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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 20, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Gorakhpur Link Expressway बनेगा तीव्र विकास का आधार, बड़े निवेशक यहां लगाएंगे औद्योगिक इकाई

    By Jagran NewsEdited By: Vivek Shukla
    Updated: Fri, 20 Jun 2025 08:08 AM (IST)

    योगी सरकार गोरखपुर के दक्षिणांचल में एक नई इंडस्ट्रियल टाउनशिप बना रही है। धुरियापार में 5500 एकड़ में बनने वाली इस टाउनशिप के लिए भूमि अधिग्रहण जारी ...और पढ़ें

    धुरियापार में 5500 एकड़ में बन रही नई इंडस्ट्रियल टाउनशिप, हो रहा भूमि अधिग्रहण
    धुरियापार में 5500 एकड़ में बन रही नई इंडस्ट्रियल टाउनशिप, हो रहा भूमि अधिग्रहण

    HighLights

    1. धुरियापार में 5500 एकड़ में बनेगी इंडस्ट्रियल टाउनशिप |
    2. लिंक एक्सप्रेसवे से दक्षिणांचल का होगा विकास |
    3. अडानी समूह समेत कई निवेशक करेंगे निवेश |

    जागरण संवाददाता, गोरखपुर। जनपद का दक्षिणांचल हिस्सा जो विकास से बिल्कुल अछूता रहा। सड़क जैसी मूलभूत आवश्यक चीज भी नहीं होने की वजह से इस इलाके में दूर-दूर तक आबादी नहीं थी। इन सब वजहों से यह इलाका सबसे पिछड़ा क्षेत्र में शुमार था, आगामी कुछ वर्षों में विकास और नई औद्योगिक पहचान की आभा से चहक उठेगा।

    यह संभव हो सकेगा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों शुक्रवार को लोकार्पित होने जा रहा गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे की वजह से। यह औद्योगिक विकास की नई ऊंचाइयों को गढ़ते हुए न सिर्फ दक्षिणांचल के तीव्र विकास का आधार बनेगा बल्कि इससे इलाके का कायाकल्प हो जाएगा।

    योगी सरकार के लिंक एक्सप्रेसवे की शानदार रोड कनेक्टिविटी से दक्षिणांचल के धुरियापार में नए इंडस्ट्रियल टाउनशिप की परिकल्पना साकार होने जा रही है। इसके लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है और देश की नामी कंपनियों को यहां उद्योग के लिए जमीन भी पसंद आने लगी है। अदाणी सहित कई औद्योगिक घराने यहां निवेश के लिए तैयार हैं गीडा प्रशासन उनको गीडा की तुलना में सस्ते दर पर भूखंड का आवंटन करने जा रहा है।

    इंडस्ट्रियल टाउनशिप के लिए बैक-बोन का काम करेगा लिंक एक्सप्रेसवे

    गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे गोरखपुर को केंद्रित कर पूर्वी यूपी की औद्योगिक प्रगति की इबारत लिखने के लिए सुनहरा पन्ना बनने जा रहा है। इसका सबसे ज्यादा फायदा गोरखपुर जिले के दक्षिणी हिस्से को मिलेगा। गोरखपुर के दक्षिणांचल में स्थित धुरियापार क्षेत्र की स्थिति ऐसी है कि यहां कृषि कार्य भी संभव नहीं हो पाता था।

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    जमीन ऊसर थी, जिस पर कोई फसल मुश्किल से उगती थी, वहां योगी सरकार उद्योगों की फसल लगवाने को तत्पर है। इसके लिए गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण (गीडा) द्वारा 5500 एकड़ में धुरियापार इंडस्ट्रियल टाउनशिप को मूर्त रूप दिया जा रहा है। गीडा द्वारा करीब डेढ़ दर्जन गांवों की करीब 600 एकड़ अनुपजाऊ जमीनों का अधिग्रहण किया जा चुका है।

    यह इंडस्ट्रियल टाउनशिप पूर्वांचल के सबसे बड़े इंडस्ट्रियल लैंड बैंक वाली होगी। योगी सरकार की मंशा यहां बड़े उद्यगों का संजाल बिछाने के साथ इसे इलेक्ट्रानिक मैन्यूफैक्चरिंग कलस्टर के रूप में विकसित करने की है। इस इंडस्ट्रियल टाउनशिप के लिए गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे बैक बोन का काम करेगा।

    औद्योगिक विकास के साथ आएगी रोजगार की बहार

    धुरियापार की पहचान अति पिछड़े क्षेत्र के रूप में रही लेकिन आने वाले दिनों में इसकी ख्याति गोरखपुर के नए औद्योगिक क्षेत्र के गेटवे के रूप में होगी। बीते आठ सालों में देश-दुनिया के कई निवेशकों का रुझान गोरखपुर की तरफ देखते हुए सरकार धुरियापार क्षेत्र को ग्रेटर गीडा बनाने की तैयारी कर रही है।

    औद्योगिक विकास के साथ ही यहां रोजगार की बहार भी बहेगी। मूर्त रूप में आने के बाद इस इंडस्ट्रियल टाउनशिप धुरियापार समूचे गोरखपुर के लिए गेम चेंजर साबित होगी। दरअसल ऊसर धरती पर उद्योगों के जरिये रोजगार की भरपूर छांव मिले, योगी सरकार इसी फ़ार्मूले के तहत ग्रेटर गीडा के रूप में धुरियापार इंडस्ट्रियल टाउनशिप का विकास कर रही है।

    धुरियापार इंडस्ट्रियल टाउनशिप में निवेश के लिए आने लगे प्रस्ताव

    गोरखपुर के दक्षिणांचल के औद्योगिक विकास को लेकर योगी सरकार काफी संजीदा है। धुरियापार में बनने के बाद से ही बंद पड़ी चीनी मिल के कुछ हिस्से में इंडियन ऑयल की तरफ से कम्प्रेस्ड बायो गैस प्लांट लगाया जा चुका है। इस प्लांट के बाद धुरियापार इंडस्ट्रियल टाउनशिप के मूर्त रूप में आने के बाद इस क्षेत्र का कायाकल्प हो जाएगा।

    इंडस्ट्रियल टाउनशिप में लगने वाले उद्योगों से करीब 10,000 से अधिक लोगों को रोजगार सुलभ होगा। धुरियापार इंडस्ट्रियल टाउनशिप के लिए निवेश प्रस्ताव आने शुरू भी हो गए हैं। अडानी समूह ने एसीसी ब्रांड के सीमेंट प्लांट के लिए जमीन की मांग की है। श्री सीमेंट और केयान डिस्टिलरी ने भी नया प्लांट लगाने के लिए जमीन की मांग की है। इसके अलावा कई अन्य औद्योगिक समूह यहां निवेश में रुचि दिखाई है।