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हाथरस पॉक्सो मामले में मुख्य दोषी को 20 साल की कठोर सजा, सहयोगी भी सात साल कैद; जुर्माना भी लगाया

By Udayveer Singh Edited By: Prateek Gupta
Published: Sat, 18 Jul 2026 09:06 PM (IST)

हाथरस में 2022 के नाबालिग दुष्कर्म मामले में विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट ने मुख्य आरोपी जाविद को 20 वर्ष और ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर का प्रयोग किया गया है।

सांकेतिक तस्वीर का प्रयोग किया गया है।

HighLights

  1. मुख्य आरोपी जाविद को 20 वर्ष का कठोर कारावास।

  2. सह-आरोपी यूसुफ को सात वर्ष की कठोर सजा।

संवाद सूत्र, हाथरस। विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट प्रथम निर्भय नारायण राय की अदालत ने वर्ष 2022 के चर्चित नाबालिग दुष्कर्म मामले में फैसला सुनाते हुए मुख्य आरोपित को 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। वहीं मामले में सहयोगी को सात वर्ष का कठोर कारावास दिया गया।

कोर्ट ने जाविद पुत्र वकील अहमद निवासी कोतवाली सदर को दोषी ठहराते हुए पाक्सो एक्ट की धारा छह में 20 वर्ष, धारा 366 में सात वर्ष और धारा 363 में पांच वर्ष के कठोर कारावास के साथ अर्थदंड लगाया। वहीं सहआरोपित यूसुफ उर्फ उसर को धारा 363 में पांच वर्ष और धारा 366 में सात वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई गई। न्यायालय ने सभी सजाएं साथ-साथ चलाने का आदेश दिया

साथ ही अर्थदंड की राशि पीड़िता के पुनर्वास और चिकित्सीय व्यय के लिए दिए जाने के निर्देश भी दिए। अभियोजन पक्ष के अनुसार 2022 में कोतवाली नगर क्षेत्र से नाबालिग किशोरी को बहला-फुसलाकर ले जाया गया था। आरोप था कि मुख्य आरोपित जाविद ने किशोरी के साथ दुष्कर्म किया, जबकि यूसुफ ने उसे छिपाने और अपराध में सहयोग किया। घटना के बाद पीड़िता के पिता ने कोतवाली में तहरीर दी थी।

मामले की सुनवाई के दौरान एडीजीसी विशेष लोक अभियोजक त्रिलोकी शर्मा ने प्रभावी पैरवी की। उन्होंने पीड़िता, उसके पिता, चिकित्सकीय साक्ष्य और अन्य गवाहों के बयान तथा दस्तावेजी साक्ष्यों को न्यायालय के समक्ष मजबूती से प्रस्तुत किया।

न्यायालय ने सभी साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद माना कि घटना के समय पीड़िता नाबालिग थी और अभियोजन आरोप साबित करने में सफल रहा। फैसला सुनाए जाने के बाद पीड़िता के स्वजन ने न्यायालय के निर्णय का स्वागत किया।