विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

रिंकू सिंंह राही फिर सुर्खियों में, X पर लिखा- भ्रष्टाचार रोक नहीं सकता, उजागर कर ऑन रिकॉर्ड तो ला सकता हूं

Published: Tue, 01 Sep 2026 03:48 PM (IST)

रिंकू सिंह राही ने श्रमायुक्त व परिवहन आयुक्त को पत्र लिखकर जालौन कलेक्ट्रेट में वाहन आउटसोर्सिंग में भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है।

उरई सदर में एसडीएम न्यायिक रिंकू सिंह राही। (तस्वीर- फाइल)

उरई सदर में एसडीएम न्यायिक रिंकू सिंह राही। (तस्वीर- फाइल)

timer icon

समय कम है?

जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

संक्षेप में पढ़ें

जागरण संवाददाता, जालौन। बिना काम के वेतन लेना नियम के विपरीत बताकर भारतीय प्रशासनिक सेवा (आइएएस) से इस्तीफा देने वाले अधिकारी व उरई सदर में एसडीएम न्यायिक रिंकू सिंह राही ने सोमवार को श्रमायुक्त और परिवहन आयुक्त को एक पत्र लिखा।

उस पत्र को आधी रात के करीब एक्स पर पोस्ट भी कर दिया। पत्र संबंधित पोस्ट भी लिखकर कहा कि पता नहीं क्यों, लेकिन भ्रष्टाचार है कि पीछा नहीं छोड़ता। जहां देखो वहीं पर मौजूद है। अभी कलेक्ट्रेट, जालौन से आउटसोर्स पर गाड़ी मिली है। इस आउटसोर्स में भी गजब का भ्रष्टाचार है।

ड्राइवर आदि का खुलेआम शोषण भी है। बस जिसे टेंडर देना हो, उस फर्म से कम रेट डलवा दो और एलवन बना दो, बाकी काम, कागजों पर ही हो जाएगा तो जो रेट डाले हैं, वे भी बहुत ज्यादा हैं। भ्रष्टाचार रोक नहीं सकता तो उजगार कर ऑन द रिकॉर्ड ला ही सकता हूं।

इससे पहले भी कई पत्र हुए वायरल

इससे पहले भी उनकी ओर से कई पत्र व पोस्ट इंटरनेट मीडिया पर लिखे व की जा चुकी हैं। इससे पूर्व तहरीर रिसीव न करने का आरोप लगा 17 अगस्त को सदर कोतवाल आनंद कुमार के खिलाफ पुलिस महानिदेशक को कार्रवाई की मांग कर पत्र भेजा था।

आरोप था कि पंद्रह अगस्त को भगत सिंह के विषय में उनके संबोधन के वीडियो में छेड़छाड़ की गई। मामले में जब 17 अगस्त को कोतवाली में उनका अर्दली तहरीर लेकर गया तो उसे रिसीव नहीं किया गया।

तहरीर में उन्होंने गलत ढंग से वीडियो प्रसारित करने वाले के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने व मानहानि की धारा में मुकदमा दर्ज करने की मांग की थी।

Image

बाद में इंटरनेट मीडिया पर 30 से 35 साल पुराने हदबंदी, पैमाइश आदि के मामले लंबित होने का जिक्र कर पोस्ट करने के साथ तहसीलदार, नायब तहसीलदार पर कार्रवाई की संस्तुति कर राजस्व परिषद को भी पत्र लिखा था। 19 अगस्त को उन्होंने सचिव कार्मिक को पत्र भेज कर अपना कैडर बदल कर स्थानांतरण की मांग कर दी।

आउटसोर्सिंग व्यवस्था में भ्रष्टाचार पर उठाए सवाल

भेजे पत्र में रिंकू सिंह ने शासकीय वाहनों की आउटसोर्सिंग व्यवस्था में भ्रष्टाचार के कारण सेवा प्रदाता संविदाकार के स्थान पर दलाल व बिचौलिया बनाए जाने तथा उससे उत्पन्न परिवहन एवं श्रम आदि संबंधी अनियमितताओं के संबंध में लिखा कि अवगत कराना कि कार्यालय जिलाधिकारी नाजिर की ओर से 25 अगस्त को जैम पोर्टल से चयनित आउटसोर्सिंग एजेंसी हनी इंटरप्राइजेज, मैनपुरी द्वारा वाहन बोलेरो उपलब्ध कराया गया है।

जिसके सापेक्ष प्रथम दृष्टया ही विभिन्न पंजीकरण (पीली नंबर प्लेट) आदि न होने को इंगित करने के साथ ही वापस किए जाने पर भी पुनः 27 अगस्त को समान वाहन उपलब्ध कराया गया था।

उपलब्ध कराया गया वाहन बिना पीली नंबर प्लेट के हैं। यदि सरकारी कार्य के लिए आउटसोर्स किए गए वाहन के लिए पीली नंबर प्लेट अनिवार्य हैं, तो ऐसी स्थिति में उसका सरकारी कार्य में उपयोग परिवहन नियमों व अनुबंधीय शर्तों के अनुपालन का गंभीर विषय है।

चालक को मिलने वाली छह हजार रुपये मजदूरी भुगतान कई महीनों तक लंबित रहती है। कम दर से निविदा प्राप्त करना सरकारी कार्यालयों की मिलीभगत से होता है। यह आश्वस्त किया जाता है कि मानक केवल कागजी दिखावे के लिए हैं। उन्होंने इस तरह हो रहे भ्रष्टाचार मामले की जांच कराने की मांग की है।

रिंकू सिंह राही ने आगे लिखा कि जो व्यवस्था कलेक्ट्रेट जैसे सरकारी कार्यालयों तक में वर्षों से खुलेआम कम दर, गैर-व्यावसायिक वाहनों व चालक का शोषण करना नियम विरुद्ध है। अतः अनुरोध है कि इस तरह उपलब्ध कराए गए वाहन के संबंध में जांच कर कार्रवाई कराएं।

आगे पोस्ट में लिखा कि एक वरिष्ठ शुभचिंतक से बात हुई, उन्होंने बड़े अचंभे वाली बातें बताईं। जिले के मेरे बास ने मेरे खिलाफ एकदम पूरी ताकत लगा दी है, मुझे बर्बाद करने के लिए, लखनऊ तक भी।

लखनऊ में मिलने व बुलाने के बाद तो उनकी पूरी कोशिश है कि मुझे सरकार और राजनीतिक पार्टी का घुरविरोधी सिद्ध कर दें। इस बात पर आश्चर्य था कि आखिर सभी मेरे खिलाफ उनका साथ देने को तैयार हो गए हैं या फिर एकदम उदासीन हो गए हैं। आगे लिखा कि सब कुछ लुटाने की तमन्ना, अब हमारे दिल में है।

यह भी पढ़ें- जालौन की कोंच नगर पालिका में 82.73 करोड़ का बजट पास, विकास कार्यों का रास्ता साफ