जालौन में बारिश से रपटा डूबे, कई गांवों में गिरे कच्चे घर; निचले इलाकों में जलभराव से लोग परेशान
उरई में लगातार बारिश से जलभराव, कीचड़ और रपटों पर पानी चलने से जनजीवन अस्त-व्यस्त है। माधौगढ़ में पेड़ गिरने ...और पढ़ें

HighLights
उरई में मलंगा नाले का पानी पुल के ऊपर बह रहा।
माधौगढ़ में 50 साल पुराना पेड़ गिरने से सड़क बंद।
डकोर में कच्चा घर ढहा, परिवार को भारी नुकसान हुआ।
जागरण संवाददाता, उरई। बारिश भले ही गुरुवार रात से नहीं हुई है लेकिन अभी भी जलभराव व रपटों के ऊपर से पानी चलने के कारण लोगों की मुसीबत कम नहीं हुई है। हालत यह है कि नई बस्तियों में बारिश के कारण कीचड़ व जलभराव बना हुआ है। शहर के पटेल नगर, राजेंद्र नगर, शांति नगर व उमरारखेड़ा में सबसे अधिक परेशानी है।
शहर में बजरिया के पास से निकला मलंगा नाले का पानी पुल के ऊपर से चल रहा है। जिस कारण लोगों को आवागमन बाधित है। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में भी कच्चे घरों का गिरना जारी है जिससे लोगों की गृहस्थी का सामान खराब हो रहा है।
शहर के बजरिया स्थित टड़वा के पास से निकले मलंगा नाले के ऊपर से पानी चल रहा है। कई दिनों के बारिश के कारण मलंगा का पानी बढ़ गया है। इस कारण रात के समय यहां से निकलने वालों को नाले में गिरने का खतरा बना हुआ है। साथ ही नाला किनारे रहने वाले लोग अपने बच्चों को नाले की तरफ नहीं जाने दे रहे हैं। पिछले साल एक युवक की नाले में बहकर मौत हो चुकी है। साथ ही अन्य बस्तियों में भी जलभराव व कीचड़ है जिससे लोग परेशान हो रहे हैं।
बीच सड़क पर गिरे पेड़ को पांच दिन में नहीं हटाया
माधौगढ़। कस्बा से जमरेही अव्वल जाने वाली सड़क पर बारिश की वजह से हैदलपुरा के पास 50 साल पुराना पाखड़ का पेड़ गिर गया जिसे पांच दिन होने बाद भी हटाया नहीं गया है। इस कारण इस सड़क से पैदल व वाहन चालकों का आवागमन पूरी तरह से बंद है।
ग्रामीण अमित कुशवाहा, अंशू श्रीवास्तव, विपिन कुमार, रमाकांत, नरेंद्र, वीरेंद्र, आशीष कुमार ने एसडीएम मनोज प्रकाश को शिकायत देते हुए बताया कि हैदलपुरा के पास मुख्य मार्ग पर पाखड़ के पेड़ को हटवाया जाए जिससे आवागमन हो सके। एसडीएम ने रेंजर रंजीत सिंह को रास्ते से पेड़ हटाने के निर्देश दिए हैं। जिससे कि आवागमन को सुचारु कराया जा सके।
घर गिरने से गृहस्थी हुई खराब
डकोर। थाना क्षेत्र के ग्राम ऐर में मटरू याज्ञिक कई सालों से कच्चे मकान में रह रहे हैं। लगातार हो रही बारिश से दीवारों में सीलन आ गई थी। रात करीब 9 बजे दीवारों में दरार आई और देखते ही देखते कच्चा मकान गिर गया। मकान गिरने से अनाज, बर्तन, कपड़े, चारपाई सब मलबे में दब गया।
परिवार के पास अब सिर्फ एक कच्चा कमरा बचा है। जिसमें वह रात के समय सो रहे थे। पीड़ित की पत्नी मुन्नी देवी और पुत्र आकाश ने बताया कि दूसरे कमरे के भी गिरने का डर है। पीड़ित परिवार ने जिला प्रशासन से मुआवजा और आवास दिलाने की मांग की है।
घर गिरने का लगातार लेखपाल सर्वे कर रहे हैं जिससे कि पीड़ितों को समय पर मुआवजा दिलाया जा सके। बारिश से इस बार काफी नुकसान हुआ है। -राजीव राज, एडीएम
