बिहार के पूर्व मंत्री व वीआईपी सुप्रीमो समेत 84 के खिलाफ मुकदमा, उरई कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन करने पर हुई कार्रवाई
उरई कलेक्ट्रेट में बिना अनुमति प्रदर्शन करने पर बिहार के पूर्व मंत्री मुकेश सहनी और 83 अन्य के खिलाफ मामला ...और पढ़ें

कलेक्ट्रेट परिसर में स्थित गोविंद बल्लभ पंत के प्रतिमा स्थल पर धरना देते विकासशील इंसान पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष लाइनदार सदरी पहने मुकेश सहनी। जागरण
HighLights
उरई कलेक्ट्रेट में बिना अनुमति प्रदर्शन पर कार्रवाई हुई
वीआईपी सुप्रीमो समेत 84 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज
जातिगत वैमनस्य फैलाने और संपत्ति क्षति के आरोप
जागरण संवाददाता, उरई। कलेक्ट्रेट परिसर में सोमवार को बिना अनुमति प्रदर्शन और हंगामा करने के मामले में विकासशील इंसान पार्टी (वीआइपी) के सुप्रीमो एवं बिहार सरकार के पूर्व मंत्री मुकेश सहनी समेत 84 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। इनमें आठ नामजद, 70 अज्ञात लोग और मुकेश सहनी के छह निजी सुरक्षाकर्मी शामिल हैं। पुलिस ने गैरकानूनी ढंग से इकट्ठा होना, जातिगत वैमनस्य फैलाने, लोक सेवक के आदेश की अवज्ञा और संपत्ति को क्षति पहुंचाने से संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
पुलिस के अनुसार सोमवार दोपहर करीब साढ़े 12 बजे सूचना मिली कि कलेक्ट्रेट परिसर में वीआइपी पदाधिकारी और कार्यकर्ता हंगामा कर रहे हैं। इस पर जेल चौकी प्रभारी विवेक कुमार मिश्र पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। तहरीर में आरोप है कि मुकेश सहनी समर्थकों और छह निजी सुरक्षाकर्मियों के साथ बिना अनुमति जिलाधिकारी कार्यालय परिसर में पहुंचे। यहां नारेबाजी और भाषणबाजी के बाद कार्यालय के सामने स्थित पंडित गोविंद वल्लभ पंत की प्रतिमा वाले बगीचे में भीड़ एकत्र हो गई।
पुलिस का आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान जातिगत वैमनस्य फैलाने वाली टिप्पणियां की गईं और नारेबाजी कर हंगामा किया गया। बड़ी संख्या में लोगों के एकत्र होने से कलेक्ट्रेट पहुंचे फरियादियों और अन्य लोगों को परेशानी हुई। पुलिस ने बगीचे में लगे पेड़ और गमले क्षतिग्रस्त होने का भी उल्लेख किया है।
मामले में कार्यक्रम प्रभारी अच्छेलाल निषाद निवासी बारागांव बांदा, कमलेश सिंह निषाद निवासी कुठौंद, सनोज कुमार निषाद निवासी शेखपुरा गुढ़ा, भारत सिंह निषाद, अखिल अच्छेलाल निषाद, पहलवान सोबरन पाल और राधाचरण रायकवार निवासी रामनगर उरई को भी नामजद किया गया है।
वहीं मुकेश सहनी ने कहा कि वह अपनी संकल्प यात्रा लेकर सोमवार को जिले में पहुंचे थे। उनका कार्यक्रम होटल जायसवाल टावर में प्रस्तावित था। वहां पहुंचने पर उन्हें जानकारी मिली कि कार्यक्रम की अनुमति रद कर दी गई है। उन्होंने कहा कि वह कोई रैली नहीं कर रहे थे, बल्कि गरीब और वंचित समुदायों को हक व अधिकार दिलाने के उद्देश्य से यात्रा पर हैं। हंगामा करने जैसी कोई बात नहीं हुई है।
मुकेश साहनी ने कहा, 'निषाद समाज को सरकार दे आरक्षण का लाभ'
विकासशील इंसान पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व बिहार प्रांत के पूर्व एमएलसी मुकेश सहनी ने निषाद समाज को आरक्षण का लाभ देने की मांग भी सरकार से की। मुकेश सहनी ने कहा कि वह संकल्प यात्रा लेकर पूर्व सांसद फूलन देवी के जनपद में आए हैं। उनका उद्देश्य गरीब वंचित समुदायों को हक और अधिकार दिलाना है। पहले कार्यक्रम की अनुमति दी गई थी। फिर उसे रद कर दिया गया। इससे उनको निराशा हुई है। कार्यकर्ताओं का बहुत सा पैसा खर्च भी हो गया और कार्यक्रम भी नहीं हो सका। कहा कि वह पूरे प्रदेश के कई जनपदों में कार्यक्रम कर चुके हैं। अधिकांश स्थानों पर कार्यक्रम ठीक से हो गए, लेकिन कहीं-कहीं पर दिक्कत पैदा की गई। कहा कि पीएम, सीएम की रैली भी होती हैं तो उन पर रोक क्यों नहीं लगाई जाती है।
