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    गोरखपुर का गौरव संग्रहालय, पूर्वांचल की समृद्ध विरासत को जीवंत करेगा यह नया केंद्र

    Updated: Sat, 25 Apr 2026 02:49 PM (IST)

    गोरखपुर की 1899 की ऐतिहासिक म्यूनिसिपल बिल्डिंग 37.92 करोड़ की लागत से 'गौरव संग्रहालय' में बदल रही है। यह संग्रहालय वैदिक काल से स्वतंत्रता संग्राम त ...और पढ़ें

    पुलिस लाइन के सामने निर्माणाधिन गौरव संग्रहालय। जागरण

    पुलिस लाइन के सामने निर्माणाधिन गौरव संग्रहालय। जागरण

    HighLights

    1. 1899 की म्यूनिसिपल बिल्डिंग बन रही गौरव संग्रहालय।

    2. 37.92 करोड़ की लागत से पूर्वांचल का इतिहास प्रदर्शित।

    3. वैदिक काल से स्वतंत्रता संग्राम तक की यात्रा दिखेगी।


    जागरण संवाददाता, गोरखपुर। पुलिस लाइन के सामने 1899 की ऐतिहासिक म्यूनिसिपल बिल्डिंग इन दिनों एक नए रूपांतरण की साक्षी बन रही है। कभी प्रशासनिक गतिविधियों का केंद्र रही यह इमारत अब पूर्वांचल की सांस्कृतिक, धार्मिक और ऐतिहासिक विरासत को संजोने वाले ‘गौरव संग्रहालय’ के रूप में आकार ले रही है। करीब 1.6 एकड़ क्षेत्र यह संग्रहालय 37.92 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हो रहा है।

    परियोजना अब अंतिम चरण में पहुंच गई है। पहले चरण में 23.36 करोड़ रुपये की लागत से भवन का ढांचा लगभग तैयार कर लिया गया है, जबकि आंतरिक साज-सज्जा और प्रदर्श व्यवस्था के लिए शासन से 18 करोड़ 42 लाख रुपये की स्वीकृत धनराशि की पहली किस्त पांच करोड़ रूपये भी जारी हो चुकी है। कार्यदायी संस्था यूपीपीसीएल तेजी से इसे अंतिम रूप देने में जुटी है, जिससे जल्द ही यह संग्रहालय आमजन के लिए खुल सके।

    इस संग्रहालय की परिकल्पना इसे पारंपरिक प्रदर्श स्थल से आगे ले जाती है। यहां इतिहास को केवल देखा नहीं जाएगा, बल्कि उसे महसूस किया जा सकेगा। वैदिक काल से लेकर स्वतंत्रता संग्राम तक की यात्रा को अलग-अलग सात गैलरियों में इस तरह प्रस्तुत किया जाएगा कि दर्शक समय के विभिन्न पड़ावों से गुजरने का अनुभव करें।

    बुद्ध काल, जैन परंपरा, नाथ पीठ और संत कबीर की विचारधारा को आधुनिक तकनीकों के माध्यम से जीवंत किया जाएगा। संग्रहालय में म्यूरल्स, फ्रेंस्को, स्कल्पचर्स, पेंटिंग्स और टेराकोटा मूर्तियों के जरिए पूर्वांचल की समृद्ध कलात्मक परंपरा को उकेरा जाएगा। वहीं डिजिटल डिस्प्ले, साउंड-लाइट इफेक्ट और इंटरएक्टिव गैलरियां इसे एक आधुनिक संग्रहालय का स्वरूप देंगी, जहां हर उम्र का दर्शक अपने तरीके से इतिहास से जुड़ सकेगा। परिसर में केवल प्रदर्श ही नहीं, बल्कि सुविधाओं का भी व्यापक ख्याल रखा गया है। लाइब्रेरी, कैफेटेरिया, डॉर्मिटरी, कॉन्फ्रेंस हॉल, पार्किंग और स्मरणिका स्टॉल जैसी व्यवस्थाएं इसे एक पूर्ण पर्यटन केंद्र का रूप देंगी।

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    500 दर्शक देख सकेंगे कार्यक्रम
    संग्रहालय के प्रथम तल पर पर एक लघु प्रेक्षागृह भी होगा, जिसमें करीब 500 दर्शक बैठकर किसी कार्यक्रम को देख सकेंगे। पर्यटकों की सुविधा के लिए भूमि तल पर लाइब्रेरी, कैफेटेरिया, डारमेंट्री, कान्फ्रेंस हाल, पार्किंग, स्मरणिका स्टाल आदि की भी समुचित व्यवस्था होगी। भूमि तल का ग्रीन बेल्ट कुसम्ही जंगल में होने का अहसास कराएगा। प्रदर्श के तौर पर सजाई गईं टेराकोटा मूर्तियां जिले की शिल्प समृद्धि का आईना होंगी।

    गैलरी और उसके प्रदर्श

    • गैलरी-1 : वैदिक काल को समर्पित
    • गैलरी-2 : बुद्ध काल को समर्पित
    • गैलरी-3 : जैन काल को समर्पित
    • गैलरी-4 : नाथ पीठ को समर्पित
    • गैलरी-5 : संत कबीर को समर्पित
    • गैलरी- 6 व 7 : स्वतंत्रता संग्राम में पूर्वांचल



    गौरव संग्रहालय के भवन का निर्माण कार्य अंतिम चरण में चल रहा है। संग्रहालय के आंतरिक कार्य के लिए दूसरे चरण की धनराशि शासन से स्वीकृत हो गई है। पहली किश्त भी मिल गई है। जल्द ही आंतरिक सज्जा का कार्य भी शुरू कर दिया जाएगा। जल्द से जल्द कार्य पूरा कराने और संग्रहालय को लोगों के अवलोकनार्थ खोलने जाने की तैयारी है।

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    राजेंद्र प्रसाद, उप निदेशक, क्षेत्रीय पर्यटन विभाग, गोरखपुर