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    'एक लाख से अधिक किसानों के योगदान से साकार हुआ गंगा एक्सप्रेसवे', सीएम योगी ने जताया आभार

    Updated: Wed, 29 Apr 2026 05:00 PM (IST)

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गंगा एक्सप्रेसवे के लोकार्पण पर किसानों के योगदान को सराहा, जिनकी भूमि से यह परियोजना समय पर पूरी हुई। ...और पढ़ें

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    HighLights

    1. किसानों की सहभागिता और पारदर्शी भूमि अधिग्रहण नीति से समयबद्ध पूरा हुआ प्रोजेक्ट

    2. एक्सप्रेसवे के साथ इंडस्ट्रियल क्लस्टर और लॉजिस्टिक हब खोलेंगे निवेश व रोजगार के नए द्वार


    पंकज मिश्र, हरदोई। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के हाथों देश के सबसे बड़े ‘गंगा एक्सप्रेसवे’ के लोकार्पण अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के किसानों के योगदान को विशेष रूप से सराहा। उन्होंने कहा कि मेरठ से प्रयागराज तक फैले 594 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेसवे के निर्माण में 12 जनपदों के एक लाख से अधिक किसानों ने अपनी भूमि देकर महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, जो इस परियोजना की सफलता का आधार है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि लगभग 18,000 एकड़ भूमि किसानों से प्राप्त कर इस महत्वाकांक्षी परियोजना को साकार किया गया, जबकि इसके किनारे विकसित होने वाले इंटीग्रेटेड इंडस्ट्रियल क्लस्टर और लाजिस्टिक हब के लिए करीब 7,000 एकड़ अतिरिक्त भूमि ली गई है। उन्होंने किसानों के इस सहयोग के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पारदर्शी नीति और सहभागिता के कारण यह परियोजना समयबद्ध तरीके से पूरी हो सकी।


    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आभार जताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि दिसंबर 2021 में प्रधानमंत्री द्वारा रखी गई आधारशिला आज लोकार्पण के साथ साकार रूप ले चुकी है। कोविड-19 जैसी वैश्विक महामारी के बावजूद परियोजना की रफ्तार नहीं रुकी और निरंतर कार्य करते हुए इसे निर्धारित समय में पूरा किया गया। उन्होंने कहा कि एक्सप्रेसवे केवल आवागमन को तेज करने का माध्यम नहीं हैं, बल्कि ये प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने वाले इंजन बन चुके हैं।

    गंगा एक्सप्रेसवे अन्नदाता किसानों की उन्नति, युवाओं को रोजगार, आस्था और संस्कृति के संरक्षण तथा प्रदेश की समग्र समृद्धि का प्रमुख माध्यम बनेगा। उन्होंने यह भी बताया कि एक्सप्रेसवे के साथ 27 स्थानों पर इंटीग्रेटेड इंडस्ट्रियल क्लस्टर और लाजिस्टिक हब विकसित किए जा रहे हैं, जिससे निवेश के नए अवसर पैदा होंगे और बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन होगा। यह परियोजना ‘डबल इंजन सरकार’ की दूरदर्शिता और प्रतिबद्धता का प्रतीक है।

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    मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का स्पष्ट संकल्प है कि जिस परियोजना का शिलान्यास किया जाएगा, उसका उद्घाटन भी सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने पूर्व की सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि 2017 से पहले प्रदेश में विकास, निवेश और रोजगार की स्थिति बेहद कमजोर थी, लेकिन अब उत्तर प्रदेश आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के माध्यम से तेजी से आगे बढ़ रहा है।

    उन्होंने प्रदेश में विकसित हो रहे एक्सप्रेसवे, हाईवे, रैपिड रेल, मेट्रो, इनलैंड वाटरवेज और डेडिकेटेड फ्रेट कारिडोर का उल्लेख करते हुए कहा कि ये सभी परियोजनाएं उत्तर प्रदेश को ‘नए भारत’ के विकास माडल में अग्रणी बना रही। इस अवसर पर राज्यपाल आनंदी बेन पटेल, केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री और भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद, दोनों उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य व बृजेश पाठक, मंत्री सुरेश कुमार खन्ना, नंद गोपाल गुप्ता नंदी, नितिन अग्रवाल, असीम अरुण, रजनी तिवारी के साथ ही हरदोई सांसद जय प्रकाश रावत, मिश्रिख के अशोक रावत, उन्नाव के डॉ. साक्षी महराज, शाहजहांपुर के अरुण सागर, सांसद मिथिलेश कुमार समेत चारों जिलों की जिला पंचायत अध्यक्ष, विधायक आदि मौजूद रहे।

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