गाेरखपुर की फरार निलंबित BSA शालिनी श्रीवास्तव दिल्ली में गिरफ्तार, 25 हजार रुपये का था इनाम
शिक्षक कृष्ण मोहन सिंह आत्महत्या प्रकरण में नामजद निलंबित बीएसए शालिनी श्रीवास्तव को दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया गया है। ...और पढ़ें

HighLights
निलंबित बीएसए शालिनी श्रीवास्तव दिल्ली से गिरफ्तार की गईं।
शिक्षक कृष्ण मोहन सिंह आत्महत्या प्रकरण में नामजद थीं शालिनी।
चार माह से फरार, 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था।
जागरण संवाददाता, गोरखपुर। शिक्षक कृष्ण मोहन सिंह आत्महत्या प्रकरण में नामजद और लंबे समय से फरार चल रहीं निलंबित बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) शालिनी श्रीवास्तव को मंगलवार सुबह गुलरिहा पुलिस ने दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया।
22 फरवरी 2026 को मुकदमा दर्ज होने के बाद से वह पुलिस को चकमा दे रही थीं। शालिनी की गिरफ्तारी के लिए न्यायालय से गैर-जमानती वारंट जारी हुआ था,वहीं एसएसपी डा. कौस्तुभ ने 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। हालांकि इस मामले का दूसरा आरोपित निलंबित लिपिक संजीव सिंह अभी भी फरार है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, तकनीकी साक्ष्यों और सर्विलांस की मदद से बलिया जिले की रहने वाली शालिनी श्रीवास्तव की लोकेशन दिल्ली में मिली, जिसके बाद टीम ने दबिश देकर उन्हें गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद उन्हें न्यायालय में पेश करने की कार्रवाई की जा रही है।
यह है पूरा मामला
मामले की शुरुआत 21 फरवरी 2026 को हुई थी, जब कुशीनगर जिले के हरैया बुजुर्ग गांव निवासी शिक्षक कृष्ण मोहन सिंह ने गुलरिहा क्षेत्र में स्थित अपने बड़े भाई के घर में फंदे से लटककर आत्महत्या कर ली थी।
अगले दिन 22 फरवरी को उनकी पत्नी गुड़िया सिंह ने गुलरिहा थाने में तहरीर देकर निलंबित बीएसए शालिनी श्रीवास्तव और लिपिक संजीव सिंह पर गंभीर आरोप लगाए थे।
तहरीर में कहा गया था कि हाईकोर्ट के आदेश का अनुपालन कराने के नाम पर कृष्ण मोहन सिंह, ओमकार सिंह और अपर्णा तिवारी से 16-16 लाख रुपये की मांग की गई थी।
आरोप था कि तीनों शिक्षकों ने गहने गिरवी रखकर और रिश्तेदारों से कर्ज लेकर कुल 48 लाख रुपये की व्यवस्था की, लेकिन इसके बाद भी आरोपितों की ओर से लगातार धन की मांग और मानसिक प्रताड़ना जारी रही।
पुलिस जांच में मृतक शिक्षक की जेब से चार पन्नों का सुसाइड नोट भी बरामद हुआ था। सुसाइड नोट में कृष्ण मोहन सिंह ने अपनी मौत के लिए तत्कालीन बीएसए शालिनी श्रीवास्तव और लिपिक संजीव सिंह को जिम्मेदार ठहराया था।
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आरोप था कि 20 फरवरी को उन्हें बीएसए कार्यालय बुलाकर अपमानित किया गया, जिससे वह मानसिक रूप से टूट गए थे। सुसाइड नोट सामने आने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया था और शिक्षा विभाग के साथ-साथ पुलिस प्रशासन भी सवालों के घेरे में आ गया था।
इस मामले में पुलिस ने बीएसए से डील कराने वाले देवरिया जिले के गौरीबाजार स्थित अर्जुनडीहा निवासी पूर्व प्रधानाध्यापक अनिरुद्ध सिंह को घटना के 10 दिन बाद ही गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
एसपी सिटी निमिष पाटील ने बताया कि बीएसए को गिरफ्तार कर लिया गया है। पूछताछ चल रही है।