाले लोगों को मनोरंजन के साथ ज्ञान-विज्ञान, हस्तशिल्प, कृषि और तकनीक से जुड़ी प्रदर्शनियों का भी अनुभव मिलेगा। आयोजन की रूपरेखा को अंतिम रूप देने के लिए गुरुवार को कमिश्नर इन्द्र विक्रम सिंह ने चम्पा देवी पार्क का स्थलीय निरीक्षण किया।
उन्होंने कार्यक्रम स्थल के ले-आउट से लेकर मुख्य मंच, प्रदर्शनी, पुस्तक मेला, व्यावसायिक स्टाल और फूड कोर्ट के लिए प्रस्तावित स्थानों का जायजा लिया। साथ ही सभी संबंधित विभागों को अभी से तैयारियां शुरू कर समयबद्ध ढंग से पूरी करने के निर्देश दिए।
महोत्सव में ऑटोमोबाइल, हस्तशिल्प, कृषि और विज्ञान प्रदर्शनी प्रमुख आकर्षण होंगी। इनके लिए अलग-अलग स्थान चिह्नित किए जा रहे हैं। पुस्तक मेले के साथ व्यावसायिक स्टाल और फूड कोर्ट भी स्थापित किए जाएंगे। इससे लोगों को एक ही परिसर में मनोरंजन, खरीदारी, खानपान और ज्ञानवर्धक गतिविधियों का अवसर मिलेगा।

कमिश्नर ने कहा कि गोरखपुर महोत्सव जनपद की सांस्कृतिक विरासत, कला, साहित्य और लोक परंपराओं को प्रदर्शित करने का महत्वपूर्ण मंच है। इसमें जिले के साथ आसपास के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। इसलिए आयोजन की हर व्यवस्था पहले से दुरुस्त होनी चाहिए।
भीड़ प्रबंधन से लेकर स्वच्छता तक पर रहेगा जोर
महोत्सव में बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए कमिश्नर ने सुरक्षा, यातायात और जनसुविधाओं को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। वीआईपी और आम जनता के लिए अलग-अलग प्रवेश और निकास द्वार बनाए जाएंगे। पुलिस प्रशासन को रूट डायवर्जन और पार्किंग की विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने को कहा गया है, ताकि आयोजन के दौरान यातायात व्यवस्था प्रभावित न हो। पूरे परिसर को सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में रखा जाएगा।
नगर आयुक्त को चंपा देवी पार्क के साथ रामगढ़ताल के आसपास विशेष स्वच्छता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। आयोजन स्थल पर पर्याप्त संख्या में मोबाइल टॉयलेट, पेयजल टैंकर और डस्टबिन की व्यवस्था भी सुनिश्चित करनी होगी। कमिश्नर ने स्पष्ट किया कि महोत्सव में आने वाले लोगों को किसी तरह की असुविधा नहीं होनी चाहिए। सभी विभाग आपसी समन्वय से काम करते हुए व्यवस्थाओं को समय से पूरा करें।
संस्कृति के साथ विकास और आधुनिकता की भी दिखेगी झलक
महोत्सव को केवल सांस्कृतिक आयोजनों तक सीमित रखने के बजाय जिले की विकास यात्रा और उपलब्धियों को भी सामने लाने की तैयारी है। विज्ञान, कृषि और ऑटोमोबाइल प्रदर्शनियों के जरिये नई तकनीक और नवाचार से लोगों को रूबरू कराया जाएगा। हस्तशिल्प प्रदर्शनी में स्थानीय कला और उत्पादों को मंच मिलेगा। पुस्तक मेले से साहित्य और पढ़ने की संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा। वहीं, फूड कोर्ट और व्यावसायिक स्टाल आयोजन को और आकर्षक बनाएंगे।
कमिश्नर ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि कार्यक्रम स्थल की व्यवस्था इस तरह तैयार की जाए कि अलग-अलग गतिविधियों के लिए पर्याप्त जगह रहे और लोगों की आवाजाही सुगम बनी रहे। आयोजन की भव्यता के साथ सुरक्षा, स्वच्छता और सुविधाओं के मानकों से कोई समझौता नहीं होना चाहिए।
निरीक्षण के दौरान जीडीए उपाध्यक्ष अभिनव गोपाल, नगर आयुक्त अजय जैन, उप निदेशक पर्यटन राजेंद्र यादव, जीडीए के मुख्य अभियंता किशन सिंह और लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता यूपी सिंह सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
17 मीटर के थ्री-डी डोम में जल्द होगी अंतरिक्ष की सैर
वीर बहादुर सिंह नक्षत्रशाला में अब दर्शकों को अंतरिक्ष की रोमांचक सैर का नया अनुभव मिलने जा रहा है। अमेरिका से मंगाया गया 17 मीटर व्यास का आधुनिक थ्री-डी डोम स्थापित हो चुका है। इसके साथ लगे फोर-के प्रोजेक्शन सिस्टम का ट्रायल भी पूरा कर लिया गया है। यह प्रदेश का सबसे बड़ा डोम है। लखनऊ की इंदिरा गांधी नक्षत्रशाला और रामपुर की आर्यभट्ट नक्षत्रशाला का डोम भी इससे छोटा है।
कमिश्नर इन्द्र विक्रम सिंह ने गुरुवार को नक्षत्रशाला और क्षेत्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी केंद्र का निरीक्षण कर आधुनिकीकरण और निर्माण कार्यों की प्रगति देखी। नक्षत्रशाला के आधुनिकीकरण पर 46.88 करोड़ और महंत अवेद्यनाथ ज्ञान-विज्ञान पार्क पर 15.89 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। दोनों परियोजनाओं का इसी माह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लोकार्पण करेंगे।
ज्ञान-विज्ञान पार्क में डायनासोरियम, फन साइंस, इनोवेशन लैब, वीआर शो रूम, इंडोर एंसिएंट इंडियन साइंस गैलरी और किड्स जोन विकसित किए गए हैं। नक्षत्रशाला के चारों ओर स्पेस साइंस गैलरी भी बनाई गई है। पार्किंग, कैफेटेरिया, टिकट घर और स्मृति चिह्नों की दुकान तैयार हैं। एसटीपी, मुख्य प्रवेश द्वार, ओपन एयर थिएटर के टेन्साइल फैब्रिक और स्पेस गैलरी के कुछ हिस्सों में फिनिशिंग का काम चल रहा है।
कमिश्नर ने सभी कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि ये परियोजनाएं बच्चों और युवाओं में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने के साथ खगोल विज्ञान के प्रति रुचि बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
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