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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 05, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    अपहरण के वो खाैफनाक 59 घंटे... न भूख लगी न प्यास, अभिनव का सूजा चेहरा देख बढ़ गई थी परिवार की टेंशन; अब छाईं खुशियां

    Updated: Sun, 05 Jan 2025 11:50 AM (IST)

    जिओ मैनेजर अभिनव भारद्वाज एक जनवरी को अगवा किए थे। अपहरणकर्ता उन्हें कार में डालकर मुरादाबाद की तरफ ले गए थे। पत्नी को वीडियो कॉल कराकर अभिनव का चेहरा ...और पढ़ें

    जिओ कंपनी में मैनेजर अभिनव भारद्वाज को सकुशल छुड़ा लिया गया।
    जिओ कंपनी में मैनेजर अभिनव भारद्वाज को सकुशल छुड़ा लिया गया।

    HighLights

    1. जिओ के मैनेजर अभिनव की चिंता में अटकी रहीं स्वजन की सांसें
    2. बदमाशों से अभिनव को मुक्त कराने पर परिवार में लौटी खुशी

    जागरण संवाददाता, हाथरस। जिओ कंपनी के मैनेजर अभिनव भारद्वाज के अपहरण के बाद स्वजन का बुरा हाल रहा। 59 घंटे उनकी पत्नी स्वीटी और माता-पिता ने रो-रोकर काटे। न किसी ने खाना खाया और न सो पाए। बार-बार अपहरणकर्ता का फोन और तरह-तरह की धमकी से स्वीटी यह समझ नहीं पा रही थी कि किसी क्या बताए और क्या न बताए। 

    स्वीटी को सिर्फ पति की सलामती की चिंता थी। इसके चलते परिवार में सभी की सांसें अटकी थीं। वीडियो कॉल पर अभिनव का सूजा चेहरा देखने के बाद तो दहशत और बढ़ गई। शनिवार की सुबह जब बदमाशों से अभिनव के मुक्त होने की खबर सुनी तो खुशी का ठिकाना न रहा।

    मूलरूप से बिहार के बेगूसराय के रहने वाले हैं अभिनव

    अभिनव मूलरूप से बिहार के बेगूसराय के हैं। उनके माता-पिता कई वर्षों से गाजियाबाद के गोल चक्कर इलाके में रहते हैं। दिल्ली के सोनिया विहार इलाके में उनकी ससुराल है। दो वर्ष से हाथरस में तैनात हैं और यहां नवल नगर में किराये के मकान में पत्नी स्वीटी भारद्वाज व बेटा अंश भारद्वाज के साथ रहते हैं। अभिनव से पत्नी स्वीटी की आखिरी बातचीत एक जनवरी की शाम सात बजे तक हुई। इसके बाद बातचीत बंद हो गई। नौ बजे उनके नंबर से वाट्सएप कॉल आई जिस पर अपहरणकर्ता बात कर रहा था।

    ये बदमाश पुलिस ने शनिवार को किए थे गिरफ्तार।

    अभिनव के अपहरण की बात सुनकर परिवार में मचा हड़कंप

    उसने जैसे ही अभिनव के अपहरण की बात कही तो पत्नी के पैरों तले जमीन खिसक गई। पत्नी ने सूचना अपने ससुर और माता-पिता को दी। दिल्ली के साेनिया विहार इलाके में रह रहे अपने मायके वालों को भी बताया। यहां मकान स्वामी अधिवक्ता राधा माधव शर्मा का परिवार उन्हें हिम्मत बंधाता रहा। बदमाश बार-बार अभिनव के नंबर से स्वीटी से बात कर रहे थे। 20 लाख रुपये का इंतजाम जल्द से जल्द करने की बात कह रहे थे। बीच-बीच में बदमाशों ने वीडियो कॉल पर अभिनव को दिखाया।

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    मारपीट के कारण अभिनव के चेहरे पर थी सूजन

    मारपीट के कारण उनके चेहरे पर सूजन थी। यह देख स्वीटी और घबरा गईं। स्वजन को डर सता रहा था कि कहीं पैसे लेकर उसकी हत्या न कर दें। शनिवार की सुबह करीब छह बजे पत्नी और स्वजन को यह सूचना मिली कि अभिनव को सकुशल बरामद कर लिया है तब उनकी जान में जान आई। स्वीटी के ससुर, चचिया ससुर और अन्य लोग भी हाथरस आ गए। इधर रातभर महिला पुलिसकर्मी भी परिवार की सुरक्षा में यहां रहे।

    20 लाख की फिरौती मांगकर तीन लाख में हो गए थे राजी

    अपहरणकर्ता बार-बार वीडियो काल करके स्वीटी से 20 लाख रुपये फिरौती में मांग रहे थे। वीडियो कॉल में अपहरणकर्ताओं के चेहरे नजर नहीं आए। स्वीटी ने मिन्नत की कि उनके परिवार की आर्थिक स्थिति बहुत अच्छी नहीं है। प्राइवेट नौकरी है, रोजाना कमाने-खाने की स्थिति है। इनती बड़ी रकम का इंतजाम नहीं हो पा रहा है। इस पर एक बदमाश 15 लाख रुपये की बात कहने लगा। फिर वह सात लाख रुपये देने काे कहने लगा।

    स्वीटी ने बताया कि उनके पास दो-तीन लाख रुपये ही हैं। इस पर बदमाश ने कहा कि पांच लाख रुपये तो हाथरस के एक व्यक्ति ने ही दिए हैं जिसने फिरौती के लिए कहा है। स्वीटी अपनी बात पर अडिग रहीं। उन्होंने कहा कि उनके पास दो-तीन लाख रुपये ही हो पा रहे हैं। इसे बाद बदमाश तीन लाख रुपये देने पर अभिनव को छोड़ने के लिए राजी हो गए।

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    नाना खाना खालो, पापा तो मिल गए

    छह वर्ष का बेटा अंश भले ही उम्र में कम हो लेकिन वह पिता के नहीं लौटने पर गुमशुम रहा। शनिवार की सुबह जब घर पर खबर आई के अभिनव को बदमाशों से मुक्त करा लिया गया है तो बेटा भी खुश हो गया। नाना से वह बोला कि अब तो पापा मिल गए हैं, आप खाना खा लीजिये। इस पर नाना ने उसे गले लगा लिया।