विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

हथियार निर्माण में संडीला का नया कमाल, निशानेबाजी को नई उड़ान देगी वेब्ले स्काट की .22 राइफल

Published: Tue, 16 Jun 2026 06:00 AM (IST)

वेब्ले स्काट ने संडीला में .22 बोर राइफल का निर्माण शुरू किया है, जो निशानेबाजी के प्रशिक्षण और खेल प्रतियोगिताओं ...और पढ़ें

निशानेबाजी को नई उड़ान देगी वेब्ले स्काट की .22 राइफल।

निशानेबाजी को नई उड़ान देगी वेब्ले स्काट की .22 राइफल।

HighLights

  1. वेब्ले स्काट ने संडीला में .22 बोर राइफल का निर्माण शुरू किया।

  2. निशानेबाजी प्रशिक्षण और खेल प्रतियोगिताओं के लिए यह एक बेहतर विकल्प।

  3. कम रिकाइल, सटीक निशाना और किफायती कीमत इसकी मुख्य विशेषताएँ।

पंकज मिश्र, हरदोई। शस्त्र निर्माण के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रही वेब्ले स्काट अब .22 बोर राइफल बाजार में उतारने की तैयारी में है। संडीला स्थित फैक्ट्री में इसका निर्माण शुरू हो चुका है। कंपनी के अनुसार निशानेबाजी के प्रशिक्षण और खेल प्रतियोगिताओं के लिए तैयार की जा रही यह राइफल गुणवत्ता, सटीकता और किफायती कीमत के कारण खिलाड़ियों तथा शूटिंग के शौकीनों के लिए बेहतर विकल्प साबित होगी। इसकी संभावित कीमत करीब एक लाख रुपये रखी गई है। एक माह में ही यह बाजार में भी आ जाएगी।

विश्व प्रसिद्ध वेब्ले स्काट ने स्याल ग्रुप के साथ मिलकर संडीला में शस्त्र निर्माण इकाई स्थापित की है। वर्ष 2021 से कंपनी विभिन्न माडल की पिस्टल और रिवाल्वर बाजार में उतार चुकी है। 26 उत्पादों के लक्ष्य के तहत अब .22 बोर राइफल को शामिल किया गया है।

कंपनी के निदेशक सुरेंद्र पाल सिंह स्याल ने बताया कि उत्पादन से पहले सभी आवश्यक परीक्षण पूरे कर लिए गए हैं, जिससे इसकी गुणवत्ता और विश्वसनीयता सुनिश्चित हो सके।

उन्होंने बताया कि .22 कैलिबर राइफल को निशानेबाजी की दुनिया में सबसे उपयोगी और भरोसेमंद हथियारों में माना जाता है। कम रिकाइल, हल्के वजन और सटीक निशाने की क्षमता के कारण इसका उपयोग शुरुआती प्रशिक्षण से लेकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं तक किया जाता है।

एनसीसी कैडेटों और नए निशानेबाजों को शूटिंग के मूलभूत कौशल सिखाने में भी यह राइफल महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। करीब 5.6 मिमी कैलिबर वाली यह राइफल सामान्यतः 3 से 3.3 किलोग्राम वजन की होती है। इसकी सबसे बड़ी विशेषता बेहद कम झटका है, जिससे निशानेबाज लक्ष्य पर बेहतर एकाग्रता बनाए रख सकता है।

ओलंपिक, विश्व चैंपियनशिप और राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में 50 मीटर राइफल स्पर्धाओं में इसी श्रेणी की राइफलों का व्यापक उपयोग होता है। कंपनी को उम्मीद है कि स्वदेशी निर्माण की यह .22 राइफल देश में खेल निशानेबाजी को बढ़ावा देने के साथ-साथ खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं उपलब्ध कराने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।