यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 15, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Vande Bharat Train: रफ्तार में ही नहीं, सुरक्षा में भी बेजोड़ है वंदे भारत; जानें- इस ट्रेन की खासियत
वंदे भारत ट्रेन कई मायनों में खास है। यह ट्रेन पूर्वांचल वासियों के लिए काफी सुविधाजनक है। वंदे भारत ट्रेन में सफर के दौरान सुरक्षा का भी पुख्ता इंतजा ...और पढ़ें

गोरखपुर, जागरण संवाददाता। गोरखपुर से लखनऊ जा रही वंदे भारत पर 11 जुलाई को हुई पत्थरबाजी के कुछ घंटों में ही आरोपित गिरफ्तार कर लिए गए। ट्रेन के इंजन में लगे हाईपावर के सीसी कैमरे में भी वे कैद हो चुके थे। इस घटना के बाद वंदे भारत की विशेषताओं ने यह स्पष्ट कर दिया कि वह सिर्फ रफ्तार में ही बेजोड़ नहीं है, बल्कि सुरक्षा की दृष्टि से भी बेजोड़ है। हर एंगल पर लगे सीसीटीवी कैमरे चोरी, छिनैती, जहरखुरानी व अनधिकृत चेन पुलिंग पर लगाम लगाएंगे।
चलती ट्रेन में चढ़ व उतर नहीं सकते यात्री
आटोमेटिक गेट अनधिकृत यात्रा पर भी रोक लगाएंगे। यात्री सामान्य ट्रेनों की भांति चलती वंदे भारत में चढ़ और उतर नहीं सकते। रवाना होने से एक मिनट पहले ट्रेन के सभी गेट अपने आप बंद हो जा रहे। ट्रेन के रुकने पर ही गेट खुल रहे हैं। पूरी तरह स्वदेशी वंदे भारत आत्मनिर्भरता का बेजोड़ उदाहरण है। वंदे भारत की विशेषताएं लोगों को आकर्षित करने लगी हैं। 13 जुलाई को ही इस ट्रेन की आक्यूपेंसी 114 प्रतिशत रही। यह प्रतिदिन निर्धारित समय से पहले पहुंच जा रही है। मंगलवार को पथराव में चटके शीशे बुधवार को बदल दिए गए। शनिवार को न्यू वाशिंग पिट में उसकी मरम्मत भी शुरू हो जाएगी।
कई अन्य रूटों पर भी वंदे भारत का प्रस्ताव
आने वाले दिनों में गोरखपुर-लखनऊ के अलावा अन्य रेलमार्गों पर भी वंदे भारत का संचालन शुरू हो जाएगा। रेलवे प्रशासन ने गोरखपुर से प्रयागराज, गोरखपुर से कानपुर, लखनऊ से पाटलीपुत्र और गोरखपुर से पाटलीपुत्र रूट पर वंदे भारत संचालित करने का प्रस्ताव तैयार किया है। पूर्वोत्तर रेलवे की पहली वंदे भारत को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सात जुलाई को प्लेटफार्म नंबर एक से हरी झंडी दिखाई थी।