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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 19, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    गोरखपुर Police एक्शन में, माफिया विनोद व उसके भाई के खिलाफ दर्ज हुआ एक और मुकदमा; लंबे समय से फरार है बदमाश

    By Jagran NewsEdited By: Pragati Chand
    Updated: Thu, 19 Oct 2023 08:28 AM (GMT+05:30)

    गोरखपुर के टॉप-10 बदमाशों की लिस्ट में शामिल माफिया विनोद उपाध्याय की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। पुलिस ने माफिया व उसके भाई सहित उसके गुर्गों के खिला ...और पढ़ें

    माफिया विनोद व उसके भाई पर एक और मुकदमा। (प्रतीकात्मक तस्वीर)
    माफिया विनोद व उसके भाई पर एक और मुकदमा। (प्रतीकात्मक तस्वीर)

    जागरण संवाददाता, गोरखपुर। एसएसपी के निर्देश पर एक लाख के इनामी माफिया विनोद उपाध्याय और 50 हजार के इनामी उसके भाई संजय उपाध्याय समेत गुर्गों पर रंगदारी व जमीन कब्जा करने के मामले में एक और मुकदमा दर्ज हुआ। यह कार्रवाई देवरिया, न्यू कालोनी के रहने वाले सतीश चंद्र श्रीवास्तव, रामगढ़ताल महुई सुघरपुर के अवध कुमार गुप्ता और गीता वाटिका की रहने वाली विजय लक्ष्मी गुप्ता की तहरीर पर एम्स थाना पुलिस ने की है।

    यह है मामला

    माफिया व उसके भाई ने अपने गुर्गे रोशन पांडेय, प्रदुम्न तिवारी, संतोष के साथ मिलकर पीड़ितों की चहारदीवारी तोड़कर जमीन कब्जा की थी। पीड़ितों ने संयुक्त रूप से एसएसपी को प्रार्थनापत्र देकर बताया था कि रामपुर उर्फ रामगढ़ में जीडीए द्वारा पास की गई चाणक्यपुरी कालोनी में आरजी नंबर-22 में स्वीकृत मानचित्र को देखने के बाद उन्हें जमीन पसंद आई।

    चार जून, 2003 को अवध कुमार गुप्ता ने 2500 वर्गफीट, चार अप्रैल, 2003 को विजय लक्ष्मी गुप्ता ने 2450 फीट और 20 सितंबर, 2002 को सतीश चंद्र श्रीवास्तव ने 2450 वर्गफीट जमीन का पैसा देकर भूपेंद्र नाथ त्रिपाठी से रजिस्टर्ड बैनामा कराया। इसके बाद उक्त जमीन पर टिन शेड डलवाकर चहारदीवारी बनवा दी।

    कुछ दिन बाद माफिया व उसके भाई ने गुर्गों के साथ मिलकर चहारदीवारी तोड़ दी। विरोध करने पर गाली देते हुए जान से मारने की धमकी दी। माफिया व उसके भाई ने पिस्टल सटाकर कहा, जमीन लेनी है तो सभी लोग मिलकर 20 लाख रुपये दो। आरोपितों ने कहा, यदि जमीन पर दिखाई दोगे या किसी को या थाने पर सूचना दोगे तो परिवार समेत सभी की हत्या करा देंगे। मजबूर होकर सभी घर चले गए। बीच-बीच में माफिया उन लोगों को बुलवाकर प्रताड़ित करता रहा। साथ ही फर्जी कागजात बनवाकर जमीन पर रहने लगा।

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    बच्चों की पढ़ाई भी छोड़वा चुका है माफिया

    माफिया विनोद उपाध्याय लंबे समय से फरार चल रहा है। पुलिस के अनुसार उसकी अंतिम लोकेशन नेपाल में मिली थी। पुलिस ने इसकी गिरफ्तारी के लिए दोस्त, रिश्तेदार व बच्चों के स्कूल में पूछताछ की। पुलिस के पहुंचने पर उसका कोई रिश्तेदार घर पर नहीं मिला। पुलिस की जांच में सामने आया कि माफिया के बच्चे लखनऊ स्थित जिस स्कूल में पढ़ रहे थे, वहां से उनका नाम कटवाया जा चुका है। बच्चे व पत्नी कहां हैं? पुलिस इसका पता लगा रही है।

    क्या कहते हैं अधिकारी

    माफिया विनोद उपाध्याय के विरुद्ध रंगदारी मांगने और जमीन कब्जा करने के आरोप में एक और मुकदमा दर्ज किया गया है। उसकी तलाश में पुलिस छापेमारी कर रही है। जल्द ही पुलिस उसे गिरफ्तार कर लेगी। -कृष्ण कुमार बिश्नोई, एसपी सिटी

    भू-माफिया कमलेश के विरुद्ध आरोपपत्र दाखिल

    भू माफिया कमलेश यादव, उसके साथी दीनानाथ पासवान और इन दोनों की पत्नियों के विरुद्ध दर्ज केस में से पांच में पुलिस ने कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी है। इसके साथ ही पुलिस ने इस गिरोह के गैंगस्टर की फाइल भी तैयार कर ली है। पुलिस की कोशिश है कि आरोपितों पर जल्द गैंगस्टर की कार्रवाई पूरी कर उनकी संपत्ति जब्ती की कार्रवाई शुरू की जाए।

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    एम्स थाना पुलिस ने अब तक कमलेश और उसके साथियों पर 36 से अधिक मुकदमा दर्ज कर चुकी है। कमलेश अपने करीबी साथी दीनानाथ पासवान के साथ मिलकर सीलिंग की जमीनों को बेचा है। रुद्रापुर, कुसम्ही में कई लोगों को उसने जमीन बेचकर करोड़ों हड़पा है। इसमें से कई लोग तो ऐसे हैं, जिन्हें जमीन भी नहीं दी गई है और लाखों रुपये की ठगी कर ली है। अगस्त में एक सैनिक की पत्नी के सामने आने के बाद पुलिस ने केस दर्ज किया और फिर क्षेत्र में कमलेश के विरुद्ध एलाउंस कराया।

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    बताया गया कि अगर कमलेश ने किसी के साथ ठगी की है तो वह आगे आए। इसके बाद 26 लोग सामने आए। जो एम्स क्षेत्र के रहने वाले हैं, जिनकी तहरीर पर केस दर्ज किया गया। वहीं, पांच केस पहले से ही दर्ज हैं। पुलिस के अनुसार गैंगस्टर की फाइल तैयार है। जल्द ही फाइल जिलाधिकारी के पास पहुंचेगी और फिर आदेश मिलते ही पुलिस गैंगस्टर की कार्रवाई करेगी।