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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 30, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    हापुड़ लाठीचार्ज कांड: 15 नामजद और 200 अज्ञात अधिवक्ताओं पर मुकदमा दर्ज, फोटो के आधार पर पुलिस ले रही एक्शन

    By Kesav TyagiEdited By: Abhi Malviya
    Updated: Wed, 30 Aug 2023 11:06 AM (IST)

    सिपाही से विवाद में महिला अधिवक्ता व उनके पिता के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने के विरोध पर तहसील चौपला पर जाम लगाकर मारपीट व हंगामा करने के मामले में 15 नाम ...और पढ़ें

    मामले को लेकर एएसपी बोले- किसी भी हाल में शांति व कानून व्यवस्था बिगड़ने नहीं दी जाएगी।
    मामले को लेकर एएसपी बोले- किसी भी हाल में शांति व कानून व्यवस्था बिगड़ने नहीं दी जाएगी।

    HighLights

    1. तहसील चौराहा पर करीब दो घंटे तक लगा हुआ था जाम
    2. पुलिसकर्मी के साथ मारपीट के बाद किया गया था लाठीचार्ज

    हापुड़, केशव त्यागी।  सिपाही से विवाद में महिला अधिवक्ता व उनके पिता के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने के विरोध पर तहसील चौपला पर जाम लगाकर मारपीट व हंगामा करने के मामले में 15 नामजद व 200 अज्ञात अधिवक्ताओं के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है।

    पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों से नोकझोंक व धक्का-मुक्की के साथ बाइक सवार सिपाही से मारपीट की थी, जिसके बाद पुलिसकर्मियों ने अधिवक्ताओं पर लाठी चार्ज कर दिया था। विवाद में 12 से अधिक अधिवक्ता और 13 पुलिसकर्मी घायल हुए थे।

    पांच दिन पहले नगर के एक मोहल्ला की महिला अधिवक्ता पिता के साथ कार में सवार होकर गाजियाबाद कचहरी के लिए जा रही थी। तहसील चौराहा के निकट पीछे से आ रहे सिपाही की बाइक उनकी कार से टकरा गई। इसको लेकर सिपाही व महिला अधिवक्ता की जमकर नोकझोंक हुई थी।

    मामले में सिपाही ने अभद्रता कर मारपीट करने व सरकारी कार्य में बाधा डालने का आरोप लगा महिला अधिवक्ता व उनके पिता पर मुकदमा दर्ज कराया था। इससे आक्रोशित अधिवक्ता सोमवार को न्यायिक कार्य से विरत रहे। उन्होंने महिला अधिवक्ता अभद्रता कर छेड़छाड़ करने का आरोप में सिपाही के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की मांग की थी। दर्ज मुकदमे को वापस न लेने पर मंगलवार उग्र आंदोलन की चेतावनी दी थी।

    ऐसा न होने पर मंगलवार को गाजियाबाद बार एसोसिएशन के अधिवक्ता हापुड़ कचहरी पहुंचे। कचहरी में गाजियाबाद व हापुड़ बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों के की बैठक हुई। जिसके बाद अधिवक्ता कचहरी से पैदल की कूच करते हुए करीब 11.30 बजे तहसील चौपला पर पहुंचे और जाम लगा दिया था।

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    एसडीएम सदर सुनीता सिंह सीओ सिटी अशोक सिसोदिया सहित चार थानों की पुलिस मौके पर पहुंची। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक सतेंद्र सिंह को पद से हटाने व मुकदमा वापस लेने की मांग कर अधिवक्ताओं ने हंगामा शुरू कर दिया।

    आक्रोशित अधिवक्ताओं ने कोतवाली का घेराव भी किया, जहां निरीक्षक सतेंद्र सिंह से अधिवक्ताओं ने हाथापाई कर दी। इसपर पुलिस ने बल प्रयोग कर उन्हें कोतवाली से खदेड़ा। दोबारा तहसील चौराहा पहुंचे अधिवक्ताओं ने वहां से गुजर रहे बाइक सवार सिपाही से मारपीट कर दी, जिसके बाद पुलिस ने अधिवक्ताओं पर लाठी भांजनी शुरू कर दी।

    इस दौरान अधिवक्ता चौधरी अजीत सिंह, आलोक शर्मा, सचिन कुमार, भारत भूषण, दिपांशु, महराज उर्फ मैराज खान, विपुल वशिष्ठ, मुकेश वर्मा, संदीप यादव, विनित पूनिया व अधिवक्ता नवनीत सहलौत के मुंशी संस्कार घायल गंभीर रूप से हुए। वहीं, उपनिरीक्षक शुभम चौधरी, संजय सिंह यादव, हेड कांस्टेबल मनोज कुमार, शिवकुमार, अजीत सिंह, विजयकांत, रीना रानी, प्राची, शराफत अली, संगीता, कांस्टेबल रंजीत सिंह और शिवा टंडन भी घायल हुए थे।

    क्या बोले जिम्मेदार ?

    सिपाही से मारपीट के करने, हंगामा कर जाम लगाने व सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न करने के मामले में 15 नामजद व 200 अज्ञात अधिवक्ताओं के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। मामले की जांच के लिए टीम का गठन किया जाएगा। वीडियो और फोटो के आधार पर अधिवक्ताओं को पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। किसी भी हाल में शांति व कानून व्यवस्था बिगड़ने नहीं दी जाएगी।

    -मुकेश चंद्र मिश्र, एएसपी।