विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 20, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

मनीष गुप्ता हत्याकांड में पत्नी मीनाक्षी ने लगाए नए आरोप, सात पुलिसकर्मियों ने की थी पति की गला दबाकर हत्या

By Jagran NewsEdited By: Pragati Chand
Updated: Mon, 20 Feb 2023 12:13 PM (IST)

गोरखपुर के रामगढ़ताल में कानपुर के प्रापर्टी डीलर की हत्या मामले में पत्नी ने नए आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि मनीष की हत्या छह नहीं साल पुलिसकर्मियों ने गला दबाकर की थी। उन्होंने पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर भी सवाल उठाए हैं।

कानपुर के प्रापर्टी डीलर की हत्या मामले में पत्नी ने लगाए नए आरोप। (फाइल फोटो)
कानपुर के प्रापर्टी डीलर की हत्या मामले में पत्नी ने लगाए नए आरोप। (फाइल फोटो)

कानपुर/गोरखपुर, जागरण संवाददाता। गोरखपुर के रामगढ़ताल स्थित होटल में कानपुर के प्रापर्टी डीलर मनीष गुप्ता हत्याकांड में सीबीआइ के चार्जशीट दाखिल करने के बाद उनकी पत्नी मीनाक्षी गुप्ता ने नए आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि छह नहीं बल्कि सात पुलिसकर्मियों ने मिलकर मनीष की हत्या की थी। नए आरोप सामने आने के बाद सीबीआइ ने अब नए सिरे से मामले की जांच शुरू की है। सीबीआइ आरोपों से जुड़े तथ्यों को खंगालने में जुटी है।

पुलिसकर्मियों ने पीट-पीटकर की थी मनीष की हत्या

बीते 27 सितंबर 2021 को गोरखपुर के रामगढ़ताल के तारामंडल स्थित होटल में बर्रा-5 निवासी प्रापर्टी डीलर मनीष गुप्ता की पुलिसकर्मियों ने पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। 29 सितंबर को मनीष की पत्नी मीनाक्षी की तहरीर पर तीन नामजद समेत छह पुलिसकर्मियों पर मुकदमा दर्ज हुआ था। मामले में गठित एसआइटी ने 10 अक्टूबर, 2021 को निलंबित हुए थानेदार जगत नारायण सिंह, दारोगा अक्षय मिश्रा को जेल भेजा था। छह दिन के भीतर अन्य आरोपित दारोगा विजय यादव, राहुल दुबे, मुख्य आरक्षी कमलेश यादव व आरक्षी प्रशांत की भी गिरफ्तारी करके जेल भेजा गया था। इसके बाद दो नवंबर 2021 को सीबीआइ ने मामले की जांच शुरू की थी। सात जनवरी 2022 को सीबीआइ ने लखनऊ की विशेष कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया था। दो दिन बाद हत्यारोपित पुलिसकर्मियों पर आरोप तय हुए थे। 10 जनवरी 2023 को पांच आरोपित पुलिसकर्मी जमानत पर जेल से रिहा हो गए थे।

मीनाक्षी ने लगाए ये आरोप

अब मनीष की पत्नी मीनाक्षी गुप्ता ने नए आरोप लगाए हैं। उनका आरोप है कि छह नहीं सात पुलिसकर्मियों ने पति की गला दबाकर हत्या की थी। इतना ही नहीं पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर भी उन्होंने सवाल उठाए, उन्होंने पति के हाथ से सोने का ब्रेसलेट और 85 हजार की नकदी लूटने, रिपोर्ट दर्ज कराने के दौरान वहां के डीएम और एसएसपी पर धमकाने का भी आरोप लगाया है। मीनाक्षी गुप्ता के अधिवक्ता केके शुक्ला का कहना है कि मीनाक्षी के नए आरोपों के आधार पर सीबीआइ की टीम ने नए सिरे से जांच शुरू की है। आरोपों के आधार पर तथ्य और साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।

14 फरवरी को बीआरडी आई थी सीबीआइ

14 फरवरी की दोपहर 12.30 बजे सीबीआइ की टीम लखनऊ से बीआरडी मेडिकल कालेज पहुंची थी। 27 सितंबर 2021 की रात को हुई घटना के समय ड्यूटी पर रहने वाले आकस्मिक चिकित्साधिकारी डॉ. एके श्रीवास्तव, फार्मासिस्ट एसपी चौधरी, रेजिडेंट और वार्ड ब्वाय को फोन कर मेडिकल कालेज बुलाया। बंद कमरे में इन लोगों से टीम ने साढ़े चार घंटे तक टीम ने पूछताछ की। सीबीआइ ने इएमओ व अन्य लोगों से पूछा कि घटना के बाद नेहरू चिकित्सालय में जब मनीष गुप्ता को ले जाया गया था तो वहां क्या-क्या हुआ था? पहले दर्ज हुए बयान से आज दिए गए बयान को मिलाया भी। पूछताछ के बाद शाम पांच बजे नेहरू चिकित्सालय से निकली सीबीआइ की टीम लखनऊ रवाना हुई थी।