यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 27, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Pahalgam Attack: फेसबुक लाइव का झांसा देकर आतंकियों को था भरमाया, अब इस बात को लेकर सता रही चिंता
जौनपुर की एकता तिवारी ने पहलगाम में आतंकी हमले से पहले दो आतंकियों को फेसबुक लाइव का झांसा देकर चकमा दिया। बहस के दौरान एकता ने फेसबुक लाइव करने का ना ...और पढ़ें

HighLights
- आतंकियों की पहचान करने वाली युवती अपने परिवार की सुरक्षा को लेकर चिंतित
- मुख्यमंत्री हेल्पलाइन व पुलिस ने फोन कर किसी भी प्रकार की सहायता के लिए पूछा
जागरण संवाददाता, जौनपुर। पहलगाम में आतंकी हमले की घटना से दो दिन पहले एकता तिवारी की झड़प जब दो आतंकियों (जिन्हें हमले के बाद जारी स्केच से पहचाना) से हुई थी तो उन्होंने फेसबुक पर लाइव होने का झांसा देकर उन दोनों को गच्चा दिया था। तब आतंकी इधर-उधर हो गए थे।
एकता की शिनाख्त पर एक संदिग्ध आतंकी की गिरफ्तारी के बाद अब परिवार वाले भयभीत हैं और अपरिचित नंबरों से आ रहे फोन काल से असहज हैं। शनिवार को बच्चों को स्कूल नहीं भेजा। इस बीच जिला प्रशासन और मुख्यमंत्री हेल्पलाइन की ओर से उनसे संपर्क कर किसी भी प्रकार की सहायता के बारे में पूछा गया है।
पूर्व एसबीआइ कर्मचारी एकता 13 अप्रैल को परिवार व दोस्तों के साथ 20 लोगों के ग्रुप में कश्मीर के लिए रवाना हुई थीं। वैष्णोदेवी के दर्शन के बाद सभी 20 अप्रैल को पहलगाम पहुंचे। वे खच्चर से बैसरन (जहां 22 अप्रैल को आतंकी हमला हुआ) जा रहे थे।
इसे भी पढ़ें- Pahalgam Attack: 'प्लान-A फेल हो गया,कोड वर्ड में कहा...' आतंकियों का स्केच देख पहचानी UP की महिला, बताई सच्चाई
बैसरन से लगभग 500 मीटर पहले खच्चर वाले बने दो आतंकियों के साथ उनकी बहस हो गई। दोनों ने उनका धर्म पूछा और बदसुलूकी की। एकता के अनुसार, उन्हें किसी ने बताया था कि कभी ऐसी मुसीबत आए तो फेसबुक पर लाइव हो जाना चाहिए।
खबरें और भी

पहलगाम हमले के आतंकियों को एक महिला ने पहचाना। जागरण
हालांकि उनका सिम वहां काम नहीं कर रहा था, लेकिन यह बात आतंकियों को नहीं पता थी। उन्होंने चिल्ला कर अपने छोटे भाई से फेसबुक लाइव करने को कहा तो उसने यूं ही वीडियो बनाना शुरू कर दिया। इसके बाद आतंकी इधर-उधर हो गए। तब ग्रुप के लोग वहां से वापस लौट गए।
इसे भी पढ़ें- थाने में युवक को बेल्ट से पीटने वाले दारोगा पर चला एसपी का हंटर, पुलिस विभाग में खलबली
एकता का कहना है कि दोनों आतंकी करीब आधे घंटे उनके साथ थे। दोनों बहुत कम बोल रहे थे लेकिन बार-बार ऊपर चलने के लिए दबाव बना रहे थे। अब लग रहा है कि यदि उनके ग्रुप के लोग बैसरन घाटी चले गए होते तो कुछ भी हो सकता था।
एकता ने बताया कि बेटा नर्सरी और बेटी प्ले ग्रुप में है। भयवश दोनों बच्चों को स्कूल नहीं भेज रही हैं। पुलिस अधीक्षक डा. कौस्तुभ घर आए थे और वीडियो काल पर श्रीनगर में सुरक्षा एजेंसियों के अफसरों से बात कराई थी।