हरदोई में 100 करोड़ की योजना पर फिर रहा पानी, टंकियों का निर्माण भी अधूरा
हरदोई के भरावन ब्लॉक में जल जीवन मिशन के तहत 100 करोड़ से अधिक की परियोजना अधूरी पड़ी है। दो साल से अधिक समय से पानी की टंकियों का निर्माण रुका है। ...और पढ़ें

100 करोड़ की योजना पर फिर रहा पानी।

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
संवाद सूत्र, भरावन। ब्लाक की 65 ग्रामपंचायतों के 300 से अधिक गांवों के ग्रामीणों का जल जीवन मिशन के तहत पानी पहुंचने का सपना तो नहीं ही पूरा हुआ, गांव के रास्ते जरूर बर्बाद हो गए। 100 करोड़ से अधिक की लागत से बनने वाली टंकियों पर पानी फिर फिरता नजर आ रहा है।
क्षेत्र के ग्राम पंचायत मांझगांव की उलरापुर में 526.04 लाख से बनने वाले टंकी अधूरी पड़ी है।
पिलर बनने के बाद टंकी की छत डालकर टैंक रखना व प्रांगण को दुरुस्त करना अफसर भूल चुके हैं। पंचायत के मजरा टिकनखेड़ा, उमरायखेड़ा, लालपुर फाटक, छतिहा, भैंसासुर, केसरीपुर, उलरापुर, मांझगांव में 6 हजार से अधिक की आबादी पानी की टंकी के निर्माण के पूरे होने के सपने दो वर्षों से देख रही है।
ग्राम पंचायत सोनिकपुर में 704.95 लाख से बनने वाली टंकी अपने ही निर्माण पर रो रही है, पिलर की तैयारी होने के बाद न ही टैंक रखा गया है और न ही पैनल लगे हैं। मढ़िया, सूजेहटा, जलालपुर, गौरीकुर्द, जाहिदपुर, बस्तापुर, धर्मापुर, अल्लीपुर, पंचमखेड़ा, बिसूढ़ा के खोदी गई सड़कें राहगीरों के लिए जी का जंजाल बन चुकी हैं।
अतरौली ग्राम पंचायत में 948.53 लाख से बनने वाली जलजीवन मिशन की टंकी के 11 पिलर का मात्र प्लिंथ लेवल तक निर्माण करना भूल गए हैं। पंचायत में प्रसादखेड़ा, मुड़ियाखेड़ा, चेचरी, हिराईखेड़ा, बरेठी, कंधरामऊ, मीनापुर, शिवपुरी, गंगापुर, करेंठ, गोडवा पट्टी, मानपुर, दुलानगर, प्रसाद खेड़ा, अतरौली, तिवारीखेड़ा मजरों में दस हजार से अधिक आबादी निवासी कर रही है, विभागीय ढुलमुल रवैए के चलते दो वर्षों से कार्य आधार में ही लटका है।
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गांव की गलियों को खोदकर नाला बना दिया है लेकिन इन्हें दुरुस्त करने का मौका कर्मियों को नहीं मिला है, जिससे अक्सर हादसों की सूचनाएं क्षेत्र में आग की तरह फैलती हैं, फिर भी अफसर इन्हें दुरुस्त नहीं करवा रहे हैं। ग्राम पंचायत महुआ डांडा, छावन, पीपरगांव, गोडवा खेम सहित 65 पंचायतों में जल जीवन मिशन के तहत समस्याओं को हल कर पाने विभाग चुस्ती नहीं दिखा रहा है।
दो वर्षों से खुदे रास्ते बनने का कर रहे इंतजार
क्षेत्र के ढ़िकुन्नी, औना देवकली, छावन, अतरौली, महुआडांडा, हर्रेया, रुदौली, डांडा, बनी सहित कई गांवों में पाइप लाइन बिछाने के लिए खोदी गई सड़कें जल जीवन मिशन के तहत दुरुस्त नहीं कराई गई हैं। रोजाना गांवों से निकलने वाले ग्रामीणों के लिए यह मुसीबत बनी हुई है।
जुगाड़ से टोंटियों तक पहुंचा रहे पानी
कागजों पर गांवों तक पानी पहुंचाने के लिए विभाग ने नायाब खेल खेला है, बोर से डायरेक्ट पाइप में पानी भेज रहे हैं, जिससे लाखों लीटर पानी की बर्बादी हो रही है।
ग्राम पंचायत पीपरगांव में कुल 14 गांव हैं जिनमें 15 हजार से अधिक आबादी है । पानी की टंकी का निर्माण अधूरा पड़ा है, बिछाई गई पाइप लाइन आधी अधूरी है। टोंटियां नहीं लगी हैं। -वीरपाल, पीपरगांव।
526.04 लाख से बनने वाली टंकी का निर्माण दो वर्षों से अधूरा है, अब इसका निर्माण कितने दिन बाद पूरा हो पाएगा इसका अनुमान भी लगा पाना असंभव हो रहा है। ग्रामीणों के लिए खुद रास्ते आफत बने हुए हैं। -अतुल तोमर, छतिहा।
जो भी खड़ंजे, सड़कें खोदी गई हैं उन्हें दुरुस्त कराया जाएगा । जिन गांवों में अभी सप्लाई नहीं शुरू हुई है वहां टोटियां नहीं लगी हैं । टेस्टिंग के बाद टोंटियां लगवाई जाएंगी । जिन टंकियों पर काम चल रहा है उनका कार्य पूर्ण होने पर अधूरी पानी की टंकियों का निर्माण शुरू कराया जाएगा। -सुधीर कुमार, जेई जल जीवन मिशन।