यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 12, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Gorakhpur News: गोरखपुर में देसी दुल्हनिया से ब्याह रचाने आया आइरिश दूल्हा, लोगों ने कहा- जोड़ी हो तो ऐसी
Gorakhpur News उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में एक दिल को खुश करने वाली खबर सामने आई है। यहां एक आइरिश शख्स का गोरखपुर की देसी गर्ल पर दिल आ जाता है ...और पढ़ें

HighLights
- आयरलैंड में सेटल युगल को गोरखपुर खींच लाया वेड इन इंडिया का आकर्षण
- तन्विता ने एंड्रूय को सनातन संस्कृति से कराया परिचित, सात फेरे लेने भारत आए
जीतेंद्र पांडेय, गोरखपुर। Gorakhpur News विभिन्न धर्म विधानों में शादी युवक-युवती के बीच साथ रहने का समझौता है, लेकिन सनातन संस्कृति में संस्कार। इसीलिए तो यह एक नहीं, बल्कि सात जनम के साथ की बात करता है।
आयरलैंड की फैडलिटी इन्वेस्टमेंट कंपनी में असिस्टेंट डायरेक्टर तन्विता श्रीवास्तव ने सनातन संस्कृति के इस विवाह संस्कार से अपने प्यार एंड्रूय ओ नील का परिचित कराया तो आइरिश दूल्हा देसी दुल्हनिया को ब्याहने गोरखपुर चला आया।
सोमवार को शहर के मोहद्दीपुर स्थित होटल प्रदीप इन में बरात बस पहुंचने ही वाली है। सांख्यिकी विभाग के अधीक्षण अधिकारी रहे ज्ञान प्रकाश श्रीवास्तव सबको सहेज रहे हैं कि बरातियों की खातिरदारी में कोई कसर न रह जाए।
तन्विता के बड़े भाई नोएडा में साफ्टवेयर इंजीनियर नितिन श्रीवास्तव और लखनऊ में ब्याही बड़ी बहन सुरभि श्रीवास्तव माला लिए बरातियों के स्वागत को तैयार हैं। तभी बैंड बाजे की आवाज से परिसर गूंज उठता है। द्वारे बरात पहुंच चुकी है।
बहन सहित कुछ आइरिश मेहमानों के साथ पहुंचे एंड्रूय ओ नील बैंड बाजे की धुन पर जमकर थिरक रहे हैं। पारंपरिक परिधान में दूल्हे के रूप में सजे-धजे वह खूब फब रहे हैं। द्वार-पूजा में शामिल लोगों को उनका यह रूप देख प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की वेड इन इंडिया अपील याद आ रही है।
तन्विता की मां डायट की पूर्व प्रवक्ता मंजूलिका श्रीवास्तव से इसे लेकर बात होती है, तो वह भी वेड इन इंडिया की सोच को सराहने लगती हैं। कहती हैं कि निश्चित तौर पर ऐसी शादियों से देश में पर्यटन का एक अलग माहौल बनेगा। दूसरे देश से लोग यहां शादी करने आएंगे, तो इसका प्रत्यक्ष लाभ कई लोगों को होगा।
पढ़ाई, नौकरी के बाद अब गृहस्थी की जिम्मेदारी
2013 में पढ़ने के लिए आयरलैंड गई तन्विता परिवार में सबसे छोटी हैं। यूसीसी कालेज एंड यूनवर्सिटी डबलिन में पढ़ाई के दौरान वह अपनी सहेली के भाई एंड्रूय के संपर्क में आईं। पढ़ाई पूरी करने के बाद तन्विता ने वहीं नौकरी शुरू कर दी। अब एंड्रयू ओ नील के साथ गोरखपुर में सात फेरे लेकर वह आयरलैंड में अपनी गृहस्थी बसाने जा रही हैं।