Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 09, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    बदल रहा रेलवे: अब 16 कोच की होगी गोरखपुर-प्रयागराज वंदे भारत ट्रेन, यात्रा होगी और भी आसान

    Updated: Fri, 09 May 2025 12:21 PM (GMT+05:30)

    गोरखपुर-प्रयागराज वंदे भारत ट्रेन अब 8 की जगह 16 कोच के साथ चलेगी। रेलवे बोर्ड ने पूर्वोत्तर रेलवे को दिशा-निर्देश जारी किए हैं जिससे यात्रियों को अयो ...और पढ़ें

    16 कोच की होगी वंदे भारत। जागरण
    16 कोच की होगी वंदे भारत। जागरण

    HighLights

    1. यात्रियों की सुविधा के लिए प्रस्ताव तैयार, आठ कोच वाली चल रही सेमी हाईस्पीड ट्रेन
    2. बढ़ने लगी वंदे भारत की डिमांड, सुगम होगी अयोध्या, लखनऊ और प्रयागराज की राह

    प्रेम नारायण द्विवेदी, जागरण, गोरखपुर। गोरखपुर-अयोध्या-लखनऊ-प्रयागराज की यात्रा और सुगम होगी। गोरखपुर जंक्शन से चल रही सेमी हाईस्पीड ट्रेन की पूरी रेक बदल जाएगी। जल्द ही आठ कोच वाली वंदे भारत की जगह नई सुविधा संपन्न 16 कोच की ट्रेन चलने लगेगी।

    रेक में कोचों की संख्या बढ़ जाने से अधिक संख्या में यात्री अयोध्या, लखनऊ और प्रयागराज तक की यात्रा कर सकेंगे। यात्रियों की सुविधा के लिए रेलवे बोर्ड ने पूर्वोत्तर रेलवे प्रशासन को नई रेक वाली वंदे भारत ट्रेन चलाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिया है।

    रेलवे बोर्ड की चिट्ठी के बाद रेलवे प्रशासन में हलचल बढ़ गई है। गोरखपुर से प्रयागराज के बीच चल रही 22549/50 नंबर की वंदे भारत की रेक की कुछ माह पहले ही मरम्मत हुई है। इस रेक में सात एसी चेयरकार और एग्जीक्यूटिव चेयरकार लगती है।

    गोरखपुर में डिपो नहीं होने के चलते आठ कोच वाली वंदे भारत की ही समय से सफाई-धुलाई व मरम्मत नहीं हो पा रही। ऐसे में 16 कोच वाली वंदे भारत की सफाई-धुलाई, मरम्मत व संचालन को लेकर संबंधित विभागों में मंथन तेज हो गया है।

    खबरें और भी

    इसे भी पढ़ें- India-Pakistan War: गोरखपुर एयरपोर्ट पर बढ़ी सतर्कता, चप्पे-चप्पे पर सुरक्षाकर्मी तैनात; BCAS ने दिया कड़ा निर्देश

    जानकारों का कहना है कि धीरे-धीरे वंदे भारत की डिमांड बढ़ने लगी है। गोरखपुर से अयोध्या और लखनऊ से प्रयागराज के बीच यात्रियों की संख्या बढ़ने लगी है। स्वदेशी तकनीक से निर्मित पूरी तरह वातानुकूलित यह ट्रेन आठ और 16 कोच की होती है। गोरखपुर से आठ कोच वाली वंदे भारत ट्रेन ही चलाई गई।

    सात जुलाई, 2023 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गोरखपुर जंक्शन से इस पहली ट्रेन को हरी झंडी दिखाई थी। शुरुआत में यह ट्रेन अयोध्या के रास्ते लखनऊ तक चलती थी। यात्रियों की मांग बढ़ी तो प्रयागराज तक इसका मार्ग विस्तार कर दिया गया।

    \

    रेलवे बोर्ड ने जारी किए निर्देश। जागरण


    आने वाले दिनों में मुख्यालय गोरखपुर सहित लगभग पूर्वोत्तर रेलवे के सभी प्रमुख रूटों पर अब वंदे भारत ट्रेनें ही चलाई जाएगी। गोरखपुर से दिल्ली और आगरा के बीच स्लीपर वंदे भारत के अलावा वाराणसी के रास्ते प्रयागराज सहित कुल सात वंदे भारत और दो अमृत भारत सहित कुल 17 ट्रेन चलाने का प्रस्ताव है।

    रेलवे बोर्ड ने वातानुकूलित, शयनयान, और साधारण कोच वाली अलग-अलग वंदे भारत और अमृत भारत ट्रेन चलाने की योजना तैयार की है। संभावना जताई जा रही है कि गोरखपुर से दिल्ली के बीच भी गुलाबी रंग की स्लीपर वंदे भारत जल्द चलने लगेगी।

    इसे भी पढ़ें- मुश्किल में सफर: गोरखपुर जंक्शन पर एक और 'Mega Block' की तैयारी, 225 दिनों तक यात्रियों को हो सकती है परेशानी

    गोरखपुर से पटना के बीच भी जल्द चलेगी वंदे भारत ट्रेन

    गोरखपुर से पटना के बीच भी वंदे भारत ट्रेन का संचालन जल्द आरंभ हो जाएगा। हालांकि, इस ट्रेन का रूट और समय अभी फाइनल नहीं हो सका है। मंथन चल रहा है। गोरखपुर से बेतिया-नरकटियागंज-मुजफ्फरपुर-पटना रूट के अलावा गोरखपुर-कप्तानगंज-थावे-गोपालगंज-पाटलिपुत्र मार्ग को लेकर भी चर्चा है।

    जानकारों का कहना है कि यथाशीघ्र रूट व समय का निर्धारण कर लिया जाएगा। नई रेक भी गोरखपुर पहुंच जाएगी। यह ट्रेन गोरखपुर से सुबह चार बजे से चलकर रात को साढ़े नौ बजे तक वापस आ जाएगी। गोरखपुर और बेतिया दौर पर आए रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव ने गोरखपुर-पटना नई वंदे भारत ट्रेन चलाने की घोषणा की थी।