जौनपुर के आशीष ने PM मोदी से किया संवाद, दुनिया के सबसे ऊंचे पोस्ट ऑफिस 'हिक्किम' से पत्र भेजने का अनुभव किया साझा
जौनपुर के आशीष सोनी ने प्रधानमंत्री मोदी से वर्चुअल संवाद में हिक्किम पोस्ट ऑफिस से पत्र भेजने का अनुभव साझा किया। ...और पढ़ें

पीएम मोदी और कलेक्ट्रेट स्थित एनआईसी में विकसित वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम के तहत प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से संवाद करते युवा
HighLights
आशीष सोनी ने प्रधानमंत्री मोदी से हिक्किम अनुभव साझा किया।
दुनिया के सबसे ऊंचे पोस्ट ऑफिस हिक्किम से भेजा पत्र।
डिजिटल इंडिया की पहुंच और सीमावर्ती विकास पर चर्चा।
जागरण संवाददाता, जौनपुर। युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय के अधीन मेरा युवा भारत , गृह मंत्रालय व भारत-तिब्बत सीमा पुलिस के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित विकसित वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम में जनपद के बदलापुर क्षेत्र स्थित तियरा गांव निवासी आशीष सोनी को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ आयोजित वर्चुअल संवाद कार्यक्रम में भाग लेने का अवसर प्राप्त हुआ।
रविवार को संवाद के दौरान प्रधानमंत्री ने आशीष से हिंमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति जिले में स्थित विश्व के सबसे ऊंचे पोस्ट ऑफिस 'हिक्किम' (15,000 फीट से अधिक ऊंचाई) के उनके अनुभव के बारे में पूछा। आशीष ने अपने अनूठे अनुभव को प्रधानंत्री से साझा किया।
उन्होंने प्रधानमंत्री को बताया कि जब मैं दुनिया के सबसे ऊंचे पोस्ट ऑफिस हिक्किम पर पहुंचा, तो मुझे लगा कि लोकेशन आउट ऑफ कवरेज हो गया है, लेकिन यह देश आउट ऑफ कनेक्शन नहीं होता सर। मैंने स्पेशली अपने 'फ्रेंड' प्रधानमंत्री जी को एक पत्र लिखा और उनका बहुत-बहुत आभार व्यक्त किया कि आप युवाओं को देश का नेतृत्व करने का अवसर देते हैं।
आशीष सोनी ने प्रधानमंत्री को बताया कि 15,000 फीट की अत्यधिक ऊंचाई पर भी क्यूआर कोड आधारित डिजिटल भुगतान प्रणाली सुचारू रूप से कार्य कर रही है। यह इस बात का प्रत्यक्ष प्रमाण है कि डिजिटल इंडिया मिशन की पहुंच देश की सबसे दुर्गम और सीमावर्ती बस्तियों तक गहराई से हो चुकी है।
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इसके अलावा, आशीष ने सीमावर्ती क्षेत्र में बने 'चिचम पुल' के महत्व को रेखांकित करते हुए बताया कि इस बुनियादी ढांचे के निर्माण से स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों और 'नाइट टूरिज्म' को अभूतपूर्व बढ़ावा मिला है। उन्होंने स्थानीय ग्रामीणों को प्रधानमंत्री मुद्रा योजना व दीनदयाल अंत्योदय योजना के प्रति जागरूक करने के अपने प्रयासों का भी उल्लेख किया, जिस पर प्रधानमंत्री ने प्रसन्नता व्यक्त की।
2.7 लाख युवाओं के बीच से हुआ कठिन चयन
इस कार्यक्रम के लिए प्रतिभागियों का चयन एक राष्ट्रव्यापी ऑनलाइन क्विज़ के माध्यम से किया गया था, जिसमें देशभर से लगभग 2.7 लाख युवाओं ने भाग लिया। मेधा के आधार पर अंतिम रूप से मात्र 403 युवाओं का चयन हुआ, जिनमें जौनपुर से आशीष सोनी ने स्थान बनाया।
लखनऊ में रहकर सिविल सर्विसेज की तैयारी कर रहे आशीष के पिता प्रेम चंद्र सोनी की आभूषण की दुकान है, जबकि मां गीता सोनी गृहिणी हैं। जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में हुए इस संवाद को आशीष ने अपने जीवन का अविस्मरणीय क्षण बताया।