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    गंगा एक्सप्रेसवे के लोकार्पण के लिए क्यों चुना गया हरदोई जिला? सामने आई बड़ी वजह

    Updated: Wed, 29 Apr 2026 02:23 PM (IST)

    गंगा एक्सप्रेसवे का लोकार्पण हरदोई से हुआ क्योंकि इसका सबसे लंबा हिस्सा यहीं से गुजरता है और यह मध्य यूपी में स्थित है। ...और पढ़ें

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    जागरण संवाददाता, हरदोई। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज बुधवार को मेरठ से चलकर प्रयागराज तक 594 किलोमीटर लंबे गंगा एक्सप्रेसवे का लोकार्पण हरदोई में कर दिया है, लेकिन एक सवाल यह कि आखिर हरदोई से ही इसका लोकार्पण क्यों किया गया? इसकी वजह सिर्फ भौगोलिक नहीं, बल्कि विकास और सामाजिक-राजनीतिक संतुलन से भी जुड़ी मानी जा रही है।

    मेरठ से प्रयागराज तक फैला यह 594 किलोमीटर लंबा एक्सप्रेसवे प्रदेश की कनेक्टिविटी को नई दिशा देगा और आर्थिक गतिविधियों को गति प्रदान करेगा, लेकिन सवाल यह है कि आखिर हरदोई ही उद्घाटन का केंद्र क्यों बन रहा है?

    सबसे बड़ा कारण है कि एक्सप्रेसवे का सबसे लंबा हिस्सा हरदोई जिले से होकर गुजरता है। इससे यह जिला परियोजना का भौगोलिक केंद्र बन जाता है। मध्य उत्तर प्रदेश में स्थित होने के कारण हरदोई पूर्व और पश्चिम यूपी के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी का काम करता है, जो इसे प्रतीकात्मक रूप से भी उपयुक्त बनाता है।

    इसके अलावा, हरदोई का सामाजिक समीकरण भी इसे खास बनाता है। यहां ब्राह्मण, ठाकुर, पिछड़े और दलित वर्ग का संतुलित प्रतिनिधित्व है, जो इसे एक तरह से पूरे मध्य उत्तर प्रदेश का सामाजिक प्रतिबिंब बनाता है। ऐसे में यहां से लोकार्पण एक व्यापक सामाजिक संदेश देने वाला कदम माना जा रहा है। राजनीतिक दृष्टि से भी यह फैसला महत्वपूर्ण हो सकता है।

    वर्ष 2021 में शाहजहांपुर से प्रधानमंत्री द्वारा इस परियोजना का शिलान्यास किया गया था, जिसके बाद 2022 में प्रदेश में भाजपा की सरकार दोबारा सत्ता में आई। अब 2026 में संभावित लोकार्पण को 2027 के विधानसभा चुनावों से जोड़कर देखा जा रहा है।

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    माना जा रहा है कि हरदोई से उद्घाटन कर विकास और सामाजिक संतुलन दोनों का संदेश देने की कोशिश की जा सकती है। इस प्रकार, हरदोई का चयन केवल भौगोलिक सुविधा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह विकास, सामाजिक प्रतिनिधित्व और राजनीतिक रणनीति का एक संगम बनकर उभर रहा है।