बंदरों की सेना ने बोला हमला, जान बचाने को दुकानें छोड़ भागे दुकानदार; मुरसान के बाजार में मची भगदड़
हाथरस के मुरसान कस्बे में बंदरों और आवारा कुत्तों के आतंक से बाजार में भगदड़ मच गई, जिससे एक ही ...और पढ़ें

मुरसान के बाजार में गुरुवार को बंदरों की टोली ने बाजार में जमकर उत्पात मचाया।
संवाद सूत्र, मुरसान (हाथरस)। कस्बा मुरसान में बंदरों और आवारा कुत्तों का आतंक लोगों की जान पर भारी पड़ने लगा है। बुधवार को सब्जी मंडी रोड और मंडी फाटक क्षेत्र में बंदरों के झुंड ने ऐसा उत्पात मचाया कि बाजार में भगदड़ के हालात बन गए। बंदरों के डर से कई दुकानदार दुकानें छोड़कर भाग खड़े हुए।
जबकि राहगीरों पर भी झपट्टा मारकर हमला किया गया। एक ही दिन में बंदर और कुत्तों के हमले से आठ लोग घायल हो गए। सब्जी मंडी रोड पर बंदरों के हमले में किसान अनूप कुमार निवासी कोटा, वीरेंद्र सिंह निवासी मुरसान, अजय सिंह निवासी इगलास रोड और मोहम्मद फारूक निवासी इगलास घायल हो गए।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बंदरों के झुंड अचानक दुकानों और राह चलते लोगों पर टूट पड़े, जिससे पूरे बाजार में अफरा-तफरी मच गई। दूसरी ओर आवारा कुत्तों का आतंक भी कम नहीं है। देर रात हाथरस रोड पर कुत्तों के झपटने से बाइक असंतुलित होकर गिर गई, जिससे रेहान निवासी मांट रोड राया, अब्दुल रज्जाक और यूनुस घायल हो गए।
तीनों युवक ईद का सामान देकर लौट रहे थे। सादाबाद रोड पर सुबह टहलने निकले बुजुर्ग रामदास पर भी कुत्ते ने हमला कर पैर में काट लिया। कस्बे में आए दिन डॉग बाइट और मंकी बाइट के मामले सामने आ रहे हैं। सबसे ज्यादा परेशानी बच्चों, बुजुर्गों और दोपहिया वाहन चालकों को हो रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बंदरों और आवारा कुत्तों को पकड़ने के लिए लंबे समय से कोई ठोस अभियान नहीं चलाया गया। शिकायतों और आदेशों के बावजूद जिम्मेदार विभाग गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं। लोगों ने प्रशासन से तत्काल अभियान चलाकर बंदरों और आवारा कुत्तों से राहत दिलाने की मांग की है।
वृंदावन में बंदर के हमले से बीएसए घायल
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी स्वाति भारती वृंदावन में दर्शन के दौरान बंदर के हमले में घायल हो गईं। घटना उस समय हुई जब वह मंदिर क्षेत्र में दर्शन कर रही थीं। इसी दौरान एक बंदर ने अचानक उन पर हमला कर दिया और काटकर घायल कर दिया। घटना के बाद स्थानीय स्तर पर उनका प्राथमिक उपचार कराया गया।
गुरुवार को स्वाति भारती हाथरस स्थित जिला बागला अस्पताल पहुंचीं, यहां चिकित्सकों ने जांच के बाद एहतियातन उन्हें एंटी रेबीज वैक्सीन (एआरवी) लगाया। चिकित्सकों ने उन्हें सावधानी बरतने और स्वास्थ्य पर निगरानी रखने की सलाह दी है।
बीएसए के घायल होने की जानकारी मिलने पर शिक्षा विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों ने उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली।
