अब एक कैडर में आ जाएंगे रेलवे ट्रैक के कर्मचारी, चार ग्रेड में बंटेंगे मल्टी-स्किल्ड टेक्नीशियन
रेलवे बोर्ड ने पटरियों की मरम्मत और रखरखाव करने वाले इंजीनियरिंग विभाग के कर्मचारियों की अलग-अलग श्रेणियों को मिलाकर 'मल्टी-स्किल्ड ...और पढ़ें

इस फोटो को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।
HighLights
रेलवे इंजीनियरिंग कर्मचारियों का नया 'मल्टी-स्किल्ड ट्रैक टेक्नीशियन' कैडर।
वेतनमान के आधार पर कर्मचारियों को चार ग्रेड में बांटा जाएगा।
ट्रैक रखरखाव और कार्यकुशलता में सुधार, 2026 तक विलय प्रक्रिया।
जागरण संवाददाता, गोरखपुर। रेलवे में पटरियों की मरम्मत और रखरखाव करने वाले इंजीनियरिंग विभाग के कर्मचारियों की अलग-अलग श्रेणियां अब खत्म होंगी। रेलवे बोर्ड ने इन सभी को मिलाकर एक नया कैडर बनाने का निर्णय लिया है। अब ये कर्मचारी मल्टी-स्किल्ड ट्रैक टेक्नीशियन कहलाएंगे।
अभी तक सभी श्रेणी के कर्मचारी कारीगर कहलाते थे। अब वेतनमान के अनुसार उनके चार ग्रेड बनाए गए हैं। इस बदलाव से कर्मचारियों की अलग-अलग श्रेणियों का झंझट खत्म होगा।
रेलवे को जरूरत कार्य कुशलता के अनुसार कर्मचारियों की अलग-अलग तकनीकी कार्यों में तैनाती करने में आसानी तो होगी ही साथ ही ट्रैक की मरम्मत और रखरखाव का काम अधिक व्यवस्थित होगा।
रेलवे बोर्ड के एग्जक्यूटिव डायरेक्टर शत्रुघ्न बेहरा ने पांच नवंबर को सभी जोनल रेलवे को 20 नवंबर तक इस प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया है। अब इन कर्मचारियों की पहचान मल्टी-स्किल्ड ट्रैक टेक्नीशियन (एमएसटीटी) के रूप में होगी। इसके लिए टेक्नीशियन (ट्रैक) नाम से नया कैडर गठित कर दिया गया है। रेलवे बोर्ड ने सभी जोनल रेलवे को 20 नवंबर 2026 तक विलय की प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया है।
इस नई व्यवस्था के तहत पी-वे (स्थाई पथ) के आर्टिसन कर्मचारियों को चार ग्रेड में रखा जाएगा। पे लेवल-2 के कर्मचारी टेक्नीशियन (ट्रैक) ग्रेड-3, पे लेवल-4 के कर्मचारी ग्रेड-2, पे लेवल-5 के कर्मचारी ग्रेड-1 और पे लेवल-6 के कर्मचारी सीनियर टेक्नीशियन (ट्रैक) कहलाएंगे।
संबंधित पे लेवल के सभी मौजूदा पी-वे आर्टिसन पदों को नए कैडर में समाहित किया जाएगा। अब जोनल रेलवे को इंजीनियरिंग विभाग के पी-वे सेक्शन में कार्यरत सभी आर्टिसन कैडरों की पहचान कर उनके पदों और कर्मचारियों को नई कैडर आइडी में स्थानांतरित करना होगा।
रेलवे बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि सिविल इंजीनियरिंग विभाग के अन्य क्षेत्रों में कार्यरत समान नाम वाले कारीगरों को इस कैडर में शामिल नहीं किया जाएगा। ब्रिज और वर्क्स जैसे सेक्शन में तैनात वेल्डर, लोहार, बढ़ई, पेंटर और राजमिस्त्री आदि इस विलय का हिस्सा नहीं होंगे। नई व्यवस्था केवल पी-वे सेक्शन के आर्टिसन कर्मचारियों पर लागू होगी।
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