नेपाल बाढ़ के बाद नदियों में दिखीं अज्ञात मछलियां, मत्स्य विभाग ने जारी किया अलर्ट, जांच होने तक न खाने की सलाह
नेपाल में बाढ़ के बाद गंडक सहित विभिन्न नदियों में अज्ञात मछलियां मिलने पर मत्स्य विभाग ने अलर्ट जारी किया ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक तस्वीर।
HighLights
नेपाल बाढ़ के बाद नदियों में मिलीं अज्ञात मछलियां।
मत्स्य विभाग ने सेवन न करने का अलर्ट जारी किया।
दूषित पानी से संक्रमण का खतरा, जांच जारी।
जागरण संवाददाता, गोरखपुर। नेपाल में आई बाढ़ के बाद गंडक नदी समेत विभिन्न नदियों में पहुंचे बाढ़ के पानी के साथ कुछ क्षेत्रों में अज्ञात और असामान्य मछलियां मिल रही हैं। इनमें गूंच ( गूंछ या गोइता), कैटफिश जैसी प्रजाति होने की संभावना जताई जा रही है। इसको देखते हुए मत्स्य विभाग भी सतर्क हो गया है। विभाग का कहना है कि इनकी वैज्ञानिक पहचान की पुष्टि होने तक सेवन से बचें।
विशेषज्ञ मछलियों की प्रजाति और संभावित स्वास्थ्य जोखिम का आकलन कर रहे हैं। इसको लेकर उप निदेशक मत्स्य, गोरखपुर मंडल की ओर से अलर्ट जारी किया गया है। उप निदेशक मत्स्य बृजेश कुमार ने बताया कि गूंच मछली अपने आप में जहरीली नहीं है और इसे नेपाल से आई कोई नई अथवा विदेशी मछली मानना उचित नहीं है। चिंता का विषय बाढ़ के पानी के साथ पकड़ी गई अज्ञात मछलियों की खाद्य सुरक्षा है।
उन्होंने बताया कि बाढ़ के दौरान मछलियां दूषित पानी, सीवेज, खुले नालों, मृत जीवों और सड़ने वाले जैविक पदार्थों के संपर्क में आ सकती हैं। इससे उनमें बैक्टीरिया, वायरस, फंगस अथवा अन्य प्रदूषक पहुंचने की आशंका रहती है। ऐसे में केवल मछली को अच्छी तरह पकाने से हर प्रकार के संक्रमण का खतरा समाप्त नहीं होगा।
विभाग ने लोगों से अपील की है कि ऐसी अज्ञात या असामान्य मछली की पहचान और खाद्य-सुरक्षा संबंधी जांच पूरी होने तक उसका क्रय, विक्रय अथवा सेवन न करें। उन्होंने यह भी कहा है कि इंटरनेट मीडिया पर गूंच मछली को लेकर तरह-तरह की सूचनाएं प्रसारित हो रही हैं।
विभाग ने लोगों से बिना वैज्ञानिक पुष्टि के किसी भी दावे पर विश्वास नहीं करने की अपील की है। यह भी कहा है कि यदि किसी व्यक्ति ने ऐसी मछली का सेवन किया है और इसके बाद उल्टी, दस्त, पेट दर्द, चक्कर या सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षण दिखाई देते हैं तो तत्काल चिकित्सीय सलाह अवश्य लें।
