गोरखपुर में कचहरी से बेतियाहाता तक बनेगी अत्याधुनिक स्मार्ट सड़क, एक साल में टारगेट होगा पूरा
गोरखपुर में कचहरी चौराहा से बेतियाहाता चौराहा तक 18.03 करोड़ रुपये की लागत से एक आधुनिक स्मार्ट सड़क का निर्माण किया जाएगा। नगर निगम द्वारा 12 महीने म ...और पढ़ें

तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए किया गया है। जागरण
HighLights
कचहरी से बेतियाहाता तक बनेगी 780 मीटर स्मार्ट सड़क।
18.03 करोड़ रुपये की लागत, 12 महीने में पूरा होगा काम।
यातायात सुधार, जल निकासी और सुंदरीकरण की सुविधा।
जागरण संवाददाता, गोरखपुर। शहर को अगले एक वर्ष में एक और आधुनिक स्मार्ट सड़क की सौगात मिलने जा रही है। नगर निगम की ओर से कचहरी चौराहा से शास्त्री चौराहा होते हुए बेतियाहाता चौराहा तक सीएम ग्रिड सड़क निर्माण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
इस परियोजना पर कुल 18.03 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। नगर निगम ने 12 महीने में निर्माण कार्य पूरा करने का लक्ष्य तय किया है। ऐसे में अगले साल गर्मी के मौसम से पहले शहरवासियों को नई स्मार्ट सड़क का लाभ मिलने की उम्मीद है।
प्रस्तावित सड़क की लंबाई करीब 780 मीटर होगी। यह मार्ग शहर के सबसे व्यस्त इलाकों में शामिल है, जहां प्रतिदिन हजारों वाहनों और लोगों का आवागमन होता है। सड़क निर्माण के बाद यातायात व्यवस्था पहले से बेहतर होगी और लोगों को जाम की समस्या से काफी राहत मिलेगी।
नगर निगम के अनुसार सीएम ग्रिड योजना के तहत बनने वाली यह सड़क आधुनिक सुविधाओं से लैस होगी। सड़क के दोनों किनारों पर मजबूत जल निकासी व्यवस्था विकसित की जाएगी ताकि वर्षा के दौरान जलभराव की समस्या न हो। इसके अलावा आकर्षक पाथवे, आधुनिक स्ट्रीट लाइट, डिवाइडर और सुंदरीकरण का कार्य भी कराया जाएगा।
नगर निगम की ओर से राप्तीनगर के अलावा गोलघर के आसपास की सड़कों को सीएम ग्रिड योजना से स्मार्ट बना रहा है। कचहरी चौराहा से शास्त्री चौराहा होते हुए बेतियाहाता चौराहा तक की सड़क का निर्माण भी इसी क्रम में है।
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स्मार्ट सड़क बनने से शहर की यातायात व्यवस्था और शहरी स्वरूप दोनों में सुधार दिखाई देगा। साथ ही आसपास के व्यापारिक क्षेत्रों को भी इसका सीधा लाभ मिलेगा। नगर निगम शहर के प्रमुख मार्गों को चरणबद्ध तरीके से स्मार्ट सड़क नेटवर्क से जोड़ने की योजना पर काम कर रहा है।
निर्माण कार्य की गुणवत्ता बनाए रखने और तय समय में परियोजना पूरी कराने के लिए नियमित निगरानी की जाएगी। संबंधित एजेंसी को मानकों के अनुरूप कार्य करने के निर्देश दिए जाएंगे ताकि लोगों को लंबे समय तक बेहतर सड़क सुविधा मिल सके।
-अमित कुमार शर्मा, मुख्य अभियंता, नगर निगम