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बात 10 साल बाद समझ में आई, गोरखपुर मेडिकल कॉलेज नाले की बढ़ेगी गहराई

Published: Sat, 30 May 2026 12:01 PM (IST)

गोरखपुर में मेडिकल कॉलेज रोड पर नाले की पुरानी डिजाइन में बदलाव किया जाएगा, जिसमें पासपोर्ट कार्यालय से खजांची चौक ...और पढ़ें

मेडिकल कालेज रोड पर शाहपुर थाने की तरफ जाने वाले पर जाम नाला। जागरण

मेडिकल कालेज रोड पर शाहपुर थाने की तरफ जाने वाले पर जाम नाला। जागरण

HighLights

  1. मेडिकल कॉलेज रोड नाले की डिजाइन बदलेगी।

  2. पासपोर्ट कार्यालय से खजांची चौक तक काम।

  3. 12 करोड़ रुपये से गहराई बढ़ाई जाएगी।

जागरण संवाददाता, गोरखपुर। मेडिकल कालेज रोड पर बने नाले की डिजाइन में पासपोर्ट कार्यालय से खजांची चौक तक बदलाव किया जाएगा। इसकी स्वीकृति मिल चुकी है। कहीं नाले की गहराई बढ़ाई जाएगी तो कहीं नाला फिर से बनाया जाएगा। इन कार्यों पर 12 करोड़ रुपये खर्च होंगे। लोक निर्माण विभाग के निर्माण खंड तीन ने काम का मूल्यांकन शुरू करा दिया है। वर्षा के पहले काम पूरा करने पर अभियंताओं का जोर है।

वर्ष 2016 में असुरन से परतावल तक फोरलेन सड़क और असुरन से मेडिकल कालेज की ओर सड़क के दोनों तरफ नाला व डक्ट निर्माण की स्वीकृति मिली। नाला निर्माण का डिजाइन जब सामने आया तो लोगों ने ऊंचाई को लेकर सवाल करना शुरू कर दिया।

कहा कि नाले की ऊंचाई ज्यादा होने के कारण कालोनियों का पानी नाले में जाना संभव नहीं होगा। इस कारण वर्षा के मौसम में कालोनियों में जलभराव होना तय है। विरोध के बीच काम शुरू हुआ। जब वर्षा होती, कालोनियों में जलभराव से लोगों का जीना मुहाल हो जाता।

कभी पार्षदों ने प्रदर्शन किया तो कभी अधिकारियों ने लोक निर्माण विभाग व नगर निगम की संयुक्त टीम बनाकर जांच कराई लेकिन कोई स्थाई समाधान नहीं किया जा सका। एक बार कई जगह पर कटर से नाले का बेड काटकर गहराई बढ़ाई गई लेकिन इसका भी कोई फायदा नहीं मिला।
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असुरन चौक से मेडिकल कालेज की तरफ जाने वाले मार्ग पर सड़क से उंचा बना नाला। जागरण


हर बार अधिकारियों को समझा देते थे अभियंता
लोक निर्माण विभाग के तत्कालीन अभियंताओं ने अधिकारियों को भरोसा दिया था कि पानी निकालने में कोई परेशानी नहीं होगी लेकिन जब नाला बनकर तैयार हुआ तो गलियों का पानी नाले में नहीं जा पा रहा था। उल्टे नाले का पानी ही गलियों में वापस जाने लगता था। इसके बाद नगर निगम को कई जगहों पर पंपिंग सेट लगवाना पड़ा। वर्ष 2021 में तत्कालीन कमिश्नर रवि कुमार एनजी ने कई बार नगर निगम, पार्षद, लोक निर्माण विभाग के अभियंताओं के साथ बैठक की लेकिन समाधान नहीं निकल सका।

2016 में स्वीकृत हुआ था 183.34 करोड़ रुपये का बजट
असुरन-परतावल की 19.4 किमी सड़क को फोरलेन सीसी रोड बनाने के लिए मई 2016 में 183.34 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत हुआ था। मेडिकल कालेज से असुरन तक डामर वाली सड़क बननी थी। बाद में इसे भी सीसी रोड बनाते हुए माडल रोड के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया गया। इसके लिए अगल-बगल के मकान तोड़े गए। पुन: मकानों के मुआवजा को शामिल करते हुए 434.91 करोड़ रुपये का पुनरीक्षित बजट बना।


नाले के लिए मूल्यांकन शुरू करा दिया गया है। वर्षा के पहले काम पूरा कराने का लक्ष्य रखा गया है। कालोनियों का पानी नाले के रास्ते होते हुए गोड़धोइया नाले में चला जाएगा।

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-यूपी सिंह, अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग, निर्माण खंड तीन

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