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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 06, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Gorakhpur News: गंगेश हत्याकांड में जहां से चली थी पुलिस, एसआइटी ने वहीं से शुरू की जांच

    Updated: Fri, 06 Sep 2024 08:02 AM (IST)

    गंगेश हत्याकांड की जांच में नया मोड़ आया है। पुलिस जहां से चली थी वहीं से एसआईटी ने जांच शुरू की है। पीड़ित परिवार का बयान दर्जकर आरोपितों से पूछताछ ज ...और पढ़ें

    गंगेश हत्याकांड में एसआईटी जांच करेगी। जागरण
    गंगेश हत्याकांड में एसआईटी जांच करेगी। जागरण

    HighLights

    1. एसपी सिटी की अगुवाई में एसआइटी ने नए सिरे से शुरू की जांच
    2. परिवार को मिली सुरक्षा,एम्स के फोरेंसिक एक्सपर्ट की भी लेंगे मदद

    जागरण संवाददाता, गोरखपुर। गंगेश हत्याकांड में पुलिस जहां से चली थी साढ़े तीन माह बाद गठित हुई एसआइटी (स्पेशल इंवेस्टिगेशन टीम)ने वहीं से अपनी जांच शुरू की है। पीड़ित परिवार का बयान दर्ज होने के बाद आरोपितों को कैंट थाने बुलाकर पूछताछ की जा रही है। पीड़ित परिवार हत्यारोपितों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी की मांग कर रहा है।

    फोरेसिंक जांच रिपोर्ट में गंगेश की मृत्यु जहर से होने की पुष्टि के बाद मामले पुलिस ने पहले मामले को छिपाने का प्रयास किया लेकिन स्वजन को रिपोर्ट मिला तो मामले ने तूल पकड़ा। सांसद,जिलाधिकारी के साथ ही एसएसपी कार्यालय पहुंचकर परिवार के लोगों ने हत्यारोपितों को गिरफ्तार करने की मांग उठाई तो इस मामले में बुधवार को एसएसपी डा. गौरव ग्रोवर ने एसआइटी गठित कर दी।

    एसपी सिटी कृष्ण कुमार बिश्नोई की अगुवाई में गठित एसआइटी में सीओ कैंट अंशिका वर्मा के अलावा थानेदार संजय सिंह व प्रभारी निरीक्षक एम्स रणधीर मिश्रा को इसका हिस्सा बनाया गया है। बुधवार को सीओ कैंट ने गंगेश की भाभी पुष्पा व परिवार के अन्य लोगों को कैंट थाने बुलाकर बात करने के साथ ही आरोपितों से पूछताछ की लेकिन अभी तक टीम किसी नतीजे पर नहीं पहुंची है।

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    आरोपितों को सजा मिलने तक चैन से नहीं बैठूंगी

    मुकदमे की पैरवी कर रही गंगेश की भाभी पुष्पा का कहना है पति योगेश दत्त की वर्ष 2017 में हत्या कर दी गई।इस घटना के मुख्य गवााह उनके देवर को भी आरोपितों ने जहर देकर मार डाला।आरोपित रसूखदार हैं,एसएसपी ने सुरक्षा के लिए गनर दे दिया है।हत्यारोपितों की गिरफ्तारी व सजा होने तक चैन से नहीं बैठूंगी।

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    फोन आने के बाद घर से निकले थे गंगेश:

    महेवा में रहने वाले गंगेश दिल्ली में नौकरी करते थे।भाई की हत्या के मुकदमें में गवाही शुरू होने पर मई के पहले सप्ताह में घर आए थे। 11 मई की सुबह 10.30 बजे परिचित का फोन आने पर वह घर से निकले थे। एक घंटे के बाद गोलघर में तबीयत बिगड़ने की जानकारी स्वजन को हुई।परिवार के लोग पहुंचे तो उनकी मृत्यु हो चुकी थी।पुष्पा का कहना है कि उनके पति की हत्या करने वाले आरोपित परिवार पर समझौता करने का दबाव बना रहे थे।उन लोगों ने बातचीत के लिए गंगेश को बुलाया और जहर देकर हत्या कर दी।

    इनके विरुद्ध दर्ज है मुकदमा :

    कैंट थाना पुलिस के साथ ही अधिकारी इस मामले को पहले सामान्य मृत्यु मान रहे थे।जिसकी वजह से परिवार के लोगों को मुकदमा दर्ज कराने के लिए एक माह तक भागदौड़ करनी पड़ी।13 जून को पुष्पा पांडेय की तहरीर पर सेवानिवृत्त प्रोफेसर रामदरश राय उनके बेटे राहुल राय, राहुल यादव, राहुल पांडेय, दीपनारायण पांडेय के साथ दो अधिवक्ताओं पर हत्या व साजिश का मुकदमा दर्ज हुआ।इस मामले में अभी किसी कि गिरफ्तारी नहीं हुई है।

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    एसएसपी डा. गौरव ग्रोवर ने कहा कि गंगेश पांडेय की मृत्यु होने के मामले में एसआइटी घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है।गुत्थी सुलझाने के लिए एम्स के फोरेंसिक एम्सपर्ट की भी मदद ली जा रही है।स्थिति जल्द साफ हो इसलिए एसआइटी गठित की गई है।