यूपी में किसान आईडी रजिस्ट्रेशन की अंतिम तिथि 15 मई तक बढ़ी, हमीरपुर का प्रदर्शन सराहनीय
उत्तर प्रदेश में किसान आईडी रजिस्ट्रेशन की अंतिम तिथि 15 मई तक बढ़ा दी गई है, ताकि सभी किसान सरकारी योजनाओं का लाभ ले सकें। हमीरपुर जिला फार्मर आईडी ब ...और पढ़ें

HighLights
किसान आईडी रजिस्ट्रेशन की अंतिम तिथि 15 मई तक बढ़ी।
हमीरपुर जिला प्रदेश में आठवें स्थान पर, मंडल में दूसरे पर।
आईडी न होने पर किसान योजनाओं से वंचित हो सकते हैं।
जागरण संवाददाता, हमीरपुर। शत प्रतिशत किसानों की फार्मर आईडी बनाई जा सके इसके लिए सरकार ने एक बार फिर से रजिस्ट्रेशन कराने की अंतिम तिथि को बढ़ाकर 30 अप्रैल की जगह 15 मई कर दिया है। 15 मई तक फार्मर आईडी न बनवाने वाले किसानों को खाद, बीज व सम्मान निधि जैसी विभिन्न योजनाओं से वंचित किया जा सकता है।
वर्तमान में जायद फसलों के सीजन की तैयारियां चल रही हैं। इसके लिए सरकार ने भी फार्मर रजिस्ट्री को लेकर अभियान तेज कर दिया है और संबंधित विभागों निर्देश दिए गए हैं कि 15 मई तक शत-प्रतिशत किसानों का कर लिया जाए। इसके लिए गावं-गांव शिविर भी लगाए जा रहे हैं तथा साथ ही घर-घर जाकर विभागीय टीमें छूटे हुए किसानों की फार्मर आईडी बना रहे हैं। इसमें विशेष रूप से उन गांवों पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है, जहां अब तक रजिस्ट्री के आंकड़े कम है।
जिले में कुल 201711 किसानों की फार्मर आईडी बनाई जानी है, जिसमें से 168027 ने बनावा भी ली है, तथा आज भी 33684 फार्मर आईडी से वंचित हैं। किसानों की अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए जिलों को व्यापक जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। उप कृषि निदेशक डा.प्रमोद कुमार ने बताया कि विभाग द्वारा बताया गया कि सरकार ने 15 मई से फार्मर आईडी अनिवार्य करने के निर्देश दिए हैं। इससे सभी किसानों से समय से फार्मर आईडी बनवाने की अपील की जा रही है।
इस वर्ष चार बार बदली तिथि
किसानों की फार्मर आईडी बनाने की प्रक्रिया तेजी से चल रही है। छूटे किसानों की आईडी बन सके इसके लिए सरकार ने इस वर्ष चार बार तिथियां बढ़ाईं। जिसमें पहले 30 फरवरी अंतिम तिथि निर्धारित की गई थी। बाद में 15 मार्च व 30 अप्रैल तथा अब 15 मई अंतिम तिथि निर्धारित की गई है। इसके बाद किसानों को अधिक भागदौड़ करनी पड़ सकती है।
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प्रदेश की टाप टेन सूची में हमीरपुर आठवें स्थान पर
किसानों की फार्मर आईडी बनाने में जिले का योगदान काफी सम्मानजनक है। कृषि विभाग के अच्छे प्रदर्शन के चलते फार्मर आईडी बनाने में जिले ने प्रदेश की टाप टेन सूची में आठवां स्थान प्राप्त किया है। इसके साथ ही मंडल में दूसरे स्थान पर है। जिले में फार्मर आईडी बनाने का 83.30 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है।
ऐसे भी करवा सकते हैं रजिस्ट्रेशन
पंचायत भवन, जन सेवा केंद्र, कृषि विभाग के कार्यालय, बीज भंडार व नजदीकी सहकारी समितियों आदि में जाकर फार्मर आईडी बनवा सकते हैं। इसके साथ ही सभी तहसील क्षेत्रों के गांवों में राजस्व, कृषि, सहकारिता, पंचायती राज, खाद्य विभाग, सीएससी (जन सेवा केंद्रों) तथा आपूर्ति विभाग के क्षेत्रीय कर्मचारी कृषकों की फार्मर रजिस्ट्री के कार्यों में लगे हुए हैं। जहां पर आधार कार्ड व खतौनी के साथ पहुंच किसान फार्मर रजिस्ट्री या आईडी बनवा सकते हैं।