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एक शव के दो दावेदार, हिंदू युवक को मुस्लिम रीति से दफनाने के बाद बड़ी उलझन में फंसी हाथरस पुलिस

By Sachin Singh Edited By: Prateek Gupta
Published: Mon, 11 May 2026 11:32 PM (IST)

हाथरस में एक शव पर दो परिवारों के दावे से पुलिस उलझन में है। मुस्लिम रीति से दफनाए गए शव ...और पढ़ें

हरीबाबू उर्फ सूसा। कपड़ों से परिवार ने इस युवक की पहचान की है।

हरीबाबू उर्फ सूसा। कपड़ों से परिवार ने इस युवक की पहचान की है।

HighLights

  1. एक शव पर दो परिवारों का दावा, पुलिस उलझन में।

  2. मामला सुलझाने के लिए पुलिस कराएगी डीएनए टेस्ट।

संवाद सूत्र, सासनी (हाथरस)। कोतवाली क्षेत्र में एक शव के दो दावेदार सामने आने से पुलिस उलझन में पड़ गई है। नौ मई को इगलास रोड स्थित दुर्गाधाम कालोनी में मिले युवक के शव को मुस्लिम परिवार ने अपना बताकर दफना दिया।

अब हिंदू परिवार शव पर दावा कर रहा है। मामला पेचीदा होने पर पुलिस डीएनए टेस्ट कराने की तैयारी में है। दरअसल, नौ मई को इगलास रोड पर एक युवक का शव बरामद हुआ था।

गांव गड़ऊआ निवासी साबिर ने कपड़ों के आधार पर शव की पहचान अपने 22 वर्षीय बेटे हासिम के रूप में की। हासिम दो मई से लापता था। स्वजन ने चार मई को गुमशुदगी दर्ज कराई थी। पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने शव स्वजन को सौंप दिया।

स्वजन ने गांव के कब्रिस्तान में मुस्लिम रीति से शव दफना दिया। साबिर ने गांव के पांच नामजद व सात अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस आरोपितों की तलाश कर रही थी। इसी बीच 11 मई को गांव लहौर्रा के ग्रामीण कोतवाली पहुंचे।

मृतक के भाई राजेश कुमार ने फोटो, कड़ा, शरीर पर बने चिह्न और कपड़ों के आधार पर शव अपने भाई हरीबाबू उर्फ सूसा का बताया। राजेश ने बताया कि हरीबाबू हलवाई का काम करता था। वह पांच मई को घर से निकला था, लेकिन लौटा नहीं।

नौ मई को जहां शव मिला, उससे कुछ दूरी पर लगे सीसीटीवी में सूसा पैदल जाता दिख रहा है। उसके हाथ पर जाहरवीर बाबा का टैटू, लोअर, कड़ा भी वही है। परिवार शव कब्रिस्तान से निकलवाकर हिंदू रीति से अंतिम संस्कार करना चाहता है।

दोनों पक्षों के कोतवाली पहुंचने पर पुलिस के लिए बखेड़ा खड़ा हो गया। हरीबाबू के स्वजन ने गुमशुदगी दर्ज नहीं कराई थी, लेकिन अब शव पर दावा कर रहे हैं। इससे पुलिस की जांच पर भी सवाल उठ रहे हैं। पोस्टमार्टम के समय शिनाख्त ठीक से क्यों नहीं कराई गई।

क्या धर्म संबंधी साक्ष्य नहीं मिले। वहीं, प्रभारी निरीक्षक विपिन चौधरी ने बताया कि मामले में डीएनए टेस्ट कराया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से दोनों पक्षों के स्वजन के नमूने लेकर फोरेंसिक जांच को भेजे जाएंगे।

डीएनए रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा कि शव हिंदू युवक का था या मुस्लिम का। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी। फिलहाल दोनों पक्षों को समझाकर घर भेज दिया गया है।

पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज, काॅल डिटेल और अन्य साक्ष्य जुटा रही है। गांव में घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हैं।