स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक का सख्त एक्शन: प्रसूताओं से वसूली पर स्त्री रोग विशेषज्ञ की वेतन वृद्धि रोकी
स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक ने हमीरपुर में तैनात स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. लालमणि त्रिपाठी के खिलाफ आजमगढ़ में प्रसूताओं से वसूली और अभद्रता के मामले म ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, हमीरपुर। जिला अस्पताल में तैनात स्त्री रोग विशेषज्ञ के द्वारा आजमगढ़ में तैनाती के दौरान प्रसूताओं से वसूली और अभद्रता के मामले को संज्ञान में लेते हुए स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक ने दोषी डाक्टर के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए है। इस कार्रवाई से स्वास्थ्य महकमे में हलचल मची हुई है।
स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक के द्वारा अपने फेसबुक एकाउंट में की गई पोस्ट में लिखा है कि स्त्री रोग विशेषज्ञ, जिला महिला चिकित्सालय हमीरपुर द्वारा आजमगढ़ में तैनाती के दौरान प्रसूताओं से वसूली एवं अभद्रता करने एवं उच्चादेशों की अवहेलना किये जाने के दोष में तीन वेतन वृद्धियां स्थायी रूप से रोकते हुए परिनिंदा का दंड दिया है। हमारी सरकार प्रदेशवासियों को बेहतर, सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए प्रतिबद्धता से कार्यरत है जनमानस से अवैध वसूली एवं अभद्रता कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, ऐसा करने वाले दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इस संबंध में महिला अस्पताल के सीएमएस डा.केएस मिश्रा ने बताया कि अस्पताल में तैनात चिकित्सक डा.लालमणि त्रिपाठी जो कि पहले आजमगढ़ में तैनात थे और सितंबर 2025 में इन्होंने जिला महिला अस्पताल में ज्वाइन किया है, उन पर कार्रवाई की गई है। फिलहाल इस संबंध में लिखित आदेश अभी नही मिला है। इंटरनेट मीडिया के माध्यम से जानकारी हुई है।
इधर, महोबा में मरीज को लगाया खाली आक्सीजन सिलिंडर, खराब मशीन से की ईसीजी
महोबा जिला अस्पताल में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने के तमाम दावों के बावजूद धरातल पर अलग तस्वीर नजर आ रही है। यहां मरीज को खाली आक्सीजन सिलिंडर लगाया गया और खराब मशीन से ईसीजी की गई। शहर के मुहल्ला ढलैतनपुरा निवासी समाजसेवी तारा पाटकार ने बताया कि उनकी चाची 75 वर्षीय उमादेवी की गुरुवार सुबह तबीयत खराब हो गई। उन्हें श्वास लेने में दिक्कत, बेचैनी व बीपी की शिकायत होने पर जिला अस्पताल लाया गया।
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स्वजन अशोक ने बताया कि उन्हें जो आक्सीजन सिलिंडर लगाया गया था वह खाली था, इतना ही नहीं खराब मशीन से ईसीजी की गई। इसकी जानकारी होने पर पूछा गया तो मरीज को बाहर ले जाने तक की सलाह दे दी गई। हालांकि, लोग एकत्र हुए और मामला बढ़ता देखकर मरीज का बेहतर उपचार शुरू किया गया। इसके बाद उनकी हालत में सुधार हुआ और वार्ड में उनका उपचार किया जा रहा है। यह मामला इंटरनेट मीडिया में भी सुर्खियों में है। मुख्य चिकित्साधीक्षक डा. सुरेश कुमार ने बताया कि हर समय अस्पताल में आक्सीजन सिलिंडर उपलब्ध है और आक्सीजन की कोई कमी नहीं है। इमरजेंसी की ईसीजी मशीन और बीपी मशीन समय समय पर बदलवा दी जाती है। मामला संज्ञान में आया है। जांच कराकर जिसकी लापरवाही सामने आई, कार्रवाई की जाएगी।