गोरखपुर फोरलेन: असुरन-मोहद्दीपुर मार्ग पर बाधा बनी पानी की टंकी गिरायी गई, कौतूहल बनी रही कार्रवाई
गोरखपुर में असुरन-मोहद्दीपुर फोरलेन के निर्माण में बाधा बन रही पानी की टंकी को सुरक्षा बलों की मौजूदगी में सुरक्षित गिरा दिया गया। ...और पढ़ें
HighLights
असुरन-मोहद्दीपुर फोरलेन के लिए पानी की टंकी गिराई गई।
सुरक्षा बलों की मौजूदगी में कार्रवाई, यातायात चार घंटे प्रभावित।
रेलवे ने बिछिया कॉलोनी में नई पानी की टंकी बनाई।
जागरण संवाददाता, गोरखपुर। निर्माणाधीन असुरन-मोहद्दीपुर फोरलेन के बीच पड़ रही पानी की टंकी सोमवार को सुरक्षा बलों की उपस्थिति में सुरक्षित गिरा दी गई। इस दौरान कोई क्षति नहीं हुई। पानी की टंकी गिराने की कार्रवाई लोगों के लिए कौतूहल बनी रही।
बड़ी संख्या में लोग दूर से इस कार्रवाई को देखते रहे। सुरक्षा को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने रूट डायवर्ट कर दिया था। चार घंटे तक लोगों का आवागमन प्रभावित रहा। मौके पर 50 पुलिसबल तैनात किए गए थे।
बिछिया रेलवे कालोनी के पास स्थित पानी की टंकी गिराने के लिए यातायात पुलिस ने सुबह 11 से शाम 04 बजे तक रूट डायवर्ट किया था। असुरन से मोहद्दीपुर जाने वाली सड़क को कौवाबाग पुलिस चौकी से रेलवे कालोनी होते हुए अंडरपास की तरफ मोड़ दिया गया था।
रेलवे महाप्रबंधक कार्यालय और चारफाटक होकर मोहद्दीपुर की तरफ आवागमन चलता रहा। पीएसी से असुरन की तरफ आवाजाही के लिए मोहद्दीपुर की तरफ मोड़ दिया गया था। जेल पाइपास और मैत्रीपुरम की तरफ से आने वाले लोगों का रास्ता बंद कर दिया गया था। यातायात निरीक्षक रामबृक्ष यादव, मनोज कुमार राय और अंजीत कुमार पांडेय की टीम चार घंटे तक यातायात व्यवस्था संभाले हुए थी।
पानी की टंकी गिरने के बाद पुलिस प्रशासन, यातायात पुलिस, कार्यदायी संस्था और रेलवे प्रशासन ने राहत की सांस ली। पानी की टंकी से बिछिया कालोनी के रेलकर्मियों को पानी सप्लाई होती थी। यह टंकी असुरन चौक-मोहद्दीपुर फोरलेन में पड़ गई। कार्यदायी संस्था ने रेलवे प्रशासन को अवगत करा दिया था।
खबरें और भी
रेलवे ने बिछिया कालोनी स्थित रेलवे के उद्यान में नई पानी की टंकी बना दी है। नई पानी की टंकी से रेलवे कालोनियों में पानी की सप्लाई दी जा रही है। पानी की सप्लाई में कहीं कोई दिक्कत नहीं है। पानी की टंकी की तरह कौवाबाग पुलिस के पास स्थित पुराना सर्वेश्वर नाथ मंदिर और पीपल का पेड़ भी फोरलेन के बीच पड़ गया है।
स्थानीय लोग ने रेलवे के सहयोग से फोरलेन के किनारे नया मंदिर स्थापित करा रहे हैं। जल्द ही सर्वेश्वर नाथ फोरलेन के बगल में नवनिर्मित नए मंदिर में स्थापित कर दिए जाएंगे। संभावना जतायी जा रही है के पीपील का पेड़ नहीं कटेगा। फोरलेन के बीच में ही उसे छोड़ दिया जाएगा।