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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 02, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Railway Mega Block: रविवार से पटरी पर आने लगेंगी 122 निलंबित ट्रेनें, परिचालन होगा डिजिटल; यात्रियों को मिलेगी राहत

    Updated: Fri, 02 May 2025 10:14 AM (GMT+05:30)

    Railway Mega Block गोरखपुर जंक्शन (Gorakhpur Railway) पर यार्ड रिमॉडलिंग के चलते 12 अप्रैल से निलंबित 122 ट्रेनें रविवार से फिर शुरू होंगी। रेलवे मेगा ...और पढ़ें

    गोरखपुर जंक्शन के उत्तरी द्वार पर नवनिर्मित इसी भवन से संचालित होगा इलेक्ट्रानिक इंटरलाकिंग सिस्टम। जागरण
    गोरखपुर जंक्शन के उत्तरी द्वार पर नवनिर्मित इसी भवन से संचालित होगा इलेक्ट्रानिक इंटरलाकिंग सिस्टम। जागरण

    HighLights

    1. कार्य करने लगेगा इलेक्ट्रानिक इंटरलाकिंग सिस्टम, इआइ भवन तैयार, परीक्षण आरंभ
    2. माउस से संचालित होंगी ट्रेनें, दुरुस्त होगा गाड़ियों का समय पालन, बढ़ जाएगी ट्रैक क्षमता
    3. गोरखपुर जंक्शन की हो रही यार्ड रिमाडलिंग, शनिवार को होगा नानइंटरलाकिंग का निरीक्षण

    जागरण संवाददाता, गोरखपुर। मेगा ब्लाक के चलते 12 अप्रैल से विभिन्न तिथियों में निलंबित 122 ट्रेनें रविवार से पटरी पर आने लगेंगी। मार्ग परिवर्तित ट्रेनें भी निर्धारित रूट पर चलने लगेंगी। ट्रेनों का संचालन सामान्य हो जाएगा। इसके साथ ही ट्रेन परिचालन से संबंधित गोरखपुर जंक्शन के सभी मैनुअल कार्य पूरी तरह डिजिटल प्लेटफार्म पर आ जाएंगे।

    स्टेशन मास्टर के हाथ बटन की जगह माउस पर होंगे। माउस से ही गोरखपुर जंक्शन यार्ड के सिग्नल और प्वाइंट बनेंगे। सिग्नल और प्वाइंट फेल होने की समस्या तो समाप्त होगी ही, अधिक से अधिक ट्रेनें भी चलाई जा सकेंगी।

    गाड़ियों का परिचालन भी तेज होगा। ट्रेनों की रफ्तार बढ़ने के साथ समय पालन भी दुरुस्त होगा। दुर्घटनाओं पर भी अंकुश लगेगा। यार्ड में रेल लाइन, प्वाइंट और सिग्नल सिस्टम में सुविधा के अनुसार बदलाव किया जा सकेगा।

    गोरखपुर जंक्शन के उत्तरी द्वार की तरफ इआइ भवन तैयार हो गया है। भवन में इलेक्ट्रानिक इंटरलाकिंग सिस्टम लगा दिए गए हैं। गुरुवार से सिस्टम का परीक्षण भी आरंभ हो गया। शुक्रवार को जंक्शन पर पूरे दिन का मेगा ब्लाक लिया जाएगा। इस दौरान ट्रेनों का संचालन पूरी तरह ठप रहेगा।

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    गोरखपुर जंक्शन- गोरखपुर कैंट के बीच थर्ड लाइन, विद्युतीकरण और इलेक्ट्रानिक इंटरलाकिंग सिस्टम का परीक्षण होगा। शनिवार को रेल संरक्षा आयुक्त निरीक्षण कर थर्ड लाइन का स्पीड ट्रायल करेंगे। उनकी संस्तुति के बाद ट्रेनों का संचालन सामान्य हो जाएगा।

    गोरखपुर जंक्शन के उत्तरी द्वार पर नवनिर्मित इसी भवन से संचालित होगा इलेक्ट्रानिक इंटरलाकिंग सिस्टम। रेलवे


    दरअसल, दस साल बाद सिग्नल सिस्टम को पूरी तरह कंप्यूटराइज्ड करने के लिए गोरखपुर जंक्शन की यार्ड रिमाडलिंग हो रही है। यार्ड रिमाडलिंग के अंतर्गत 12 से 26 अप्रैल तक प्री नानइंटरलाकिंग हुई। 27 अप्रैल से नानइंटरलाकिंग चल रही है।

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    नानइंटरलाकिंग के बाद गोरखपुर जंक्शन से गोरखपुर कैंट तक तीसरी लाइन चालू हो जाएगी। गोरखपुर कैंट सेटेलाइट स्टेशन के रूप में और बेहतर रूप से कार्य करने लगेगा। गोरखपुर जंक्शन से नकहा जंगल, कैंट और डोमिनगढ़ सीधे इलेक्ट्रानिक इंटरलाकिंग सिस्टम से कनेक्ट हो जाएंगे।

    निरस्त हैं गोरखपुर से बनकर चलने वाली सभी ट्रेनें

    नानइंटरलाकिंग के दौरान गोरखपुर जंक्शन से बनकर चलने वाली गोरखधाम, हमसफर, चौरी चौरा, वंदे भारत, मौर्य, गोरखपुर एलटीटी और गोरखपुर-कोलकाता पूर्वांचल आदि प्रमुख ट्रेनों के अलावा गोरखपुर से बनकर चलने वाली इंटरसिटी व पैसेंजर ट्रेनें निरस्त हैं। दर्जनों ट्रेनें मार्ग बदलकर चलाई जा रही हैं।

    कई रास्ते में रुक कर चल रही हैं। बिहार से चलने वाली वैशाली व बिहार संपर्क क्रांति एक्सप्रेस समेत कुछ रनथ्रू ट्रेनें ही गोरखपुर होकर गुजर रही हैं। रनथ्रू ट्रेनों के लिए प्लेटफार्म नंबर एक और तीन खोला गया है। शेष सभी प्लेटफार्म पूरी तरह बंद हैं।

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    यात्रियों की परेशानी बढ़ गई हैं। दिल्ली जाने वाले लोगों को ट्रेनों में चढ़ने के लिए धक्कामुक्की करनी पड़ रही है। बिहार से आने वाली ट्रेनाें में पैर रखने की जगह नहीं बच रही। लोग टायलेट में खड़ा होकर यात्रा करने को मजबूर हैं।