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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 02, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Gorakhpur Pollution: शुद्ध हुई हवा, देश के 10 शहरों में शामिल हुआ गोरखपुर; जानें- कैसे मिली सफलता

    By Jagran NewsEdited By: Pragati Chand
    Updated: Thu, 02 Nov 2023 08:47 AM (IST)

    गोरखपुर नगर निगम के प्रयासों से महानगर की वायु गुणवत्ता में सुधार आ गया है। शहर की हवा में शुद्धता आने लगी है। यह बात वर्ल्ड रिसोर्स इंस्टीट्यूट की रि ...और पढ़ें

    देश के 10 शहरों में शामिल हुआ गोरखपुर। -जागरण
    देश के 10 शहरों में शामिल हुआ गोरखपुर। -जागरण

    जागरण संवाददाता, गोरखपुर। पांच वर्ष तक लगातार वायु गुणवत्ता में खराब स्थिति के बाद महानगर अब नान अटेनमेंट शहर की श्रेणी से धीरे-धीरे बाहर आ रहा है। वर्ल्ड रिसोर्स इंस्टीट्यूट (डब्लूआरआइ) की रिपोर्ट में शुद्ध हवा वाले शहरों में गोरखपुर महानगर सातवें स्थान पर आ गया है। डब्लूआरआइ ने पर्टिकुलेट मैटर (पीएम) 2.5 का स्तर 24.83 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर दर्ज किया है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) ने पीएम 2.5 का स्तर अधिकतम 60 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर बताया है।

    नान अटेनमेंट शहर की श्रेणी में शामिल होने के बाद केंद्र सरकार ने गोरखपुर में राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (एनसीएपी) में शामिल किया है। इसके तहत विभिन्न सुधार कार्यों के लिए नगर निगम को तकरीबन 69 करोड़ रुपये मिलने हैं। इन रुपयों से वायु गुणवत्ता में सुधार से जुड़े कार्य किए जा रहे हैं।

    इसके तहत सड़क की पटरियों पर इंटरलाकिंग, जगह-जगह पौधारोपण, मियावाकी वन, मशीन से पौधों और सड़क पर पानी का छिड़काव, सालिड वेस्ट मैनेजमेंट के तहत कूड़े को वाहनों से एकला बांध तक ले जाने के दौरान ढकने की व्यवस्था की गई है। निर्माण के दौरान निकलने वाले मलबे को निस्तारित करने के लिए महेसरा में प्लांट स्थापित हो रहा है। धूल कम उड़ने से धूल के छोटे कण कम उड़ रहे हैं। इससे पीएम 2.5 का स्तर कम हुआ है।

    एक साल में 340 दिन अच्छे रहे

    डब्लूआरआइ की रिपोर्ट में साल के 365 दिनों में 340 दिन गोरखपुर की वायु गुणवत्ता अच्छी रही। सीपीसीबी की रिपोर्ट को भारत सरकार को भेजा गया था। सीपीसीबी ने वायु गुणवत्ता में और सुधार के लिए नगर निगम के अधिकारियों से बात की है।

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    यह शहर हैं शामिल

    शहर पीएम         2.5 का स्तर

    इंफाल               11.14

    मडिकेरी            17.04

    मैसूर                19.10

    मंगलौर             20.07

    अमरावती         20.78

    हल्दिया            23.45

    गोरखपुर          24.83

    बागलकोट        24.95

    चेन्नई               26.06

    चिक्कबल्लापुर  26.30

    नोट- स्तर माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर

    क्या कहते हैं अधिकारी

    महानगर की वायु शुद्ध हुई है। इसके लिए नगर निगम लगातार काम कर रहा है। डब्लूआरआइ से दो विशेषज्ञ भी मिले हैं। यह वायु गुणवत्ता में और सुधार के लिए सुझाव देंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में यह नगर निगम की बड़ी उपलब्धि है।

    -गौरव सिंह सोगरवाल, नगर आयुक्त