यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 07, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
UP News: गोरखपुर में दीवार गिरने के बाद मची चीख पुकार, परिवार में कोहराम; तस्वीरों में देखें पूरा हाल
गोरखपुर में एक दर्दनाक हादसा हुआ जब नगर निगम के मजदूर नाले के निर्माण कार्य में लगे थे। अचानक गहरे नाले की वजह से बगल में स्थित विद्युत उपकेंद्र की दी ...और पढ़ें

सतीश पांडेय, गोरखपुर। सुबह 11 बजे के आसपास, जब नगर निगम के मजदूर सामान्य टैक्सी स्टैंड के पास नाला निर्माण कार्य में व्यस्त थे, तभी अचानक गहरे नाले की वजह से बगल में स्थित विद्युत उपकेंद्र की दीवार गिर पड़ी। इसके साथ ही मजदूरों की चीखें सुनाई दीं, बचाओं-बचाओं उनका दर्द और डर साफ सुना जा सकता था। यह दृश्य दिल दहला देने वाला था, क्योंकि दीवार गिरने के कारण पांच मजदूर मलबे में दब गए थे। इस दर्दनाक दृश्य ने आसपास के लोगों को हिला कर रख दिया।
स्थानीय लोग जो पास ही मौजूद थे, बिना किसी डर के घटनास्थल पर दौड़े। वे मलबे को हटाकर मजदूरों को बाहर निकालने में जुट गए। इस दौरान कुछ स्थानीय व्यापारी भी पीछे नहीं रहे। उन्होंने अपनी दुकानों से रस्सी, सब्बल और बांस लाकर बचाव कार्य में मदद की। हर कोई अपनी जान की परवाह किए बिना मजदूरों को बचाने के लिए हाथ-पांव मार रहा था।

अस्पताल में घायलों की जांच करते डॉक्टर - जागरण
मलबे में दबे मजदूरों की स्थिति गंभीर थी। उनकी चीखों और दर्द ने स्थानीय लोगों को विचलित कर दिया, लेकिन सभी ने मिलकर पूरा प्रयास किया। कुछ ही समय में पुलिस और नगर निगम के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और बचाव कार्य में शामिल हुए। तुरंत घायल मजदूरों को जिला अस्पताल भेजा गया, जहां उनका इलाज जारी है।
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हादसे की खबर जैसे ही मजदूरों के स्वजन को मिली घर में कोहराम मच गया। प्रदीप कुमार की पत्नी, अशोक कुमार के माता-पिता, और वीरु के परिवार के सदस्य भागते हुए अस्पताल पहुंच गए। उनकी आंखों में आंसू हैं और वे अपने परिवारजन की सलामती की दुआ कर रहे हैं। जिला अस्पताल में रिश्तेदारों और स्वजन का रो-रोकर बुरा हाल है। अस्पताल के गलियारों में मातम पसरा हुआ है।
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सुरक्षा पर उठे सवाल, स्वजन ने कहा दोषियों पर हो कार्रवाई
नगर निगम द्वारा नाले के निर्माण के दौरान हुए हादसे में पांच मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए। इस घटना ने निर्माण कार्यों में सुरक्षा उपायों की लापरवाही को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

घायलों के स्वजन ने हादसे के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और ठीकेदार पर कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि अगर सुरक्षा मानकों का पालन किया जाता, तो यह हादसा टाला जा सकता था।
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