लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ गैंग के शशांक-श्रेयांस की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम गठित
गोरखपुर पुलिस ने लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ गिरोह से जुड़े शशांक पांडेय और श्रेयांस यादव की गिरफ्तारी के लिए टीम गठित की है। ये दोनों असलहा सप्लाई ...और पढ़ें

HighLights
पुलिस ने शशांक पांडेय और श्रेयांस यादव की गिरफ्तारी को टीम बनाई।
दोनों लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ गिरोह से जुड़े हैं।
ये असलहा सप्लाई और लूटपाट की वारदातों में शामिल थे।
जागरण संवाददाता, गोरखपुर। लारेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ गिरोह से जुड़े शशांक पांडेय और श्रेयांस यादव को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस टीम गठित कर दी गई है। कैंट थाना के सिंघड़िया में परिवार के साथ शशांक रहता था। बाद में दोनों गिरोह से जुड़कर असलहे का सप्लाई करने लगा और फिर अपने साथी श्रेयांस को भी जोड़ लिया।
राजकुमार चौहान हत्याकांड में असलहा उपलब्ध कराने वाले मनीष यादव की गिरफ्तारी के बाद एक बार फिर दोनों चर्चा में आए। इसके बाद जागरण ने दोनों अपराधियों को लेकर खबर प्रकाशित किया, जिसके बाद दोनों की गिरफ्तारी के लिए अधिकारियों ने टीम गठित की।
बिहार, पश्चिम चंपारण जिले के मैनाटारह थाना क्षेत्र स्थित चुठहा गांव निवासी नित्यानंद पांडेय 10 साल पहले नौकरी की तलाश में परिवार के साथ गोरखपुर आए थे। सिंघड़िया के स्वर्णनगर में बंद हो चुकी नमकीन फैक्ट्री के कमरे में वह परिवार के साथ रहते थे। वर्ष 2018 में उनकी मौत हो गई।
इसके बाद नित्यानंद की पत्नी और उनके तीन पुत्र यहां रहने लगे। वर्ष 2020-21 में बड़ा बेटा विदेश चला गया। दूसरे नंबर का बेटा ठीकेदारी करने लगा। सबसे छोटा शशांक इंटर के बाद पालीटेक्निक की पढ़ाई करने मथुरा चला गया, फिर उसकी मां कमरा छोड़कर अपने गांव चली गई।
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ढाई वर्ष बाद शशांक गोरखपुर लौटा और दोस्तों को बताया कि उसे अंबाला में नौकरी मिल गई है, लेकिन वहां पर लारेंस विश्नोई व गोल्डी बराड़ गैंग से जुड़कर वह लूट की वारदात करने के साथ ही असलहा की सप्लाई करने लगा। बीच-बीच में वह गोरखपुर भी आता रहा और अपने दोस्तों के साथ पार्टी करता, मांग के अनुसार असलहा उपलब्ध कराता। धीरे-धीरे उसने अपने गिरोह में बिहार के रहने वाले श्रेयांस यादव को भी जोड़ लिया। फिर दोनों मिलकर असलहे का सप्लाई करने लगे।
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जुलाई 2022 में शशांक और उसके साथियों को अंबाला पुलिस ने असलहे के साथ पकड़ा। पूछताछ में उसने बताया कि वह गोरखपुर स्थित मकान में रहता है। 21 जून 2022 को वह गोरखपुर गया था, दोस्तों के साथ पार्टी की थी। इसे बाद सक्रिय अंबाला पुलिस और एसटीएफ शशांक के गिरोह की तलाश में जुट गई।
गोरखपुर, बिहार, देवरिया समेत अन्य जिलों में छापेमारी की, उसके कुछ दोस्तों से भी पूछताछ की। एसपी नार्थ ज्ञानेंद्र ने बताया कि दोनों अपराधियों की गिरफ्तारी का प्रयास चल रहा है।