उरई में हत्या, दोस्त की हत्या कर भागा तेलंगाना, ट्रेन की टिकट से पकड़ा गया
उरई के भकरौल गांव में शराब पीने के दौरान हुए विवाद में एक दोस्त ने दूसरे की डंडे से पीटकर हत्या कर दी। हत्या के बाद आरोपित तेलंगाना भाग गया, जिसे पुलि ...और पढ़ें
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HighLights
उरई में शराब विवाद में दोस्त ने की दोस्त की हत्या
हत्या के बाद आरोपित तेलंगाना भाग गया था
पुलिस ने ट्रेन टिकट के आधार पर उसे पकड़ा
जागरण संवाददाता, उरई। नदीगांव थाना के भकरौल गांव में चार जुलाई को शराब पीने के दौरान दो दोस्तों के बीच विवाद होने पर मारपीट हो गई। पिटाई से आहत युवक ने अपने दोस्त की डंडा से प्रहार कर हत्या कर शव खेत में फेंक कर भाग गया। बाद में गांव छोड़ कर तेलंगाना चला गया।
मजदूर की पत्नी की तहरीर पर पुलिस ने चार लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करा दिया, लेकिन पुलिस की जांच में यह आरोपित हत्या में संलिप्त नहीं मिले। बाद में जांच के दौरान एक युवक पर शक गहराया तो पुलिस ने उसे हिरासत में लिया और अब पूछताछ में आरोपित ने अपना गुनाह स्वीकार कर लिया।
ग्राम भकरौल निवासी 45 वर्षीय राजकुमार चार जुलाई को मजदूरी पर जाने की बात कहकर घर से निकला था। रविवार देर रात वह वापस नहीं लौटा तो स्वजन ने रिश्तेदारों और आसपास के क्षेत्रों में तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। पांच जुलाई को करीब सात बजे कैमरा-अर्जुनपुरा मार्ग स्थित धर्मेंद्र सिंह बुंदेला के ज्वार के खेत में राजकुमार का शव मिलने की सूचना ग्रामीणों ने पुलिस को दी थी। अपर पुलिस अधीक्षक डा. ईशान सोनी व थानाध्यक्ष राजकुमार सिंह ने पहुंचकर जांच की थी।
मृतक की पत्नी सुमन ने गांव के ही रामप्रकाश, कुंवरपाल, सौरभ व लल्लू पर आरोप लगाया कि उनके पति को पहले शराब पिलाई गई और बाद में सिर पर डंडा व ईंट से प्रहार करके हत्या कर शव खेत में फेंक दिया। इस मामले में पुलिस ने चारों नामजद आरोपितों को हिरासत में लिया और पूछताछ की, लेकिन उनके विरुद्ध हत्या के संबंधित कोई साक्ष्य नहीं मिले तो पुलिस की जांच दूसरी तरफ मुड़ गई।
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पुलिस ने गांव में प्रत्येक व्यक्ति की जानकारी ली तो पता चला कि गांव का 32 वर्षीय सोनू पाल उर्फ महते चार जुलाई से गायब है। पुलिस ने उसकी लोकेशन लगाई लेकिन फोन का प्रयोग न करने पर उसकी लोकेशन नहीं मिली। किसी तरह पुलिस का उससे संपर्क हुआ तो सोनू पाल ने पुलिस को फोन पर बताया था कि वह हत्या से पहले ही गांव से चला आया था। पुलिस ने उससे कहा कि जाने वाला टिकट भेजो तो पुलिस को उसने टिकट भेजा जिसमें 6 जुलाई लिखा था। इस पर पुलिस को उस पर शक गहरा गया था।
रविवार को वह गांव आया तो पुलिस को इसकी भनक लग गई। रात में चेकिंग के दौरान उसे गिरफ्तार किया तो उसने पूरी घटना बता दी। कहा कि राजकुमार ने उसके साथ मारपीट कर गाली गलौज की तो पास में पड़े डंडा से उसके सीने में प्रहार कर दिया जिससे उसकी मौत हो गई। पुलिस ने आरोपित के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया।
घटना के बाद से ही पुलिस सही आरोपित की तलाश के लिए छापेमारी कर रही थी। हत्या के मुकदमा में मुख्य आरोपित का नाम बढ़ाते हुए उसे जेल भेजा गया है।
-विनय कुमार सिंह, पुलिस अधीक्षक