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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 13, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    बदल रहा रेलवे: गोरखपुर पहुंची 16 कोच वाली नई सेमी हाईस्पीड ट्रेन वंदे भारत, इस शहर जाना होगा और आसान

    Updated: Tue, 13 May 2025 07:57 AM (IST)

    गोरखपुर में 16 कोच वाली नई सेमी हाईस्पीड वंदे भारत ट्रेन पहुंची। यह ट्रेन गोरखपुर-अयोध्या-लखनऊ-प्रयागराज रूट पर चलेगी। गोरखपुर-प्रयागराज रूट पर पहले स ...और पढ़ें

    गोरखपुर जंक्शन पर खड़ी 16 कोच वाली सेमी हाईस्पीड ट्रेन वंदे भारत। जागरण
    गोरखपुर जंक्शन पर खड़ी 16 कोच वाली सेमी हाईस्पीड ट्रेन वंदे भारत। जागरण

    HighLights

    1. अब सुविधा संपन्न 16 कोच से चलेगी गोरखपुर-प्रयागराज सेमी हाईस्पीड वंदे भारत
    2. पटना रूट पर चलेगी गोरखपुर-प्रयागराज आठ कोच वाली वंदे भारत, तेज हुई तैयारी

    जागरण संवाददाता, गोरखपुर। 16 कोच वाली नई सेमी हाईस्पीड ट्रेन वंदे भारत गोरखपुर पहुंच चुकी है। सुविधा संपन्न यह नई ट्रेन गोरखपुर-अयोध्या-लखनऊ-प्रयागराज रूट पर चलेगी। गोरखपुर-प्रयागराज रूट पर पहले से चल रही आठ कोच वाली वंदे भारत गोरखपुर-पटना रूट पर चलाई जाएगी। वंदे भारत के संचालन को लेकर रेलवे प्रशासन ने अपनी तैयारी तेज कर दी है। उत्तर प्रदेश और बिहार के लोगों की राह और सुगम होगी।

    जानकारों का कहना है कि गोरखपुर पहुंची वंदे भारत की नई रेक की प्राथमिक जांच-पड़ताल होगी। उपकरणों के परीक्षण के बाद संतुष्ट होने पर ही नई रेक का संचालन किया जाएगा। यद्यपि, ट्रेन किस तिथि से चलेगी, यह अभी तक निर्धारित नहीं हो पाया है। लेकिन पहले वंदे भारत की नई रेक गोरखपुर-प्रयागराज रूट पर चलाई जाएगी।

    गोरखपुर-प्रयागराज रूट पर चल रही आठ कोच वाली रेक खाली हो जाने के बाद उसे गोरखपुर-पटना रूट पर संचालित किया जाएगा। गोरखपुर-पटना रूट पर भी वंदे भारत ट्रेन चलाने की तैयारी जोर पकड़ ली है। यह ट्रेन गोरखपुर-बेतिया-नरकटियागंज-मुजफ्फरपुर-पटना रेलमार्ग पर चलाई जानी है।

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    यह ट्रेन गोरखपुर से सुबह 4 बजे से चलकर रात को साढ़े नौ बजे तक वापस आ जाएगी। गोरखपुर और बेतिया दौर पर आए रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव ने गोरखपुर-पटना नई वंदे भारत ट्रेन चलाने की घोषणा की थी।

    यहां जान लें कि स्वदेशी तकनीक से निर्मित पूरी तरह वातानुकूलित सेमी हाईस्पीड ट्रेन आठ और 16 कोच की होती है। वातानुकूलित चेयरकार के अलावा स्लीपर वंदे भारत भी बनने लगी है। सात जुलाई, 2023 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गोरखपुर जंक्शन से आठ कोच वाली पहली वंदे भारत को हरी झंडी दिखाई थी।

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    वंदे भारत। जागरण


    शुरुआत में यह ट्रेन अयोध्या के रास्ते लखनऊ तक चलती थी। यात्रियों की मांग बढ़ी तो प्रयागराज तक इसका मार्ग विस्तार कर दिया गया। आने वाले दिनों में मुख्यालय गोरखपुर सहित लगभग पूर्वोत्तर रेलवे के सभी प्रमुख रूटों पर अब वंदे भारत ट्रेनें ही चलाई जाएगी।

    गोरखपुर से दिल्ली और आगरा के बीच स्लीपर वंदे भारत के अलावा वाराणसी के रास्ते प्रयागराज सहित कुल सात वंदे भारत और दो अमृत भारत सहित कुल 17 ट्रेन चलाने का प्रस्ताव है। गोरखपुर से दिल्ली के बीच गुलाबी रंग की स्लीपर वंदे भारत संचालित करने की योजना है।

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    आरपीएफ ट्रेनिंग सेंटर के बगल में बनेगा वंदे भारत का डिपो

    गोरखपुर स्थित रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ट्रेनिंग सेंटर के बगल में वंदे भारत का डिपो बनेगा। रेलवे प्रशासन ने रेलवे बोर्ड को प्रस्ताव भेज दिया है। बोर्ड की स्वीकृति मिलने के बाद डिपो का निर्माण कार्य आरंभ हो जाएगा। इसके अलावा यांत्रिक कारखाने में अलग से शेड बनेगा।

    गोरखपुर स्थित बहुविषयक पद्धति प्रशिक्षण केंद्र (एमएसटीसी) में वंदे भारत का ट्रेनिंग सेंटर भी खुलेगा। वंदे भारत की सफाई-धुलाई के अलावा गोरखपुर में ही आवधिक मरम्मत (पीओएच) रेलकर्मियों को प्रशिक्षण की सुविधा भी मिल जाएगी।