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हाथरस दाऊजी मेले में चप्पे-चप्पे पर पुलिस की कड़ी निगरानी, 800 जवान संभालेंगे सुरक्षा

By Sachin Singh Edited By: Prateek Gupta
Published: Mon, 07 Sep 2026 08:39 PM (IST)

हाथरस के दाऊजी मेले में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं, जिसमें आठ जिलों से बुलाए गए 800 पुलिसकर्मी ...और पढ़ें

हाथरस में दाऊजी मंदिर की रंगाई पुताई करते मजदूर।

हाथरस में दाऊजी मंदिर की रंगाई पुताई करते मजदूर।

HighLights

  1. 800 पुलिसकर्मी और पीएसी जवान करेंगे मेले की सुरक्षा।

  2. 56 सीसीटीवी कैमरे और 7 वॉच टावर से होगी निगरानी।

संवाद सहयोगी, हाथरस। मेला श्री दाऊजी महाराज में शाम ढलते ही उमड़ने वाली भीड़ के बीच सुरक्षा का घेरा भी मजबूत होगा। मेले में आने वाले हर व्यक्ति और गतिविधि पर पुलिस की नजर रहेगी। आठ जिलों से बुलाए गए पुलिसकर्मियों के साथ पीएसी, घुड़सवार, डाॅग स्क्वाड और यातायात पुलिस को अलग-अलग जिम्मेदारियां दी गई हैं।

मेला क्षेत्र को नौ सेक्टर में बांटकर पुलिस फोर्स तैनात किया जाएगा। सुरक्षा व्यवस्था की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी निगरानी तंत्र होगी। मेला क्षेत्र में 56 सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। सात वाच टावर से भीड़ की गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी।

किसी भी स्थान पर भीड़ असामान्य रूप से बढ़ने या संदिग्ध गतिविधि दिखाई देने पर वहां तैनात पुलिसकर्मी तत्काल संबंधित टीम को सूचना देंगे। डाग स्कवाड भी संदिग्ध सामान और गतिविधियों की जांच करेगा। मेला क्षेत्र में एक अस्थायी कोतवाली और चार पुलिस चौकियां बनाई जा रही हैं। यहां से पुलिसकर्मियों की ड्यूटी और गश्त का संचालन होगा।

महिला गेट पर महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती रहेगी। भीड़ में अराजक तत्वों पर नजर रखने के लिए सादे कपड़ों में भी पुलिसकर्मी तैनात किए जाएंगे। एसपी चिरंजीव नाथ सिन्हा ने बताया कि आगरा, फिरोजाबाद, मथुरा, मैनपुरी, अलीगढ़, एटा, कासगंज और हाथरस से पुलिस बल लगाया जा रहा है।

करीब 800 पुलिसकर्मी और पीएसी के जवान सुरक्षा व्यवस्था संभालेंगे। इसके अलावा पांच घुड़सवार पुलिसकर्मी भी तैनात रहेंगे। मेले के प्रमुख आयोजन पुलिस के लिए सबसे बड़ी चुनौती रहेंगे। पंजाबी दरबार और संगीत सम्मेलन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और दर्शकों के पहुंचने की संभावना है।

इसे देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल की मांग की गई है। आयोजन स्थलों पर प्रवेश और निकास व्यवस्था के साथ भीड़ नियंत्रण पर विशेष जोर रहेगा।

बाहरी जिलों से भी आएगा पुलिसबल

आठ जिलों से पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई जा रही है। इनमें निरीक्षक, उपनिरीक्षक, महिला उपनिरीक्षक, मुख्य आरक्षी और आरक्षी शामिल हैं। यातायात पुलिस, एलआईयू, वायरलेस टीम, फायर टेंडर कर्मी और पीएसी भी सुरक्षा व्यवस्था का हिस्सा होंगे।

एसपी चिरंजीव नाथ सिन्हा ने कहा कि मेले में बैरिकेडिंग के साथ सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं। पंजाबी दरबार और संगीत सम्मेलन के दौरान संभावित भीड़ को देखते हुए अतिरिक्त फोर्स की व्यवस्था की जा रही है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो और मेला शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो।