यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 29, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Ayushman card: गोरखपुर के इस बड़े अस्पताल में आयुष्मान कार्ड पर शुरू हुआ उपचार, यहां डॉक्टर को दिखाने के लिए लगती है लंबी लाइन
Ayushman card बिहार के सिवान की रहने वाली 22 वर्षीय सिमरन का एम्स में आसानी से आपरेशन हो गया। स्वजन को उम्मीद नहीं थी कि बिना रुपये खर्च किए सिर्फ आयु ...और पढ़ें

HighLights
- लंबे समय से चल रही थी मांग, रोगियों को मिलने लगी राहत
- ओपीडी में बनाया गया है अलग काउंटर, कर्मचारी किए गए तैनात
जागरण संवाददाता, गोरखपुर। Ayushman card देवरिया के रहने वाले राजू कनौजिया के पैर की हड्डी टूटने के बाद स्वजन पहले निजी अस्पताल में लेकर पहुंचे। यहां डाक्टरों ने तकरीबन डेढ़ लाख रुपये खर्च बताया। निजी अस्पताल में आयुष्मान योजना के तहत कैशलेस उपचार की भी सुविधा नहीं थी।
इसके बाद स्वजन उन्हें लेकर अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) गोरखपुर पहुंचे। यहां उन्हें भर्ती करने के बाद आयुष्मान योजना से रुपये के लिए मेल किया गया। योजना के तहत उपचार में होने वाला एक लाख 17 हजार छह सौ रुपये का खर्च एम्स के खाते में आ गया।
इसे भी पढ़ें-स्टेशन के वेटिंग हॉल में लगी आग,यात्रियों ने भागकर बचाई जान-आधे घंटे देरी से रवाना हुई पोरबंदर एक्सप्रेस
राजू के साथ ही एम्स गोरखपुर में कई और रोगियों का आयुष्मान योजना से उपचार शुरू हो गया है। इससे लोगों में खुशी है। अब तक योजना का लाभ न मिल पाने के कारण कई रोगियों को बिना उपचार कराये ही वापस जाना पड़ा था। इससे उन्हें दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था।
इसे भी पढ़ें- सूरज के तीखे तेवर से दिन-रात चैन नहीं, इस शहर में पांच दिनों में छा सकते हैं बादल
रोगी बोले, अब नहीं खर्च होंगे रुपये
बिहार के सिवान की रहने वाली 22 वर्षीय सिमरन का एम्स में आसानी से आपरेशन हो गया। स्वजन को उम्मीद नहीं थी कि बिना रुपये खर्च किए सिर्फ आयुष्मान कार्ड पर आपरेशन हो जाएगा। बेतिया बिहार पश्चिमी चंपारण के रहने वाले 53 वर्षीय उमेश कुशवाहा पिछले दिनों सड़क हादसे में घायल हो गए थे। पैर की हड्डी दो जगह टूट गई। एम्स में कैशलेस आपरेशन हो गया है।
खबरें और भी
एम्स गोरखपुर कार्यकारी निदेशक व मुख्य कार्यपालक अधिकारी प्रो. गोपाल कृष्ण पाल ने कहा कि एम्स गोरखपुर में आयुष्मान सुविधा का लाभ मिलने लगा है। यह कार्डधारकों के लिए वरदान से कम नहीं है। एम्स के उपचार में लोगों का भरोसा लगातार बढ़ रहा है। हम अपनी स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत कर रहे हैं। रोगियों को कोई असुविधा नहीं होने दी जाएगी।