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नेपाल की बाढ़ से गंडक में बढ़ा पानी, महराजगंज-कुशीनगर में हाई अलर्ट; जानिए कहां-कितना असर

Updated: Thu, 27 Aug 2026 01:34 PM (IST)

नेपाल में भोटेकोशी नदी में आई अचानक बाढ़ से गंडक नदी का जलस्तर बढ़ गया है, जिससे महराजगंज और कुशीनगर ...और पढ़ें

नेपाल की बाढ़ से महराजगंज और कुशीनगर में प्रशासन सतर्क। जागरण

नेपाल की बाढ़ से महराजगंज और कुशीनगर में प्रशासन सतर्क। जागरण

HighLights

  1. नेपाल की भोटेकोशी बाढ़ से गंडक नदी में जलस्तर बढ़ा।

  2. वाल्मीकि बैराज के सभी 36 फाटक खोले गए, 3 लाख क्यूसेक पानी।

  3. महराजगंज, कुशीनगर में हाई अलर्ट, सीएम योगी ने दिए निर्देश।

विवेक शुक्ला, गोरखपुर। नेपाल में भोटेकोशी नदी में आई अचानक बाढ़ का असर अब भारतीय क्षेत्र में दिखने लगा है। त्रिशूली से होते हुए नारायणी (गंडक) नदी में पानी बढ़ रहा है। वाल्मीकि बैराज के सभी 36 फाटक खोल दिए गए हैं। देर रात तक 2.50 से तीन लाख क्यूसेक तक पानी पहुंचने की संभावना है। महराजगंज और कुशीनगर के तटवर्ती गांवों में प्रशासन ने निगरानी बढ़ा दी है।

नेपाल के रसुवा जिले में भोटेकोशी नदी में अचानक बाढ़ आने के बाद पानी त्रिशूली नदी के रास्ते नारायणी यानी गंडक नदी में पहुंच रहा है। इससे नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने की आशंका है। पानी का प्रवाह बढ़ने पर महराजगंज और कुशीनगर के नदी किनारे बसे गांव प्रभावित हो सकते हैं। गंडक नदी के संभावित बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने पहले ही राहत और बचाव की तैयारियां शुरू कर दी हैं। करीब 40 किलोमीटर के भारतीय क्षेत्र में इसका असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।

वाल्मीकि बैराज के सभी 36 फाटक खोले

नेपाल की तरफ से पानी के साथ मलबा आने की आशंका को देखते हुए गंडक नहर प्रणाली की सभी नहरें बंद कर दी गई हैं। वाल्मीकि बैराज के सभी 36 फाटक खोल दिए गए हैं, ताकि नदी में आने वाले पानी को नियंत्रित तरीके से आगे बढ़ाया जा सके। विभाग ने देर रात तक बैराज से 2.50 लाख से तीन लाख क्यूसेक तक पानी डिस्चार्ज होने की संभावना जताई है। वर्ष 2024 में बैराज से 5.62 लाख क्यूसेक पानी भी सुगमता से प्रवाहित हो चुका है।

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इन गांवों में बढ़ाई गई निगरानी

महराजगंज में सोहगीबरवा, शिकारपुर, भोथहा, शिवपुर और बसंतपुर समेत संवेदनशील गांवों में निगरानी बढ़ाई गई है। प्रशासन की टीमों ने कई गांवों में सायरन बजाकर ग्रामीणों को सतर्क किया और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी। कुशीनगर के डीएम महेंद्र सिंह तंवर और एसपी केशव कुमार ने नारायणी नदी के तटवर्ती एवं संवेदनशील शिवपुर, बसंतपुर समेत अन्य गांवों का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने स्थानीय प्रशासन को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

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बांधों पर तैनात किए गए अभियंता और कर्मचारी

गंडक पर बने बांधों की निगरानी के लिए विभाग के अभियंताओं और कर्मचारियों की ड्यूटी लगा दी गई है। पानी का वेग बढ़ने की स्थिति में तत्काल बचाव कार्य शुरू करने के लिए जगह-जगह जनरेटर भी लगाए गए हैं। राहत एवं बचाव कार्यों के लिए पशुपालन, स्वास्थ्य, ग्राम्य विकास और पंचायतीराज विभाग की टीमें भी लगाई गई हैं। बाढ़ शरणालय और बाढ़ चौकियों को सक्रिय कर दिया गया है।

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सोनौली सीमा पर 12 किलोमीटर लंबी कतार

नेपाल में बाढ़ की स्थिति और जगह-जगह रास्ते बाधित होने के कारण सोनौली सीमा पर मालवाहक वाहनों की करीब 12 किलोमीटर लंबी कतार लग गई है। नारायणघाट से आगे वाहनों की आवाजाही रोक दी गई है।

इसका असर पर्यटकों पर भी पड़ा है। बड़ी संख्या में पर्यटक रास्ते में फंसे हैं, जबकि कई लोगों ने अपनी नेपाल यात्रा स्थगित कर भारत लौटना शुरू कर दिया है। जिन लोगों के स्वजन पहले से नेपाल गए हैं, वे भी सोनौली सीमा पर पहुंचकर उनकी स्थिति की जानकारी लेने का प्रयास कर रहे हैं।

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मुख्यमंत्री योगी ने दिए सतर्कता के निर्देश

नेपाल के रसुवा क्षेत्र में भोटेकोशी नदी में आई बाढ़ को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चिंता जताई है। उन्होंने महराजगंज और कुशीनगर में नारायणी नदी के बढ़ते जलस्तर और संभावित बाढ़ को देखते हुए प्रशासन को पूरी सतर्कता बरतने तथा आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने नेपाल में प्रभावित लोगों की सुरक्षा की कामना करते हुए संभावित स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन को तैयार रहने को कहा है।

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ग्रामीणों के लिए अभी क्या जरूरी है?

प्रशासन ने संवेदनशील गांवों में रहने वाले लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। ग्रामीण नदी और बांध के आसपास अनावश्यक रूप से न जाएं, प्रशासन की ओर से जारी सूचना पर ध्यान दें और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों या बाढ़ शरणालयों में जाने में देरी न करें।

फिलहाल सबसे बड़ी निगाह गंडक नदी के जलस्तर और वाल्मीकि बैराज से होने वाले डिस्चार्ज पर है। पानी का प्रवाह बढ़ने के साथ प्रशासन की ओर से संवेदनशील इलाकों में राहत-बचाव की कार्रवाई और तेज की जाएगी।

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