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    'पिछड़ों के मसीहा बन रहे, खुद सत्ता में रहते कुछ नहीं किया' ओपी राजभर का विपक्ष पर हमला

    Updated: Sun, 01 Feb 2026 11:14 AM (IST)

    ओमप्रकाश राजभर ने हाथरस की रैली में विपक्षी दलों पर संविधान का मजाक उड़ाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि विपक्ष ने सत्ता में रहते हुए पिछड़े वर्गों क ...और पढ़ें

    हाथरस के गांव गिरधरपुर में बंजारा हक अधिकार रैली को संबोधित करते कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर। जागरण

    हाथरस के गांव गिरधरपुर में बंजारा हक अधिकार रैली को संबोधित करते कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर। जागरण

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    जागरण संवाददाता, हाथरस। पंचायती राज विभाग के कैबिनेट मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने शनिवार को हसायन के गांव गिरधरपुर में बंजारा हक अधिकार रैली में आवाज बुलंद की। उन्होंने कहा है कि आजकल विपक्षी पार्टी के नेता रैलियों में संविधान की किताब लेकर लेकर घूम रहे हैं। वह वास्तव में संविधान का मजाक उड़ा रहे हैं। आज वह पिछड़ों के साथ अन्याय होने का नारा लगा रहे हैं।

    ओपी राजभर ने कहा, कि कई बार सत्ता में रहने के बाद भी वह बजारा, अहेरिया, प्रजापति और पिछड़े समाज के युवाओं में से पांच सिपाही नहीं बना सके। अगर उन्हें इतनी ही चिंता होती तो अपनी सरकार में गरीब शोषित वंचित लोगों का भला कर दिया होता। वह सिर्फ दिखावे के लिए ही शोषित वंचितों के मसीहा बना रहे हैं।

    पिछड़ों के मसीहा बन रहे, खुद सत्ता में रहते कुछ नहीं किया

    राजभर ने अति पिछड़ी जाति के आरक्षण पर भी उन्होंने सपा और अन्य विपक्षी दलों को घेरते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर वर्ष 1993 में पिछड़ी जाति को 27 प्रतिशत आरक्षण मिला। तीन सितंबर 2013 को हाईकोर्ट ने कहा कि 27 प्रतिशत आरक्षण का लाभ 12 जातियां ही उठा रही हैं।

    अति पिछड़ा जाति आरक्षण की पैरवी

    कोर्ट ने 12 जातियों का नाम भी बताया और शेष जातियाें को भी पिछड़ा वर्ग आरक्षण का लाभ दिलाने के निर्देश सरकार को दिए। तब प्रदेश में सपा की सरकार थी और अखिलेश यादव मुख्यमंत्री थे। सपा ने हाईकोर्ट के आदेश का भी पालन नहीं किया।

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    पिछड़ा वर्ग में इन जातियों के लिए आवाज उठा रहे हैं

    राजभर बोले कि वह बंजारा, अहेरिया, पाल, प्रजापित, नाई, कुम्हार, लुहार जैसी जातियों को अति पिछड़ा वर्ग में शामिल करने के लिए आवाज उठा रहे हैं। इस संबंध में मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री से भी मिले हैं। प्रधानमंत्री ने इसे लागू करने का आश्वासन दिया है। उन्होंने मंच से अपील की कि 2027 में जातियों की गिनती होनी जा रही है। अपनी-अपनी जाति सही कालम में भरवा देना। इसके बाद कोई भी आपका हक नहीं छीन सकता। आपका बेटा भी एक दिन सिपाही बनकर थाने में आएगा।ा

    ये रहे मौजूद

    कार्यक्रम संयोजक और कैबिनेट मंत्री प्रतिनिधि संजय बंजारा, सत्यप्रकाश गौतम, मोहन सिंह, उपेंद्र प्रधान, राजेंद्र प्रधान, सुरेंद्र प्रधान, बलराम, बृजेश नायक, मोंटी सिंह, नाहर सिंह, देशराज ठाकुर, मोनू सिंह, वासुदेव, महिपाल, कामता प्रसाद एवं ओमवीर आदि ने कैबिनेट मंत्री का माला पहनाकर और प्रतीक चिह्न देकर स्वागत किया।

    राजनीति में आने की तैयारी करें बहू-बेटियां


    ओमप्रकाश राजभर बोले कि राजनीति में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का कानून 2029 में लागू हो रहा है। इसकी लिए जागरूक होना पड़ेगा। समाज में जो बहू-बेटी पढ़ी- लिखी हैं। वह चुनाव की तैयारी करें और जीतकर विधानसभा और लोकसभा में रानी लक्ष्मीबाई की तरह आवाज बुलंद करें। सरकार महिलाओं और युवाओं के लिए कई योजनाएं चला रही हैं। हर गांव में लखपति दीदी बनाने का सपना है। नौजवानों को बिना गारंटी और ब्याज के लोन दिया जा रहा है। अब किसी भी गरीब को इलाज की चिंता नहीं है। उसका पांच लाख रुपये का इलाज आयुष्मान योजना से हो रहा है।

    राजभर ने मीडिया के सवाल पर जवाब दिया कि यूजीसी कानून से किसी को परेशानी नहीं होगी। यह सिर्फ संविधान में समानता लाने के लिए कानून है। इस संबंध में कोर्ट में अगली तारीख पर दोनों पक्ष अपनी बात रखेंगे। न्यायालय का फैसला होगा वह सभी के लिए सर्वमान्य होगा।

    स्कूलों में बच्चों को दिलाई यूनिफॉर्म

    ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि पूर्व में कल्याण सिंह, राजनाथ सिंह, रामप्रकाश गुप्ता, मुलायम सिंह, अखिलेश यादव मायावती समेत कई मुख्यमंत्री रहे। किसी ने सरकारी स्कूलों के बच्चों की यूनिफार्म पर ध्यान नहीं दिया। कैबिनेट में बात उठाने हिम्मत नहीं उठाई। मैं जब कैबिनेट में आया तो सरकारी स्कूलों के बच्चों को हवलदार जैसी वर्दी बदलकर नई यूनिफार्म, जूता, मोजा दिलाने का काम किया।