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    90 दिन, 25 विवाद और एक तबादला! जालौन में IAS रिंकू सिंह राही का कार्यकाल रहा सुर्खियों में

    Updated: Mon, 03 Aug 2026 05:13 AM (IST)

    जालौन में आईएएस रिंकू सिंह राही की 90 दिनों की तैनाती विवादों से घिरी रही, जिसमें एक स्थानांतरण और लगभग 25 विवाद शामिल हैं। उन्होंने अवैध खनन, अतिक्रम ...और पढ़ें

    आईएएस रिंकू सिंह राही।

    आईएएस रिंकू सिंह राही।

    HighLights

    1. 90 दिनों में आईएएस रिंकू सिंह राही 25 विवादों में

    2. जालौन से सदर तहसील में न्यायिक एसडीएम पद पर तबादला

    3. अवैध खनन, अतिक्रमण, वकीलों से टकराव प्रमुख विवाद

    जागरण संवाददाता, उरई। बिना काम के वेतन लेना नियम के विपरीत बताकर भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) से इस्तीफा देने वाले अधिकारी रिंकू सिंह राही का विवादों से नाता जनपद की जालौन तहसील में एसडीएम के पद पर हुई पहली तैनाती पांच मई की रात से जो वह थमने के बजाय और गहराता जा रहा है। जिले में उन्हें आए दो जुलाई से 90 दिन ही हुए हैं लेकिन इस बीच तहसील कर्मियों से लेकर जनप्रतिनिधि और आम जनता से लेकर अधिवक्ताओं से हुए विवादों की संख्या लगभग 25 तक पहुंच चुकी है। इसमें कुछ की जांच चल रही है तो कई मौखिक शिकायतों के बाद समझौता होने पर निपट गए।

    वर्तमान में ताजा मामला सदर में अधिवक्ताओं की ओर से उन पर असभ्य बर्ताव करने के लगाए जा रहे आरोपों का है। वैसे इस पर रिंकू सिंह राही ने अपनी एक पोस्ट के जरिए स्पष्ट किया कि उन्होंने नियमानुसार काम किया। उनकी ओर से शनिवार को कोर्ट के समय किए जा रहे कार्यों व सुनवाई का दो घंटे 48 मिनट का वीडियो इंटरनेट मीडिया पर साझा किया गया है। रविवार को भी इंटरनेट मीडिया पर रिंकू सिंह ने एक पोस्ट डाली जिसमें कहाकि ‘जब न्यायालय की कार्यवाही आनलइन उपलब्ध की जा रही है, ऐसी स्थिति में लगातार लगाए जा रहे ऐसे आरोपों के लिए कार्यवाही के वीडियो से टाइम को चिन्हाकन करके साक्ष्य के तौर पर लिखना चाहिए, अन्यथा इन आरोपों को किस दृष्टि से देखा जाय, यह अलग प्रश्न है।

    जनपद में जालौन तहसील में पहली तैनाती की रात आईएएस रिंकू सिंह राही ने छह ट्रैक्टर ट्रालियों को अवैध मिट्टी खनन परिवहन में पकड़ा और चालान किया तो लोगों ने सराहा। छह मई को जालौन कस्बा में भ्रमण कर अतिक्रमण करने वालों को चेतावनी दी और कुछ को हटवाया भी। अगले दिन अतिक्रमण करने वालों से कहा कि एक से दस तक गिननी में पहली बार न हटे तो पांच हजार दूसरी बार गिनने पर न हटे तो पांच लाख जुर्माना देना होगा।

    इसके बाद कई व्यापारियों, हाथ ठेला वालों ने पहली शिकायत डीएम से की। इसके बाद कुठौंद-जालौन मार्ग पर ओवरलोड मौरंग लदे डंपर पकड़े तो एक चालकों से विवाद हो गया, जिसमें एक होमगार्ड घायल हो गया। इसके बाद तो जैसे विवादों की झड़ी लग गई। तहसील के कई कर्मियों ने अवकाश ले लिया और डीएम से शिकायत की कि रिंकू सिंह का अपशब्द कहते हैं, वह ऐसे में काम नहीं कर पाएंगे।

