हापुड़ में खतरे की दस्तक... स्वाइन फ्लू के तीन केस आए सामने; बुजुर्ग किसान की हुई मौत
हापुड़ जिले में स्वाइन फ्लू ने दस्तक दे दी है, जहां अब तक तीन मामले सामने आए हैं और एक ...और पढ़ें

हापुड़ में स्वाइन फ्लू की दस्तक।
संवाद सहयोगी, हापुड़। आस-पास के जिलों में जिस बीमारी का खतरा अधिक बढ़ रहा था, उसने हापुड़ जिले में दस्तक देकर स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। स्वाइन फ्लू ने जिले में पैर पसारने शुरू कर दिए हैं।
जिले में अब तक तीन मरीजों में संक्रमण की पुष्टि हो चुकी है, जबकि इनमें एक बुजुर्ग किसान की नोएडा के एक अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई है।
हापुड़ और गढ़मुक्तेश्वर क्षेत्र में दो महिलाओं की रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने उनके परिवार के सदस्यों समेत 50 घरों के लोगों की जांच की।
जिले में स्वाइन फ्लू के तीन मरीज सामने आए हैं। इनमें हापुड़ और गढ़मुक्तेश्वर क्षेत्र की दो महिलाएं शामिल हैं। दोनों की जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने मरीजों की स्थिति पर नजर रखना शुरू कर दिया है।
वहीं, उनके संपर्क में आने वाले लोगों की जानकारी जुटाई जा रही है, ताकि संक्रमण की कड़ी को आगे बढ़ने से रोका जा सके।
उधर, गांव धनौरा के रहने वाले नानक शर्मा पिछले छह दिन से बुखार की चपेट में थे। तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें उपचार के लिए मेरठ के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
जांच में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई, लेकिन उपचार के बावजूद उनकी हालत में सुधार नहीं हो सका। इसके बाद नोएडा के एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उनकी उपचार के दौरान मौत हो गई।
टीबी और शुगर के भी थे मरीज नानक
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाक्टर किशोर कुमार आहुजा ने बताया कि नानक को दो साल पहले टीबी हुई थी। वहीं, उनको शुगर भी थी। जांच रिपोर्ट में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई थी। परिवार के सदस्यों की निगरानी करना शुरू कर दिया है। परिवार के सदस्यों को ओसेलटैमिविर एंटी वायरल दवा दी गई है।
लक्षणों को नजरअंदाज करना पड़ सकता है भारी
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाक्टर किशोर कुमार आहुजा ने बताया कि स्वाइन फ्लू में तेज बुखार, खांसी, गले में खराश, नाक बहना, शरीर में दर्द और कमजोरी जैसे लक्षण सामने आ सकते हैं। सांस लेने में परेशानी या हालत बिगड़ने पर तत्काल चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है। खासकर बुजुर्गों, बच्चों और कमजोर प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है।
हर सीएचसी में मौजूद रहेंगे चार बेड
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाक्टर किशोर कुमार आहुजा ने बताया कि जिले की हर सीएचसी में चार बेड आरक्षित रहेंगे। गंभीर सांस लेने वाले या फिर तेज बुखार आने वाले मरीजों को सबसे पहले देखने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, जिला अस्पताल में स्वाइन फ्लू की जांच होगी। सभी तैयारियों को पूरा कर लिया गया है।
