विकास, पर्यटन और संस्कृति को नई उड़ान, 126 करोड़ रुपये से बदलेगी गोरखपुर की तस्वीर
गोरखपुर को धार्मिक पर्यटन, सांस्कृतिक विरासत और आधुनिक शहरी सुविधाओं के समन्वय से नई पहचान देने के लिए नगर निगम ...और पढ़ें

कलाग्राम का प्रस्तावित डिजाइन
HighLights
गोरखपुर में 126 करोड़ की चार विकास परियोजनाएं प्रस्तावित।
दशावतार संग्रहालय और पूर्वांचल कलाग्राम प्रमुख आकर्षण होंगे।
शहर के प्रवेश द्वार और फ्लाईओवर के नीचे होंगे विकसित।
जागरण संवाददाता, गोरखपुर। धार्मिक पर्यटन, सांस्कृतिक विरासत और आधुनिक शहरी सुविधाओं के समन्वय से गोरखपुर को नई पहचान देने की दिशा में नगर निगम ने 126 करोड़ रुपये की चार महत्वाकांक्षी परियोजनाओं का खाका तैयार किया है।
मुख्यमंत्री वैश्विक नगरोदय योजना (सीएम-वीएनवाई) 2026-27 के अंतर्गत प्रस्तावित इन योजनाओं में 35 करोड़ रुपये का दशावतार संग्रहालय, 30 करोड़ रुपये का पूर्वांचल कलाग्राम, 38 करोड़ रुपये से शहर के छह थीम आधारित प्रवेश द्वार तथा करीब 18 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से फ्लाईओवर के नीचे बहुउद्देशीय सार्वजनिक स्थल विकसित किए जाएंगे।
महापौर डा. मंगलेश कुमार श्रीवास्तव की अध्यक्षता वाली जिला स्तरीय समिति की स्वीकृति के बाद प्रस्ताव जल्द शासन को भेजने की तैयारी है, जहां से मंजूरी मिलते ही काम शुरू हो जाएगा।
आडियो-वीडियो माध्यम से सुनने को मिलेगी भगवान विष्णु से जुड़ी कथाएं
सबसे प्रमुख परियोजना दशावतार संग्रहालय होगी, जो भगवान विष्णु के दस अवतारों पर आधारित आधुनिक धार्मिक एवं सांस्कृतिक केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। लगभग तीन एकड़ क्षेत्र में बनने वाले इस संग्रहालय में मत्स्य, कूर्म, वराह, नरसिंह, वामन, परशुराम, राम, कृष्ण, बुद्ध और कल्कि अवतार से जुड़ी कथाओं को आडियो-वीडियो तकनीक के माध्यम से प्रस्तुत किया जाएगा। उद्देश्य श्रद्धालुओं और पर्यटकों को भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और सनातन परंपरा से आधुनिक तरीके से जोड़ना है।
लोक संस्कृति को राष्ट्रीय पहचान दिलाएगा कलाग्राम
पूर्वी उत्तर प्रदेश की लोक संस्कृति को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए 'पूर्वांचल कलाग्राम' विकसित किया जाएगा। यह केवल पर्यटन स्थल नहीं बल्कि सांस्कृतिक रिसार्ट और एथनिक टूरिज्म विलेज के रूप में तैयार होगा। यहां पारंपरिक हाट-बाजार, लोक शिल्प, टेराकोटा कला, लोक संगीत, लोक कथाएं और ग्रामीण जीवन की झलक एक ही परिसर में देखने को मिलेगी।
फूड विलेज में स्थानीय व्यंजनों का स्वाद मिलेगा, जबकि एक्सपीरियंस कोर्टयार्ड में पर्यटक स्वयं मिट्टी के बर्तन बनाने और हथकरघा बुनाई जैसी पारंपरिक कलाओं का अनुभव कर सकेंगे। फोटो विलेज और थीम आधारित लान प्री-वेडिंग शूट तथा सांस्कृतिक आयोजनों के लिए आकर्षण का केंद्र बनेंगे।
यह भी पढ़ें- 'पहले की सरकार हर जिले में माफिया पालती थी, हमने मेडिकल कॉलेज दिए'; गोरखपुर में बोले CM योगी
थीम आधारित होंगे 'गोरखपुर द्वार'
शहर में प्रवेश करने वाले यात्रियों को गोरखपुर की विशिष्ट पहचान से परिचित कराने के लिए छह प्रमुख मार्गों पर थीम आधारित ''''गोरखपुर द्वार'''' बनाए जाएंगे। इन द्वारों के माध्यम से आध्यात्म, ज्ञान, शांति, जल संरक्षण, आधुनिक विकास और टेराकोटा कला जैसे विषयों को वास्तुकला के जरिए प्रदर्शित किया जाएगा। सभी द्वारों पर आकर्षक प्रकाश व्यवस्था के साथ हिंदी और अंग्रेजी में स्वागत संदेश भी अंकित रहेगा।
फ्लाईओवर के नीचे खाली स्थानों का होगा कायाकल्प
शहरी उपयोगिता बढ़ाने की दिशा में ट्रांसपोर्ट नगर, खजांची और बरगदवा फ्लाईओवर के नीचे के खाली स्थानों का भी कायाकल्प किया जाएगा। यहां पार्किंग, वेंडिंग जोन, हरित क्षेत्र, पाथवे, कैफेटेरिया, कियोस्क, शौचालय और बैठने की व्यवस्था विकसित होगी। ट्रांसपोर्ट नगर फ्लाईओवर के नीचे पांच क्रिकेट पिच, दो बैडमिंटन कोर्ट, किड्स जोन, आकर्षक मूर्तियां और वेस्ट मटेरियल से तैयार इंस्टालेशन भी लगाए जाएंगे, जिससे यह क्षेत्र मनोरंजन और खेल गतिविधियों का नया केंद्र बनेगा।
मुख्यमंत्री वैश्विक नगरोदय योजना के तहत प्रस्तावित ये चारों परियोजनाएं गोरखपुर में पर्यटन, सांस्कृतिक गतिविधियों और रोजगार के नए अवसर सृजित करेंगी। साथ ही नगर निगम की आय बढ़ाने और उसे आत्मनिर्भर बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। शासन की मंजूरी मिलते ही इन परियोजनाओं पर कार्य शुरू किया जाएगा।
- अजय जैन, नगर आयुक्त
देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।