आईएएस रिंकू सिंह राही का नया टकराव, अब उठाई कैडर ट्रांसफर की मांग, बोले- ‘देखता हूं कौन…’
आईएएस रिंकू सिंह राही का ब्लाक प्रमुख, वकील और अब वरिष्ठ कोषाधिकारी से टकराव हुआ है। उन्होंने कैडर ट्रांसफर के लिए अनुरोध किया है और भगत सिंह संबंधी वीडियो पर भी स्पष्टीकरण दिया है।

HighLights
आईएएस रिंकू सिंह राही का वरिष्ठ कोषाधिकारी से नया टकराव।
उन्होंने कैडर ट्रांसफर के लिए सचिव कार्मिक को पत्र भेजा।
भगत सिंह संबंधी वीडियो पर स्पष्टीकरण नोटिस का जवाब दिया।
जागरण संवाददाता, जालौन। जालौन तहसील में एसडीएम के पद पर तैनाती के दौरान लेखपाल, ब्लाक प्रमुख, शिक्षक और फिर उरई सदर में एसडीएम न्यायिक के पद पर तैनाती के बाद से ईओ, वकील के बाद अब आईएएस रिंकू सिंह राही का वरिष्ठ कोषाधिकारी से टकराव हो गया है।
उनका कहना है कि उन्होंने वेतन संबंधी जानकारी के लिए जब उन्हें फोन किया तो उन्होंने रिसीव नहीं किया। इंटरनेट मीडिया पर डाली गई पोस्ट में यह भी कहा कि जालौन से उन्हें हटाने के बाद कोल्ड स्टोरेज में उनका ब्लाक प्रमुख से हुए विवाद की जांच का क्या हुआ?
आईएएस रिंकू सिंह एक सप्ताह पहले ही कुछ और साक्ष्य जांच टीम को रजिस्ट्री के माध्यम से दे चुके हैं। जांच अधिकारी ने स्पष्ट कहा कि थोड़े-थोडे़ दिनों में रिंकू सिंह की ओर से साक्ष्य दिए जाने से जांच में देरी हो रही है।
वहीं बुधवार को रिंकू सिंह ने 31 जुलाई को सचिव कार्मिक एवं प्रशिक्षण को भेजे पत्र को दोबारा इंटरनेट मीडिया (एक्स) पर प्रसारित कर दिया, जिसमें अपने लिए कहीं और स्थानांतरित करने की बात कही गई है।
वीडियो में छेड़खानी का लगाया था आरोप
बिना काम के वेतन लेना नियम के विपरीत बताकर भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) से इस्तीफा देने वाले अधिकारी व उरई सदर में एसडीएम न्यायिक रिंकू सिंह राही ने सोमवार को फेसबुक पर एक पोस्ट डाली थी। उसमें पंद्रह अगस्त को उनके संबोधन के वीडियो में छेड़खानी की बात कही थी।
उन्होंने भगत सिंह को घर का बेकार लड़का कहा था, वीडियो में छेड़खानी करने वालों पर मुकदमा की मांग करते हुए कहा कि उनकी मंशा क्रांतिकारियों की ओर से देखे गए सपने और आज बदलते समाज को सही राह दिखाने की थी।
कोतवाली में दी तहरीर में वीडियो प्रसारित करने वाले पर मुकदमा व फुटेज भी चेक करने की मांग की। इस मामले में उन्हें स्पष्टीकरण नोटिस भी जारी हो चुका है। इससे पहले 30 से 35 साल पुराने हदबंदी, पैमाइश आदि के लंबित मामलों का जिक्र कर राजस्व परिषद को पत्र भेज चुके हैं।
30 जून को बनाया गया था एसडीएम न्यायिक
मालूम हो कि पांच मई को रिंकू सिंह की जालौन तहसील में एसडीएम के पद पर पहली तैनाती हुई थी। जालौन से भाजपा ब्लाक प्रमुख राम राजा निरंजन से विवाद के बाद उन्हें 30 जून को उरई में एसडीएम न्यायिक बनाया गया।
पालिका के कार्यों की जांच कर रही टीम से हटाए जाने पर शासन को आधा काम तो आधा वेतन, संबंधी लिखा पत्र व डीएम के जनता दर्शन पर सवाल उठाते हुए पोस्ट इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित की थी।
सदर तहसील में अधिवक्ताओं से भी रार चल रही है। बीते सोमवार रात को डाली पोस्ट में जालौन ब्लाक प्रमुख से विवाद की जांच व वरिष्ठ कोषाधिकारी की ओर से फोन न उठाने का जिक्र कर मनमाना रवैया अपनाने का आरोप लगाया था।
मेरे जैसे जिद्दी लोगों की छवि नकारात्मक
बुधवार को की गई पोस्ट में लिखा है कि हर बार संघर्ष की दिशा भटका दिए जाने के कारण मेरे जैसे जिद्दी लोगों की छवि नकारात्मक बनती जाती है। सभी दृष्टिकोण से मेरे लिए शायद यही बेहतर होगा कि किसी अन्य राज्य कैडर में जाकर सकारात्मक कार्य करने का अवसर मिले और मैं स्वयं को भी परख सकूं। अब देखना है कैडर ट्रांसफर के मेरे इस अनुरोध को कौन स्वीकार करता है।
रिंकू सिंह ने कहा कि दो दिन पहले भगत सिंह पर की गई टिप्पणी पर जो नोटिस मिला था उसका जवाब दे दिया है।
वरिष्ठ कोषाधिकारी आनंद कुमार सिंह ने कहा कि उनके पास जो भी काल जरूरी आती हैं उनका जवाब जरूर दिया जाता है।