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    लेखपालों से मुकदमा दर्ज कराने की बात की तो उनकी ओर से भी शिकायत हुई। इसी तरह वकील, शिक्षक, व्यापारियों के साथ कुछ आम नागरिकों ने बर्ताव सही न करने की बात करके शिकायत की। इन मामलों की डीएम ने एडीएम वित्त एवं राजस्व राजीव राज को जांच दी और निराकरण कराया और बाद में इसी आधार पर उनका स्थानांतरण 30 जून को सदरतहसील में एसडीएम न्यायिक के पद पर हो गया।

    इससे पहले 23 जून की शाम भाजपा के जालौन ब्लाक प्रमुख राम राजा निरंजन के कोल्ड स्टोरेज में निरीक्षण के दौरान रिंकू सिंह ब्लाक प्रमुख को थप्पड़ मारने का प्रयास किया और धक्का दिया। इसके दो वीडियो साक्ष्य के तौर पर डीएम को देकर शिकायत की गई तो इसकी भी जांच एडीएम वित्त एवं राजस्व और अपर एसपी डा. ईशान सोनी को दी गई, जो अभी भी चल रही है।

    सदर तहसील में एसडीएम न्यायिक के पद पर कार्यरत रिंकू सिंह लगातार विवादों से चर्चा में हैं। यहां नगरपालिका के विकास कार्यों की जांच, फिर 23 जुलाई को शासन के नाम आधा काम का आधा वेतन का पत्र और डीएम के जनता दर्शन पर सवाल खड़ा करने जैसी उनकी पोस्ट इंटरनेट मीडिया पर प्रचलित हुईं। यह आंच ठंडी भी नहीं पड़ी कि पालिका की जांच को लेकर उन्हें पद से हटाने का विवाद आ गया।

    जांच टीम से एसडीएम न्यायिक को हटाए जाने का पत्र प्रचलित होने पर आरोप-प्रत्यारोप लगे। इस पूरे मामले को लेकर एडीएम प्रेमचंद्र मौर्य जहां अपनी बात पर अड़े रहे कि उन्होंने पत्र 17 जुलाई को जांच टीम से हटाने का पत्र रिंकू सिंह के कार्यालय भेजा जबकि रिंकू सिंह कहते रहे कि उन्हें ऐसा पत्र मिला ही नहीं। उन्हें तो 28 जुलाई को इंटरनेट मीडिया पर प्रचलित पत्र से यह जानकारी मिली।

    बीते शुक्रवार को डिस्ट्रिक्ट जालौन बार एसोसिएशन के उपाध्यक्ष ओमनारायण सिंह की ओर से डीएम को बताया गया कि एसडीएम न्यायिक द्वारा मुकदमों की सुनवाई की प्रक्रिया में वह वादकारियों व अधिवक्ता की अनुपस्थिति पर उनके खिलाफ एकपक्षीय निस्तारण की धमकी देते हैं। इसके बाद से विवाद और गहरा गया।

    वकीलों ने यहां तक कहा कि रिंकू सिंह की कार्यप्रणाली में सुधार नहीं होने पर तीन अगस्त से कोर्ट संबंधी कार्यों में अनिश्चितकाल तक के लिए सहयोग नहीं करते हुए काम ठप कर देंगे। मामले में रिंकू सिंह का कहना है कि उनकी ओर से नियमानुसार कार्य हो रहे हैं, उच्च न्यायालय द्वारा शिकायत निवारण की व्यवस्था है, किसी निर्णय से क्षुब्ध हैं तो अपील का अधिकार सुरक्षित है। वहां गलत निर्णय के लिए दंड की मांग भी कर सकते हैं।