हापुड़ के 16 गांवों पर GDA की नजर, HPDA ने कहा- नहीं देंगे जमीन; बोर्ड बैठक तक पहुंचा विवाद
गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (GDA) और हापुड़-पिलखुवा विकास प्राधिकरण (HPDA) के बीच हापुड़ के 16 गांवों को लेकर विवाद गहरा गया ...और पढ़ें

एआई जेनेरेटेड इमेज।
HighLights
GDA हापुड़ के 16 गांवों को अपने क्षेत्र में चाहता है।
HPDA ने गांवों को देने से इनकार किया, अपने गांव मांगे।
GDA को विकास और ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर के लिए जमीन चाहिए।
जागरण संवाददाता, हापुड़। क्षेत्र के गांवों को अपने आधिपत्य में लेने की जंग दोनों प्राधिकरण में तेज हो गई है। बार्डर एरिया के गांवों को लेकर गाजियाबाद विकास प्राधिकरण और हापुड़-पिलखुवा विकास प्राधिकरण आमने-सामने हैं। पिलखुवा क्षेत्र के 16 गांवों को एचपीडीए से जीडीए मांग रहा है।
वहीं एचपीडीए इनको देने को तैयार नहीं है। वहीं जीडीए में लिए गए हापुड़ के तीन गांवों को भी वापस मांग रहा है। एचपीडीए में आ रहे 16 गांवों का मामला पहले भी अधिकारियों के सामने उठाया जा चुका है।
हापुड़ जिला गाजियाबाद को काटकर बनाया गया था। यह गाजियाबाद जिले की तहसील होती थी। शासन ने 2011 में हापुड़ को जिला बनाने के साथ ही दो तहसील को तीन भागों में बांटकर तीन तहसील बना दीं। वहीं गाजियाबाद में जीडीए विकास का कार्य देख रहा था।
उसके साथ ही हापुड़-पिलखुवा के नाम से दूसरा विकास प्राधिकरण बना दिया गया। यह छोटा विकास प्राधिकरण था, ऐसे में आसपास के ऐसे गांवों को भी इसमें शामिल कर दिया गया, जो गाजियाबाद जिले में पड़ते हैं। इसी क्रम में मोदीनगर क्षेत्र के पांच गांव और पिलखुवा क्षेत्र के 16 गांव भी एचपीडीए को मिले।
विस्तारीकरण के लिए जमीन की आवश्यकता
मसूरी से सटे ये गांव गाजियाबाद जिले का हिस्सा होने के कारण जीडीए की सीमा में शामिल होने की मांग उठ रही है। इससे गाजियाबाद जिले की विकास की नई योजनाओं और उद्योगों के लिए जमीन मिल सकेगी। अधिकारियों के अनुसार गाजियाबाद और हापुड़ पिलखुवा की सीमा से होकर ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे गुजर रहा है।
इस एक्सप्रेसवे के साथ ही पिलखुवा की तरफ से आर्बिटल रेल कॉरिडोर प्रस्तावित है। इस कॉरिडोर के लिए दृश्यता अध्ययन शुरू हो चुका है। नोडल जीडीए को बनाया गया है। ऐसे में विस्तारीकरण योजना के तहत जीडीए को विकास के लिए जमीन की आवश्यकता होगी।
ऐसे में यह गांव जीडीए और एचपीडीए दोनों के लिए महत्वपूर्ण हो गए हैं। बोर्ड बैठक में जीडीए कई बार इन गांवों की मांग कर चुका है, जबकि एचपीडीए ने स्पष्ट इंकार कर दिया है।
इन गांवों की मांग कर रहा है जीडीए-
1. मसूरी (गंगा कैनाल के पूर्व एवं पश्चिम का संपूर्ण क्षेत्र)
2. नाहल
3. मोहउद्दीनपुर डबारसी
4. निडोरी
5. मसौता
6. शामली
7. अफसरशाहपुर
8. अतरौली
9. अव्वलपुर
10. जोया
11. कनकपुर
12. औरंगाबाद दतेड़ी
13. मुकिमपुर
14. ईशकनगर
15. नहाली
16. नगौला अमिरपुर
हमारा प्राधिकरण छोटा है। यही विचार करके तत्कालीन अधिकारियों ने इन गांवों को यहां पर दिया था। हम इनको जीडीए को देने का लगातार विरोध करते रहे हैं। हम इन गांवों को जीडीए को देने वाले नहीं है। इसकी आपत्ति हमने दर्ज करा दी है।- अमित कादियान - सचिव - एसपीजीडीए।
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