हाथरस में पहल, सरकारी बैठकों में मिलेगा गरम नाश्ता; हाथों से बनाकर परोसेगीं स्वयं सहायता समूह की दीदियां
योगी सरकार ने हाथरस में महिला स्वयं सहायता समूहों को सशक्त बनाने के लिए सरकारी बैठकों में नाश्ता-भोजन केवल उन्हीं की कैंटीनों से खरीदने का निर्देश दिय ...और पढ़ें

विकास भवन में कैंटीन संचालित करतीं ममता शर्मा।
जागरण संवाददाता, हाथरस। महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में योगी सरकार ने पहल कर दी है। निर्देश दिया है कि सरकारी बैठकों में महिला स्वयं सहायता समूह की कैंटीनों से ही नाश्ता खरीदा जाए। अगर बाजार से नाश्ता खरीदा जा रहा है तो उस पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। इसमें किसी भी तरह से लापरवाही बर्दास्त नहीं की जाएगी।
इस पर प्रशासन से कड़ाई के साथ अमल करना शुरू कर दिया है। वैसे तो विभिन्न प्रोडक्ट बनाकर समूह की महिलाएं आत्मनिर्भर बन रही हैं। मगर अब सरकारी बैठक में समूह की महिलाओं के हाथों से बने नाश्ता परोसने पर अधिक जोर दिया जा रहा है ताकि उनको अधिक से अधिक आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जा सके।
अब तक सरकारी बैठकों में बाजार में चाय और नाश्ते का इंतजाम कर लिया जाता था मगर अब ऐसा नहीं हो सकेगा। इसे लेकर सख्ती के साथ प्रतिबंध लगा दिया गया है।
सरकारी बैठकों और कार्यक्रमों में अब बाहर से कैटरिंग नहीं आएगी। सीडीओ पीएन दीक्षित ने बड़ा फैसला लेते हुए निर्देश दिए हैं कि जिले की सभी सरकारी बैठकों, प्रशिक्षण और कार्यक्रमों में स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा तैयार नाश्ता और भोजन परोसा जाएगा।
इससे एक तरफ समूह को आय होगी, वहीं दूसरी तरफ स्वच्छ और घर जैसा खाना भी मिलेगा। हालांकि कई कैंटीन भोजन और नाश्ता बनाने का काम कर रही हैं। मगर आने वाले दिनों समूह जो भी कैंटीन खोलेंगी उनके हाथों से बना भोजन का उपयोग किया जाएगा।
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कैसे काम करेगी व्यवस्था
हर विभाग को बैठक से तीन दिन पहले विकास भवन या कलक्ट्रेट में नाश्ते का आर्डर देना होगा। 50 लोगों तक के लिए एक समूह जिम्मेदार होगा। मेन्यू में समोसा, पकौड़ा, ब्रेड-बटर और चाय-काफी का रेट फिक्स किया गया है।
सीडीओ ने बताया कि इस योजना से जिले की करीब 1500 महिलाओं को प्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा। सरकारी कार्यक्रमों पर हर साल लाखों रुपये कैटरिंग पर खर्च होते हैं। अब वह पैसा सीधे गांव की महिलाओं की जेब में जाएगा। इससे महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा मिलेगा।