हमीरपुर में अस्पताल से डीजे और 11 गाड़ियों के काफिले के साथ घर आई नन्ही परी, दादा-दादी ने उपहार में दी FD
हमीरपुर में एक परिवार ने लंबे समय बाद बेटी के जन्म का भव्य स्वागत किया। अस्पताल से घर तक डीजे और 11 गाड़ियों के काफिले के साथ जश्न मनाया गया, और दादा- ...और पढ़ें

हमीरपुर में बच्ची का स्वागत कुछ ऐसे अंदाज में हुआ। इंटरनेट मीडिया
HighLights
अस्पताल से डीजे संग गाड़ियों का काफिला निकाल मनाया जश्न
दादा-दादी बोले घर में लक्ष्मी का हुआ है लंबे अरसे बाद आगमन
जागरण संवाददाता, हमीरपुर। बेटी के जन्म का स्वजन ने ऐसा जश्न मनाया कि लोग देखते रह गए। अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद नवजात बेटी को स्वजन 11 गाड़ियों के काफिले के साथ लेकर घर पहुंचे। इस दौरान गाड़ियों के आगे डीजे और ढोल-नगाड़े बजाते हुए युवक चल रहे थे। घर के बाहर आतिशबाजी के साथ बेटी का स्वागत हुआ। बेटी के स्वागत का जश्न का वीडियो इंटरनेट में प्रचलित हो रहा है।
मौदहा कस्बा के मराठीपुरा रामजी के पत्नी नंदनी ने दो मई के एक पुत्री को जन्म दिया। इससे पूरे परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई। परिवार ने बेटी के आगमन को भव्य और यादगार बनाने की तैयारी शुरू कर दी। जच्चा बच्चा को अस्पताल से डिस्चार्ज मिलने पर अस्पताल से लेकर घर तक सजी धजी गाड़ियों के काफिले के आगे ढोल नगाड़े और डीजे बज रहा था। रामजी के घर में भी सजावत कर रास्ते में फूल बिछाए गए।
जैसे ही जच्चा बच्चा घर के दरवाजे पर पहुंचे तो घर की महिलाओं ने दोनों का स्वागत किया। रामजी इलेक्ट्रानिक नाम से दुकान संचालित करते हैं। रामजी दो भाइयों में सबसे बड़े हैं। जो लंबे समय से घर में बेटी के जन्म होने का इंतजार कर रहे थे। नातिन के जन्म होते ही दादा व दादी ने 30 हजार रुपये की एफडी करा दी। दादी ने खुशी-खुशी कहा- नातिन के आते ही घर में रौनक आ गई है। उन्होंने नातिन के तिलक व कुमकुम लगाकर आशीर्वाद दिया।
बेटी होने की खबर सुनते ही चेहरे में आई रौनक
रामजी अपनी पत्नी नंदनी को दो मई को घर से दो किमी दूर अस्पताल में डिलेवरी के लिए पत्नी को भर्ती कराया था। रामजी घर में बेटी होने के लिए भगवान से प्रार्थना कर रहा था। तभी उसी रात नंदिनी ने बेटी को जन्म दिया। यह खबर जैसे ही डाक्टरों ने परिवार को दी तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा।
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अस्पताल से घर तक मनाया जश्न
रामजी की पत्नी नंदिनी को अस्पताल से डिस्चार्ज मिलते ही परिवार जश्न मनाने का प्लान बनाना लिया। रामजी ने अस्पताल से घर तक 11 गाड़ियों का काफिला निकाला। सभी गाड़ियों को पिंक और सफेद गुब्बारों से सजाया। साथ ही काफिले के आगे व पीछे डीजे की धुन, ढोल-नगाड़ों की थाप की आवाज पर परिवार व रिश्तेदार नाचते हुए घर तक पहुंचे। एक गाड़ी में रामजी और उनकी पत्नी नंदिनी बच्ची को लेकर बैठीं। जबकि बाकी गाड़ियों में परिवार और रिश्तेदार थे। गाड़ियों का काफिला घर पहुंचा, तो इस खुशी के मौके पर मुहल्ले के लोग भी शामिल हो गए।
दादा ने पोती के लिए कराई 30 हजार रुपए की एफडी
नातिन वामिका की दादी ममता गुप्ता ने बताया कि पहले परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर थी। लेकिन बेटी के जन्म के बाद घर की परिस्थितियों में सुधार हुआ। नातिन वामिका के जन्म से परिवार में फिर खुशियों का माहौल है। कहा कि घर में दोबारा लक्ष्मी आई है। इसलिए उसका स्वागत धूमधाम से किया गया। बाबा रामप्रकाश गुप्ता ने वामिका के भविष्य को ध्यान में रखते हुए उसके नाम 30 हजार रुपये की एफडी कराई। कहा कि यह धनराशि नातिन की पढ़ाई और जरूरतों में काम आएगी।
दादी बोलीं घर मे रौनक आ गई
दादी ममता गुप्ता ने दुलारते हुए बच्ची को आशीर्वाद दिया और कहा कि बेटी के आने से घर में नई रौनक आ गई है। परिवार में यह खुशी दोगुनी हो गई। घर में लंबे समय से बेटी का इंतजार था।
लोग बोलें पहली बार ऐसा ग्रैंड स्वागत देखा
पड़ोसियों ने कहा कि हमीरपुर जिले में बेटी के जन्म पर इतना बड़ा, इतना खुला और जोश वाला जश्न बहुत दिनों बाद देखा। ऐसा जश्न समाज की सोच को बहुत तेजी से बदल सकता है। यह संदेश है कि बेटियां बोझ नहीं, बल्कि खुशियों की सबसे बड़ी वजह हैं। बच्ची के पिता रामजी ने कहा कि बेटियों के जन्म पर समाज को खुशियां मनानी चाहिए, क्योंकि बेटियां मां-बाप की सेवा और सम्मान में हमेशा आगे रहती हैं।