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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 01, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    पूर्वोत्तर रेलवे: गोरखपुर-आनंदनगर-गोंडा रेलमार्ग के दोहरीकरण को बोर्ड की हरी झंडी, पढ़िए कब तक पूरा होगा प्रोजेक्ट

    Updated: Sat, 01 Feb 2025 01:39 PM (IST)

    पूर्वोत्तर रेलवे के लिए बड़ी खबर! गोरखपुर-नकहाजंगल-आनंदनगर-बढ़नी-गोंडा रेलमार्ग के दोहरीकरण को रेलवे बोर्ड की हरी झंडी मिल गई है। इस 215 किलोमीटर लंबे ...और पढ़ें

    215 किमी रेलमार्ग का दोहरीकरण किया जाएगा। जागरण
    215 किमी रेलमार्ग का दोहरीकरण किया जाएगा। जागरण

    HighLights

    1. 215 किमी रेलमार्ग पर डबल लाइन के लिए फाइनल लोकेशन सर्वे को मंजूरी
    2. 105 किमी मथुरा-कासगंज रेलमार्ग पर भी बिछेगी दूसरी रेल लाइन, सर्वे के लिए मिले 6.40 करोड़

    जागरण संवाददाता, गोरखपुर। गोरखपुर-नकहाजंगल-आनंदनगर-बढ़नी-गोंडा 215 किमी रेलमार्ग के दोहरीकरण को रेलवे बोर्ड की हरी झंडी मिल गई है। बोर्ड ने नकहाजंगल-गोंडा समेत मथुरा-कासगंज 105 किमी रेलमार्ग पर भी डबल लाइन के लिए फाइनल लोकेशन सर्वे को मंजूरी दे दी है।

    फाइनल लोकेशन सर्वे (एफएलएस) के लिए बोर्ड ने नकहाजंगल-गोंडा के लिए 4.30 करोड़ तथा मथुरा-कासगंज के लिए 2.10 करोड़ सहित कुल 6.40 करोड़ रुपये का बजट भी आवंटित कर दिया है। रेलवे प्रशासन ने सर्वे के बाद डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) की भी तैयारी शुरू कर दी है। डीपीआर पर बोर्ड की मुहर लगते ही दोहरीकरण की प्रक्रिया आरंभ हो जाएगी।

    नकहाजंगल-आनंदनगर-बढ़नी-गोंडा बाइपास रेलमार्ग का दोहरीकरण हो जाने के बाद मांग के अनुसार अधिक ट्रेनें चलाई जा सकेंगी। सीतापुर- गोंडा और लखनऊ-गोंडा रूट की ट्रेनें आनंदनगर-घुघली होते हुए सीधे नरकटियागंज रेलमार्ग पर पहुंच जाएंगी। उन्हें गोरखपुर जंक्शन आने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। आनंदनगर-घुघली 50 किमी नई रेल लाइन का निर्माण भी शुरू हो गया है।

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    गोरखपुर-नरकटियागंज रेलमार्ग का दोहरीकरण भी तेजी से चल रहा है। ऐसे में पूर्वोत्तर रेलवे को विकल्प के रूप में एक बाइपास रेल लाइन मिल जाएगी। गोरखपुर-बस्ती-गोंडा-लखनऊ मुख्य रेलमार्ग पर ट्रेनों का दबाव भी कम होगा। यद्यपि, गोरखपुर-नकहाजंगल रेलमार्ग पर डबल लाइन बिछाने का कार्य अंतिम चरण में चल रहा है। गोरखपुर-आनंदनगर-गोंडा सिंगल लाइन का विद्युतीकरण हो चुका है। वर्तमान में इस रूट पर एक दर्जन से अधिक ट्रेनें संचालित हैं।

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    सर्वे के बाद डीपीआर मंजूर हो गई है। जागरण


    गोरखपुर कैंट- नरकटियागंज करीब 100 किमी के अलावा भटनी से औड़िहार तक 116 किमी रेल लाइन का दोहरीकरण चल रहा है। भटनी से औड़िहार रूट का दोहरीकरण अप्रैल तक पूरा हो जाएगा। इसके बाद गोरखपुर-भटनी से बनारस होते हुए प्रयागराज तक डबल लाइन पर ट्रेनों का परिचालन शुरू हो जाएगा। बनारस से प्रयागराज तक डबल लाइन पहले ही बिछ चुकी है।

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    झूसी से प्रयागराज के बीच गंगा पुल भी ट्रेनें चलने लगी हैं। बाराबंकी-गोंडा-गोरखपुर-छपरा मुख्य रेलमार्ग 425 किमी रेलमार्ग के डबल लाइन पर ट्रेनें पहले से ही फर्राटा भर रही हैं। आने वाले दिनों में पूर्वोत्तर रेलवे के सभी रेलमार्ग पर डबल लाइन बिछ जाएगी। पूर्वोत्तर रेलवे की ट्रैक क्षमता बढ़ने के साथ ट्रेनों का समय पालन भी बेहतर होगा। मांग के अनुसार सभी रेलमार्गों पर अधिक से अधिक ट्रेनें चलाई जा सकेंगी।

    गोंडा से नकहा जंगल (गोरखपुर) वाया आनंदनगर एवं बढ़नी तथा मथुरा से कासगंज के मध्य दोहरीकरण के फाइनल लोकेशन सर्वे हेतु रेलवे बोर्ड से स्वीकृति प्राप्त हुई है। इन दोनों परियोजनाओं का सर्वे कर डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट बनाया जाएगा। - पंकज कुमार सिंह, मुख्य जनसंपर्क अधिकारी - पूर्वोत्तर रेलवे