एक विवाह ऐसा भी...सामूहिक शादी समारोह में सात घंटे दुल्हन करती रही इंतजार, कार्यक्रम खत्म होने के बाद पहुंचा दूल्हा तो...
सुमेरपुर में सामूहिक विवाह समारोह में कानपुर से आ रहा दूल्हा घाटमपुर में जाम में फंस गया, जिससे दुल्हन को सात घंटे इंतजार करना पड़ा। शाम 5 बजे दूल्हे ...और पढ़ें

वरमाला स्टेज पर बैठे अखिलेश व खुशबू। जागरण
HighLights
सुमेरपुर कस्बा में आयोजित सामूहिक कार्यक्रम में होना था विवाह
कानपुर के संचेडी से आ रहा था दूल्हा, घाटमपुर में हुआ जाम का शिकार
संवाद सहयोगी, सुमेरपुर(हमीरपुर)। कानपुर के संचेडी से सुमेरपुर कस्बा के तपोभूमि में आयोजित सामूहिक विवाह कार्यक्रम में शादी के लिए आ रहा एक दूल्हा घाटमपुर में लगे जाम में फंस गया। इसके चलते दुल्हन को करीब सात घंटे तक इंतजार करना पड़ा। बाद में शाम के करीब पांच बजे दोनों ने एक दूसरे को वरमाला पहनाकर जीवनसाथी के रूप में चुना।
मंगलवार को कस्बा सुमेरपुर के तपोभूमि में सर्वजातीय सामूहिक विवाह समारोह का आयोजन संगम सेवा ट्रस्ट की ओर से किया गया। जहां विवाह के लिए कुल 31 जोड़ों का रजिस्ट्रेशन हुआ था। जिसमें कानपुर के संचेडी निवासी अखिलेश का भी नाम था। लेकिन वह समय से विवाह स्थल पर नहीं पहुंच सका। जिससे ट्रस्ट को लोग परेशान रहे। फोन पर संपर्क में पता चला कि दूल्हा घाटमपुर में लगे जाम में फंसा है। इस पर ट्रस्ट ने उसका इंतजार किया।
वहीं दूल्हे के इंतजार में दुल्हन खुशबू करीब सात घंटे तक बैठी रही। 10 बजे स्थल पर पहुंचने की बजाए जाम से छूटने के बाद दूल्हा करीब पांच बजे वहां पहुंच सका। जिसके बाद दोनों का विवाह संपन्न कराया गया। सात घंटे के इंतजार के बाद दूल्हा व दुल्हन ने एक दूसरे को वरमाला पहनाकर साथ जीने मरने की कसमें खाईं। दूल्हे ने बताया कि वह समय से घर से निकला था, लेकिन करीब साढ़े नौ बजे के आसपास वह जाम में फंस गया।
एक दूसरे के हुए 31 जोड़े
सामूहिक विवाह कार्यक्रम का मुख्य अतिथि नगर पंचायत अध्यक्ष धीरेंद्र शिवहरे व केपी इंटर कालेज के प्रबंधक राजेश शिवहरे ने पूजन अर्चन कर शुभारंभ कराया। इसके बाद 31 जोड़ों ने एक दूसरे को वरमाला पहनाकर अपना जीवन साथी चुना। मुख्य अतिथि ने सभी को आशीर्वाद देते हुए स्मृति चिह्न व विवाह प्रमाण पत्र समर्पित किया। इस मौके पर ट्रस्ट के अध्यक्ष अजय कुमार प्रजापति, उपाध्यक्ष पवन, छोटू सिंह, अखिलेश साहू सहित बड़ी संख्या में स्वजन मौजूद रहे।